7 शिक्षकों की पहल बनी आंदोलन, ‘नवचेतना’ ने बदली बच्चों की जिंदगी; अब 13 विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे मुफ्त इलाज

2012 में बाल मजदूरी रोकने के लिए शुरू हुआ अभियान आज डॉक्टरों, वकीलों, प्रिंसिपलों, कलाकारों और अन्य पेशेवरों को जोड़ चुका है

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लुधियाना में 2012 में सात सरकारी स्कूल शिक्षकों द्वारा शुरू की गई ‘नवचेतना’ पहल अब एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। अभियान के तहत अब तक 50 से अधिक बच्चों को चिकित्सा सहायता और 30 से ज्यादा छात्राओं को सहयोग मिल चुका है।

 

सात शिक्षकों से शुरू हुई पहल आज बनी बड़ा सामाजिक अभियान

लुधियाना में बच्चों को बाल मजदूरी से बचाने के उद्देश्य से वर्ष 2012 में शुरू हुई ‘नवचेतना’ पहल अब एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। शुरुआत सात सरकारी स्कूल शिक्षकों ने की थी, लेकिन समय के साथ डॉक्टर, वकील, स्कूल प्रिंसिपल, उद्योगपति, कलाकार और अन्य पेशेवर भी इससे जुड़ते गए।

इस पहल का उद्देश्य सिर्फ बच्चों को बाल मजदूरी से बाहर निकालना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराना भी है।

50 से अधिक बच्चों को मिल चुकी है चिकित्सा सहायता

‘नवचेतना’ के माध्यम से अब तक 50 से अधिक बच्चों को चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा 30 से अधिक छात्राओं को भी अलग-अलग जरूरतों के अनुसार सहायता दी गई है।

अब इस अभियान के तहत ‘नवचेतना हीलिंग हैंड्स’ नाम से एक नई पहल शुरू की गई है। इसमें 13 विशेषज्ञ डॉक्टर जुड़े हैं, जो सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।

बाल मजदूरी की कार्रवाई ने बदल दी सोच

इस पहल की शुरुआत सरकारी स्मार्ट प्राइमरी स्कूल, मोती नगर के हेड टीचर सुखबीर सिंह सेखों ने की थी।

सेखों का कहना है कि बाल मजदूरी के खिलाफ एक कार्रवाई के दौरान उनके अनुभव ने उन्हें पारंपरिक बचाव अभियान से आगे सोचने के लिए प्रेरित किया। एक अभियान में एक फैक्ट्री से छह-सात बच्चों को छुड़ाया गया था।

इसके कुछ समय बाद उन्होंने कुछ और बच्चों को कूड़े के ढेर में सामान तलाशते देखा। जब उन्होंने मदद के लिए संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि संबंधित टास्क फोर्स का अधिकार क्षेत्र केवल फैक्ट्रियों और दुकानों से बच्चों को छुड़ाने तक सीमित है।

यह घटना सेखों के मन में रह गई और इसी अनुभव के बाद 2012 में नवचेतना चाइल्ड लेबर वेलफेयर कमेटी का गठन किया गया।

नवचेतना से जुड़े कई सामाजिक संगठन

समय के साथ नवचेतना का दायरा बढ़ता गया। अब इसके अंतर्गत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए कई विंग काम कर रहे हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • महिला फ्रंट
  • वरिष्ठ नागरिक परिषद
  • आर्टिस्ट विंग
  • यूथ विंग
  • जूनियर विंग
  • Healing Hands

इन इकाइयों के माध्यम से बच्चों और समाज के जरूरतमंद वर्गों तक अलग-अलग प्रकार की सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘स्कूल की चारदीवारी तक हमारी जिम्मेदारी सीमित नहीं’

सरकारी प्राइमरी स्कूल, न्यू सुभाष नगर के हेड टीचर सुखविंदर सिंह ने बताया कि इस पहल के माध्यम से 50 से अधिक बच्चों को चिकित्सा सहायता मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समाज के साथ मिलकर काम करना भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है।

जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचा रही ‘Healing Hands’

नवचेतना हीलिंग हैंड्स के तहत स्वास्थ्य जांच और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं। जिन बच्चों को विशेषज्ञ उपचार की जरूरत होती है, उन्हें संबंधित डॉक्टरों से जोड़ा जाता है।

इस पहल के तहत कई बच्चों को अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं में मदद मिल रही है।

इन बच्चों को मिल रही विशेष मदद

गुरसिमरन कौर को एनीमिया का इलाज

दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा गुरसिमरन कौर एनीमिया से पीड़ित है। उसका हीमोग्लोबिन स्तर 6.5 बताया गया है। Healing Hands टीम उसकी चिकित्सा सहायता में सहयोग कर रही है।

आराध्या सिंह को कृत्रिम अंग की जरूरत

सरकारी प्राइमरी स्कूल, मोती नगर की छात्रा आराध्या सिंह जन्मजात विकार से जूझ रही है और उसे कृत्रिम अंग की आवश्यकता है। उसके मामले में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

अस्थमा से पीड़ित छात्रा को काउंसलिंग

DAV स्कूल की छात्रा सोभाग्या अस्थमा के साथ भावनात्मक परेशानी से भी जूझ रही है। उसे DMCH की डॉ. ममता सिंगला से काउंसलिंग उपलब्ध कराई जा रही है।

Key Highlights:

  • ‘नवचेतना’ की शुरुआत 2012 में सात सरकारी स्कूल शिक्षकों ने की थी।
  • अभियान का मूल उद्देश्य बाल मजदूरी के खिलाफ काम करना था।
  • अब डॉक्टर, वकील, प्रिंसिपल, उद्योगपति और कलाकार भी इससे जुड़े हैं।
  • 50 से अधिक बच्चों को चिकित्सा सहायता मिल चुकी है।
  • 30 से ज्यादा छात्राओं को सहायता दी जा चुकी है।
  • ‘नवचेतना Healing Hands’ में 13 विशेषज्ञ डॉक्टर जुड़े हैं।
  • जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त चिकित्सा परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच और जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं।
  • नवचेतना के कई अलग-अलग विंग सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।

FAQ Section:

नवचेतना पहल की शुरुआत कब हुई थी?

‘नवचेतना चाइल्ड लेबर वेलफेयर कमेटी’ की शुरुआत 2012 में सात सरकारी स्कूल शिक्षकों द्वारा की गई थी।

नवचेतना की शुरुआत क्यों की गई?

इस पहल की शुरुआत बाल मजदूरी के खिलाफ काम करने और जरूरतमंद बच्चों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी।

नवचेतना Healing Hands क्या है?

Healing Hands नवचेतना की स्वास्थ्य संबंधी पहल है, जिसके तहत जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त चिकित्सा परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों से जोड़ा जाता है।

Healing Hands से कितने डॉक्टर जुड़े हैं?

इस पहल से 13 विशेषज्ञ डॉक्टर जुड़े हैं।

अब तक कितने बच्चों को चिकित्सा सहायता मिली है?

पहल से जुड़े सदस्यों के अनुसार अब तक 50 से अधिक बच्चों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।

Conclusion:
लुधियाना में सात सरकारी शिक्षकों से शुरू हुई ‘नवचेतना’ पहल अब बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान से आगे बढ़कर बच्चों के स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग का व्यापक मंच बन चुकी है। 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भागीदारी वाली Healing Hands पहल जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक और कदम है।Screenshot_149

Edited By: Atul Sharma

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