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महिलपुर के नौनितपुर में किसानों के लिए फील्ड डे, संतुलित खाद इस्तेमाल और मिट्टी जांच पर दिया जोर
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 50 से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा
महिलपुर ब्लॉक के नौनितपुर गांव में ‘संतुलित उर्वरकों के उपयोग’ पर राष्ट्रीय अभियान के तहत फील्ड डे आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों ने संतुलित खाद, मिट्टी जांच व एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी।
नौनितपुर में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम
महिलपुर ब्लॉक के नौनितपुर गांव में ‘संतुलित उर्वरकों के उपयोग’ पर चल रहे राष्ट्रीय अभियान के तहत फील्ड डे आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना के मृदा विज्ञान विभाग की ओर से किया गया।
कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को टिकाऊ खेती के लिए संतुलित और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।जैविक खाद के साथ रासायनिक उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल जरूरी
प्रिंसिपल सॉयल केमिस्ट डॉ. गुरमीत सिंह ढेरी ने किसानों को संबोधित करते हुए जैविक खाद और अकार्बनिक उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि जैविक खाद को रासायनिक उर्वरकों के साथ उचित तरीके से इस्तेमाल करने से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फसल उत्पादकता बढ़ाने और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग में मदद मिलती है। साथ ही इससे लंबे समय तक मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच जरूरी
सॉयल साइंटिस्ट डॉ. गायत्री वर्मा ने किसानों को खाद डालने से पहले मिट्टी के सही नमूने लेने और उसकी जांच कराने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच से फसल की वास्तविक पोषक तत्वों की जरूरत का पता लगाया जा सकता है। इससे खेत में जरूरत से ज्यादा उर्वरक डालने से बचा जा सकता है और खेती की लागत को भी कम किया जा सकता है।
KVK की गतिविधियों की दी जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) बहोवाल के एसोसिएट डायरेक्टर ट्रेनिंग डॉ. मनिंदर सिंह बोंस ने किसानों को KVK की विभिन्न गतिविधियों और आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने किसानों से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अधिक से अधिक भाग लेने की अपील की, ताकि वे कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल हो रही नई तकनीकों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी हासिल कर सकें।
रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान किसानों को रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management) के बारे में भी जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों ने किसानों को फसल उत्पादन के दौरान कीटों के प्रभाव को कम करने और उपलब्ध कृषि तकनीकों का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करने पर जानकारी दी।
Key Highlights:
- नौनितपुर गांव में संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर फील्ड डे आयोजित।
- 50 से अधिक किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
- कार्यक्रम का आयोजन PAU लुधियाना के मृदा विज्ञान विभाग ने किया।
- जैविक खाद और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल पर जोर।
- खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच कराने की सलाह।
- किसानों को पोषक तत्वों के सही उपयोग और खेती की लागत कम करने की जानकारी दी गई।
- KVK बहोवाल की गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में बताया गया।
- रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक किया गया।
FAQ Section:
नौनितपुर में फील्ड डे कार्यक्रम किस विषय पर आयोजित किया गया?
कार्यक्रम ‘संतुलित उर्वरकों के उपयोग’ पर चल रहे राष्ट्रीय अभियान के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कितने किसानों ने हिस्सा लिया?
कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
किसानों को मिट्टी की जांच कराने की सलाह क्यों दी गई?
मिट्टी की जांच से फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों की सही मात्रा का पता चलता है। इससे जरूरत से ज्यादा उर्वरक इस्तेमाल करने से बचने और खेती की लागत कम करने में मदद मिलती है।
जैविक खाद और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल का क्या फायदा है?
इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फसल उत्पादकता बढ़ाने और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग में मदद मिल सकती है।
KVK बहोवाल ने किसानों को क्या जानकारी दी?
किसानों को KVK की गतिविधियों, आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई।
Conclusion:
महिलपुर के नौनितपुर गांव में आयोजित फील्ड डे के दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक इस्तेमाल, मिट्टी जांच, जैविक खाद के उपयोग और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों से वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की, ताकि खेती को अधिक टिकाऊ और लागत प्रभावी बनाया जा सके।
