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विदेशी संपत्ति छिपाने वाले करदाताओं को मौका, FAST-DS 2026 के तहत 31 दिसंबर तक कर सकेंगे खुलासा
रोहतक आयकर विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, योजना के तहत पात्र करदाताओं को अघोषित विदेशी संपत्ति घोषित करने का एकमुश्त अवसर
आयकर विभाग रोहतक ने Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme (FAST-DS), 2026 को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस योजना के तहत पात्र करदाता 16 अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक अपनी अघोषित विदेशी संपत्ति या ITR में छूटी विदेशी संपत्ति का खुलासा कर सकते हैं।
विदेशी संपत्ति का खुलासा करने के लिए आयकर विभाग की पहल
आयकर विभाग रोहतक ने पात्र करदाताओं को विदेशी संपत्ति से जुड़ी जानकारी स्वेच्छा से घोषित करने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
यह कार्यक्रम Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme (FAST-DS), 2026 के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य उन पात्र करदाताओं को अवसर देना है, जिन्होंने अपनी कुछ निर्धारित विदेशी संपत्तियों का खुलासा नहीं किया है या आयकर रिटर्न (ITR) में विदेशी संपत्ति की जानकारी शामिल करना भूल गए हैं।
प्रिंसिपल कमिश्नर शिवानी सिंह ने की शिरकत
कार्यक्रम में रोहतक की प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स शिवानी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इस दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ रोहतक, पानीपत, जींद और हिसार की टैक्स बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। रोहतक आयकर क्षेत्र के प्रमुख करदाता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में आयकर अधिकारी सुमित ने रोहतक आयकर क्षेत्र के प्रिंसिपल कमिश्नर कार्यालय और उसके कार्यक्षेत्र की जानकारी दी।
FAST-DS 2026 के उद्देश्य और पात्रता की दी जानकारी
इसके बाद करनाल के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स हर्षित बंसल ने FAST-DS 2026 के उद्देश्यों, पात्रता मानदंडों, लागू होने की शर्तों और इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि यह योजना पात्र करदाताओं को अपनी निर्धारित अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा करने या आयकर रिटर्न में छूटी विदेशी संपत्तियों की जानकारी देने का एकमुश्त अवसर प्रदान करती है।
31 दिसंबर 2026 तक उठा सकते हैं योजना का लाभ
कार्यक्रम में बताया गया कि FAST-DS 2026 के तहत खुलासा करने की अवधि 16 अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित है।
योजना के अंतर्गत खुलासे की श्रेणी के आधार पर निर्धारित टैक्स और अतिरिक्त शुल्क या 1 लाख रुपये का मामूली शुल्क लागू हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित शर्तों और लागू प्रावधानों के अधीन इस योजना में जुर्माने और अभियोजन से छूट का प्रावधान भी है।
हालांकि, योजना का लाभ लेने से पहले करदाताओं को अपनी पात्रता, खुलासे की श्रेणी और लागू भुगतान संबंधी शर्तों की जानकारी प्राप्त करनी होगी।
मुख्य बातें
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आयकर विभाग रोहतक ने FAST-DS 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
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प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स शिवानी सिंह मुख्य अतिथि रहीं।
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रोहतक, पानीपत, जींद और हिसार की टैक्स बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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योजना के तहत निर्धारित अघोषित विदेशी संपत्ति का खुलासा किया जा सकता है।
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ITR में छूटी विदेशी संपत्ति की जानकारी देने का भी अवसर है।
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योजना की अवधि 16 अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक है।
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खुलासे की श्रेणी के अनुसार टैक्स, अतिरिक्त शुल्क या 1 लाख रुपये का शुल्क लागू हो सकता है।
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निर्धारित शर्तों के अधीन जुर्माने और अभियोजन से छूट का प्रावधान है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. FAST-DS 2026 योजना क्या है?
यह Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme, 2026 है। इसके तहत पात्र करदाता निर्धारित अघोषित विदेशी संपत्ति या ITR में छूटी विदेशी संपत्ति की जानकारी घोषित कर सकते हैं।
2. FAST-DS 2026 के तहत खुलासा करने की अंतिम तारीख क्या है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना की अवधि 16 अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक है।
3. योजना के तहत कितना शुल्क देना होगा?
खुलासे की श्रेणी के अनुसार निर्धारित टैक्स और अतिरिक्त शुल्क या 1 लाख रुपये का शुल्क लागू हो सकता है।
4. क्या योजना में जुर्माने और अभियोजन से छूट मिलेगी?
योजना के तहत निर्धारित शर्तों और लागू कानूनी प्रावधानों के अधीन जुर्माने और अभियोजन से छूट का प्रावधान बताया गया है।
5. इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
यह योजना निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले करदाताओं के लिए है। लाभ लेने से पहले आधिकारिक शर्तों की जांच करना जरूरी है।
निष्कर्ष
FAST-DS 2026 के जरिए आयकर विभाग पात्र करदाताओं को विदेशी संपत्ति से संबंधित अधूरी या छूटी हुई जानकारी घोषित करने का एकमुश्त अवसर दे रहा है। रोहतक में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य योजना की पात्रता, भुगतान और कानूनी लाभों के बारे में करदाताओं को जानकारी देना था।

