करतारपुर कॉरिडोर फिलहाल नहीं खुलेगा, सुरक्षा स्थिति को लेकर केंद्र का बड़ा बयान

ऑपरेशन सिंदूर के बाद मई 2025 से बंद है कॉरिडोर, केंद्र ने कहा- मौजूदा सुरक्षा हालात में दोबारा खोलना संभव नहीं

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करतारपुर कॉरिडोर के दोबारा खुलने का इंतजार कर रहे सिख श्रद्धालुओं को फिलहाल राहत नहीं मिली है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए कॉरिडोर को बंद रखने की बात दोहराई है।

करतारपुर कॉरिडोर पर फिलहाल जारी रहेगी पाबंदी

भारत से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर जाने वाला करतारपुर कॉरिडोर फिलहाल भारतीय श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। केंद्र सरकार ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए इसके दोबारा संचालन को लेकर अभी कोई समयसीमा नहीं बताई है। अगस्त 2026 में विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया था कि कॉरिडोर की सेवाएं मौजूदा सुरक्षा वातावरण के कारण निलंबित हैं।

मई 2025 से बंद है कॉरिडोर

करतारपुर कॉरिडोर को 7 मई 2025 से भारतीय पक्ष की ओर से बंद किया गया था। इसके बाद से श्रद्धालुओं के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा निलंबित है। अगस्त 2026 में लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री की ओर से भी कहा गया था कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण कॉरिडोर बंद रखना जरूरी है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा को लेकर फैसला

सरकार की ओर से कॉरिडोर को बंद रखने के पीछे सुरक्षा स्थिति को मुख्य कारण बताया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को जारी प्रक्रिया बताया है और सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भी मौजूदा सुरक्षा माहौल को ध्यान में रखने की बात कही है।

सिख संगठनों ने की दोबारा खोलने की मांग

करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग लगातार सिख धार्मिक संगठनों और प्रतिनिधियों की ओर से उठाई जा रही है। SGPC ने अप्रैल 2026 में भी केंद्र सरकार से कॉरिडोर को जल्द खोलने की मांग की थी और कहा था कि लंबे समय से बंद रहने के कारण सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो रही हैं।

जुलाई 2026 में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कॉरिडोर को दोबारा खोलने की अपील की थी। कमेटी ने सुरक्षा और कूटनीतिक व्यवस्थाओं को पूरा करने के बाद यात्रा बहाल करने की मांग रखी थी।

पाकिस्तान की तरफ से कॉरिडोर खुला होने का दावा

भारत की ओर से कॉरिडोर बंद होने के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी तरफ से रास्ता खुला रखने की बात कही है। पाकिस्तान की ओर से यह भी कहा गया है कि धार्मिक यात्रा को राजनीतिक परिस्थितियों से अलग रखा जाना चाहिए।

करतारपुर कॉरिडोर का क्या है महत्व?

करतारपुर कॉरिडोर पंजाब के डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर से जोड़ता है। इसका उद्घाटन नवंबर 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर किया गया था।

कॉरिडोर के जरिए भारतीय श्रद्धालुओं को बिना पाकिस्तानी वीजा के करतारपुर साहिब जाने की सुविधा मिली थी। इसके संचालन के बाद करीब 1.3 लाख श्रद्धालु इस मार्ग का इस्तेमाल कर चुके हैं।

2020 में कोरोना महामारी के दौरान भी कॉरिडोर को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। बाद में इसे दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन मई 2025 में सुरक्षा कारणों से फिर से निलंबित कर दिया गया।

डेरा बाबा नानक में श्रद्धालुओं की अरदास

हाल ही में करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग को लेकर डेरा बाबा नानक में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज के नेतृत्व में सिख श्रद्धालुओं ने जीरो लाइन के पास अरदास करने का प्रयास किया था। BSF ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं को वास्तविक जीरो लाइन तक जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बैरिकेड के पास बैठकर अरदास और शबद कीर्तन किया।

Key Highlights:

  • करतारपुर कॉरिडोर भारतीय श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल बंद रहेगा।
  • 7 मई 2025 से कॉरिडोर की सेवाएं निलंबित हैं।
  • केंद्र सरकार ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को बंद रखने का कारण बताया है।
  • SGPC और अन्य सिख संगठनों की ओर से कॉरिडोर खोलने की मांग जारी है।
  • कॉरिडोर डेरा बाबा नानक को करतारपुर साहिब से जोड़ता है।
  • नवंबर 2019 में कॉरिडोर का उद्घाटन हुआ था।
  • करीब 1.3 लाख श्रद्धालु इसके जरिए करतारपुर साहिब की यात्रा कर चुके हैं।
  • हाल ही में डेरा बाबा नानक में कॉरिडोर खोलने के लिए अरदास का प्रयास भी किया गया था।

FAQ Section:

करतारपुर कॉरिडोर कब से बंद है?
करतारपुर कॉरिडोर की सेवाएं भारतीय पक्ष से 7 मई 2025 से निलंबित हैं।

करतारपुर कॉरिडोर क्यों बंद है?
केंद्र सरकार ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को कॉरिडोर बंद रखने का कारण बताया है। अगस्त 2026 में विदेश मंत्रालय ने भी यही स्थिति दोहराई थी।

करतारपुर कॉरिडोर किन स्थानों को जोड़ता है?
यह कॉरिडोर पंजाब के डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर से जोड़ता है।

क्या करतारपुर जाने के लिए वीजा लगता था?
कॉरिडोर के जरिए भारतीय श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा मिलती थी, निर्धारित प्रक्रियाओं और व्यवस्था के तहत।

अब तक कितने श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर से जा चुके हैं?
उपलब्ध सरकारी/मीडिया जानकारी के अनुसार कॉरिडोर के संचालन के बाद करीब 1.3 लाख श्रद्धालुओं ने इसके जरिए यात्रा की है।

क्या सिख संगठनों ने कॉरिडोर खोलने की मांग की है?
हां। SGPC और अन्य सिख संगठनों ने कई मौकों पर केंद्र सरकार से कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग की है।

Conclusion:
करतारपुर कॉरिडोर को लेकर फिलहाल केंद्र सरकार का रुख सुरक्षा स्थिति से जुड़ा हुआ है और भारतीय श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बहाल करने की कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है। दूसरी ओर, SGPC और अन्य सिख संगठनों की ओर से कॉरिडोर को जल्द खोलने की मांग लगातार जारी है। आने वाले समय में इसके संचालन का फैसला सुरक्षा और भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।Screenshot_154

Edited By: Atul Sharma

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