पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, CDLU को डॉ. सुरेंद्र की सेवा नियमितीकरण याचिका पर 3 महीने में फैसला करने का निर्देश

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के फैसले के संदर्भ में मामले पर विचार करने को कहा

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा को डॉ. सुरेंद्र के सेवा नियमितीकरण के दावे पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की।

 

CDLU को तीन महीने में निर्णय लेने का निर्देश

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU), सिरसा को डॉ. सुरेंद्र की सेवा नियमितीकरण संबंधी मांग पर तीन महीने के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया।

यह आदेश जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने डॉ. सुरेंद्र की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता ने अपनी सेवाओं को नियमित किए जाने की मांग की थी।

डॉ. सुरेंद्र ने क्या दावा किया?

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि उनकी नियुक्ति स्वीकृत एवं रिक्त पद के खिलाफ पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह 12 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं।

सुनवाई के दौरान डॉ. सुरेंद्र ने अपनी मांग को सीमित करते हुए अदालत से केवल यह आग्रह किया कि विश्वविद्यालय उनके नियमितीकरण के दावे पर सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के फैसले के आधार पर विचार करे।

विश्वविद्यालय की ओर से पेश वकील ने इस अनुरोध का विरोध नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया गया हवाला

मामले में Madan Singh and Others vs State of Haryana and Others में सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के फैसले का हवाला दिया गया।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार की 16 जून और 18 जून 2014 की नियमितीकरण अधिसूचनाओं को बरकरार रखा था। हालांकि, इनका लाभ सक्षम प्राधिकारी द्वारा आवश्यक सत्यापन के अधीन रहेगा।

हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर नहीं की टिप्पणी

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने डॉ. सुरेंद्र के नियमितीकरण के दावे के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।

अदालत ने याचिका को एक व्यापक अभ्यावेदन (comprehensive representation) के रूप में मानने का निर्देश दिया। इसके बाद CDLU को संबंधित दावे पर कानून और लागू प्रावधानों के अनुसार निर्णय लेना होगा।

डॉ. सुरेंद्र को अपना पक्ष रखने और सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद विश्वविद्यालय को कारणयुक्त आदेश (reasoned order) पारित करना होगा।

Key Highlights:

  • पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने CDLU, सिरसा को निर्देश दिया।
  • डॉ. सुरेंद्र के नियमितीकरण के दावे पर 3 महीने में फैसला करना होगा।
  • याचिकाकर्ता ने 12 वर्ष से अधिक सेवा पूरी करने का दावा किया।
  • नियुक्ति स्वीकृत रिक्त पद और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत होने का दावा किया गया।
  • मामले में सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के फैसले का हवाला दिया गया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 16 और 18 जून 2014 की हरियाणा की नियमितीकरण अधिसूचनाओं को बरकरार रखा था।
  • CDLU को डॉ. सुरेंद्र को सुनवाई का अवसर देना होगा।
  • विश्वविद्यालय को कारणयुक्त आदेश जारी करना होगा।
  • हाईकोर्ट ने मामले के अंतिम गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की।

FAQ Section:

हाईकोर्ट ने CDLU को क्या निर्देश दिया?

हाईकोर्ट ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय को डॉ. सुरेंद्र के सेवा नियमितीकरण के दावे पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

डॉ. सुरेंद्र ने नियमितीकरण की मांग क्यों की?

याचिकाकर्ता का दावा है कि उनकी नियुक्ति स्वीकृत रिक्त पद पर पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए हुई थी और उन्होंने 12 वर्ष से अधिक सेवा पूरी की है।

मामले में किस सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया?

याचिकाकर्ता ने Madan Singh and Others vs State of Haryana and Others मामले में सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के फैसले का हवाला दिया।

क्या हाईकोर्ट ने डॉ. सुरेंद्र को नियमित करने का आदेश दिया है?

नहीं। हाईकोर्ट ने सीधे नियमितीकरण का आदेश नहीं दिया है। विश्वविद्यालय को उनके दावे पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विचार करके कारणयुक्त निर्णय लेने को कहा गया है।

CDLU को निर्णय लेने से पहले क्या करना होगा?

विश्वविद्यालय को डॉ. सुरेंद्र को सुनवाई का अवसर देना होगा और इसके बाद उनके दावे पर कारणयुक्त आदेश पारित करना होगा।

Conclusion:
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डॉ. सुरेंद्र के सेवा नियमितीकरण के दावे पर सीधे कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत ने CDLU, सिरसा को याचिका को व्यापक अभ्यावेदन मानते हुए सुप्रीम कोर्ट के संबंधित फैसले और लागू प्रावधानों के आधार पर तीन महीने में कारणयुक्त निर्णय लेने का निर्देश दिया है।Screenshot_143

Edited By: Atul Sharma

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