पंजाब में पंचायतों और नगर निकायों के लिए मजबूत वित्तीय ढांचे पर जोर, CM मान ने 7वें वित्त आयोग से की बड़ी उम्मीदें

सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन और स्थानीय निकायों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर दिया जोर

On

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए बेहतर वित्तीय ढांचे की जरूरत बताई। सातवें पंजाब वित्त आयोग को करों और शुल्कों के बंटवारे समेत कई अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।

 

स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती पर CM मान का जोर

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए मजबूत एवं टिकाऊ वित्तीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिरता के लिए राज्य में अनुशासित वित्तीय व्यवस्था और मजबूत वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने यह बात नवगठित सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने आयोग से स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के लिए व्यावहारिक और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें करने की अपेक्षा जताई।

7वें पंजाब वित्त आयोग का गठन

सातवें पंजाब वित्त आयोग का गठन पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव के. शिव प्रसाद की अध्यक्षता में किया गया है। आयोग का गठन पंजाब वित्त आयोग फॉर पंचायत्स एंड म्युनिसिपैलिटीज एक्ट, 1994 की धारा 3(1) के तहत किया गया है।

आयोग में शौकत राय को विशेषज्ञ सदस्य बनाया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग और स्थानीय निकाय विभाग के प्रशासनिक सचिव पदेन सदस्य होंगे, जबकि विशेष सचिव, वित्त को पदेन सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

पंचायतों और नगरपालिकाओं के बीच संसाधनों के बंटवारे पर सिफारिश

मुख्यमंत्री के अनुसार, आयोग का एक प्रमुख दायित्व राज्य और पंचायतों/नगरपालिकाओं के बीच करों, शुल्कों, रोड टैक्स, टोल और अन्य राजस्व से प्राप्त राशि के बंटवारे को लेकर सिफारिश करना है।

इसके अलावा, विभिन्न स्तरों पर पंचायतों और नगरपालिकाओं के बीच उनके हिस्से के संसाधनों के वितरण के संबंध में भी आयोग सिफारिशें करेगा।

स्थानीय निकायों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर भी फोकस

आयोग को पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति बेहतर बनाने के उपाय सुझाने की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसमें गैर-उत्पादक राजस्व खर्च को कम करने, प्रशासनिक क्षमता सुधारने और पूंजीगत संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए तकनीकी सहायता से जुड़े सुझाव शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों की बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए संसाधनों के वितरण की व्यवस्था पारदर्शी, न्यायसंगत और टिकाऊ होनी चाहिए।

30 सितंबर 2027 तक रिपोर्ट देगी आयोग

सातवां पंजाब वित्त आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि को कवर करते हुए अपनी रिपोर्ट 30 सितंबर 2027 तक उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग को अपने निष्कर्षों और सिफारिशों के आधार को भी स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहिए।

Key Highlights:

  • CM भगवंत सिंह मान ने स्थानीय निकायों के मजबूत वित्तीय ढांचे पर जोर दिया।
  • सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ मुख्यमंत्री ने बैठक की।
  • आयोग की अध्यक्षता पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव के. शिव प्रसाद कर रहे हैं।
  • आयोग राज्य और पंचायतों/नगरपालिकाओं के बीच करों, शुल्कों और अन्य राजस्व के बंटवारे पर सिफारिश करेगा।
  • पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के उपाय भी सुझाए जाएंगे।
  • गैर-उत्पादक राजस्व खर्च कम करने और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने पर भी विचार होगा।
  • आयोग की रिपोर्ट 30 सितंबर 2027 तक उपलब्ध कराई जानी है।
  • रिपोर्ट में 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि को कवर किया जाएगा।

FAQ Section:

पंजाब में सातवें वित्त आयोग का गठन क्यों किया गया है?

आयोग का उद्देश्य राज्य और स्थानीय निकायों के बीच राजस्व के बंटवारे तथा पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सिफारिशें देना है।

सातवें पंजाब वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?

पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव के. शिव प्रसाद को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।

आयोग किन राजस्व स्रोतों पर सिफारिश करेगा?

आयोग करों, शुल्कों, रोड टैक्स, टोल और राज्य द्वारा लगाए जाने वाले अन्य शुल्कों से प्राप्त राजस्व के बंटवारे पर सिफारिश कर सकता है।

आयोग अपनी रिपोर्ट कब देगा?

आयोग को अपनी रिपोर्ट 30 सितंबर 2027 तक उपलब्ध करानी है।

आयोग की रिपोर्ट कितनी अवधि को कवर करेगी?

रिपोर्ट 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि को कवर करेगी।

Conclusion:
पंजाब सरकार ने सातवें वित्त आयोग के जरिए पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए राजस्व बंटवारे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर सिफारिशों की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आयोग से स्थानीय संस्थाओं की आर्थिक स्थिति, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए सुझाव देने को कहा है।Screenshot_147

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

महिलपुर के नौनितपुर में किसानों के लिए फील्ड डे, संतुलित खाद इस्तेमाल और मिट्टी जांच पर दिया जोर

Advertisement

नवीनतम

महिलपुर के नौनितपुर में किसानों के लिए फील्ड डे, संतुलित खाद इस्तेमाल और मिट्टी जांच पर दिया जोर महिलपुर के नौनितपुर में किसानों के लिए फील्ड डे, संतुलित खाद इस्तेमाल और मिट्टी जांच पर दिया जोर
महिलपुर ब्लॉक के नौनितपुर गांव में ‘संतुलित उर्वरकों के उपयोग’ पर राष्ट्रीय अभियान के तहत फील्ड डे आयोजित किया गया।...
करतारपुर कॉरिडोर: भारत-पाकिस्तान के बीच 4.2 किमी का धार्मिक रास्ता, जानिए कैसे हुआ था इसका निर्माण
करतारपुर कॉरिडोर फिलहाल नहीं खुलेगा, सुरक्षा स्थिति को लेकर केंद्र का बड़ा बयान
ਤਰਸਿੱਕਾ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤ ਸਭਾ ਵੱਲੋਂ ਕਵੀ ਦਰਬਾਰ, ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ
अमृतसर के 32 गांवों को मिलेगा साफ पानी, गुरजीत सिंह औजला ने संगना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software