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मानसा में लखा सिधाना और मोहंजीत सिंह शेरों को बड़ा झटका, कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
किसान दलजीत सिंह की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान हुई थी हिरासत; करीब 48 घंटे बाद दोनों को मानसा अदालत में पेश किया गया। पुलिस हिरासत के दौरान रोजाना मेडिकल जांच के आदेश।
पंजाब के मानसा में गैंगस्टर से नेता बने लखवीर सिंह लखा सिधाना और मोहंजीत सिंह शेरों को अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों को किसान दलजीत सिंह की मौत के बाद शव लेकर प्रदर्शन करने के दौरान हिरासत में लिया गया था। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हमला करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
पंजाब के मानसा में किसान दलजीत सिंह की मौत को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी और राजनीतिक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। इस मामले में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लखवीर सिंह लखा सिधाना और मोहंजीत सिंह शेरों को अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
दोनों को हिरासत में लिए जाने के करीब 48 घंटे बाद मानसा अदालत में पेश किया गया। पुलिस अब उनसे मामले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पूछताछ करेगी।
दलजीत सिंह की मौत के बाद प्रदर्शन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय किसान दलजीत सिंह की कथित नशे की ओवरडोज से मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन और प्रदर्शनकारी उसकी मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे थे।
मंगलवार को प्रदर्शनकारी दलजीत सिंह का शव उसके पैतृक गांव भम्मे खुर्द से मानसा शहर की ओर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने लखा सिधाना, मोहंजीत सिंह शेरों और करीब 20 से 30 अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
बुधवार को दोनों की औपचारिक गिरफ्तारी की गई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
लखा सिधाना के वकील ने गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी
लखा सिधाना के वकील हरपाल सिंह खारा ने बताया कि उनकी ओर से अदालत में याचिका दाखिल की गई है, जिसमें लखा की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया गया है।
वकील के अनुसार, अदालत ने लखा सिधाना और मोहंजीत सिंह की रोजाना मेडिकल जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं।
इसके अलावा दोनों आरोपियों के वकीलों को रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनसे मुलाकात करने की अनुमति दी गई है।
मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने के बाद भी चर्चा में आए थे मोहंजीत
मोहंजीत सिंह शेरों हाल ही में उस समय चर्चा में आए थे, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के संगरूर जिले के शेरों गांव दौरे के दौरान उन्होंने कथित तौर पर मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाया था।
इस घटना के बाद पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए थे।
छात्र नेता अरविंदर कौर आजाद रिहा, दोबारा प्रदर्शन में पहुंचीं
इस मामले में हिरासत में ली गई पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन (PSU) की मानसा जिला अध्यक्ष अरविंदर कौर आजाद को बुधवार शाम रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद गुरुवार को वह मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में जारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं।
यहां झोटा के माता-पिता ने उनके संघर्ष में योगदान के लिए सम्मानित किया।
झोटा की मां ने एंटी-ड्रग टास्क फोर्स की ओर से अरविंदर को एक लिफाफा भी दिया, जिसमें कुछ पैसे थे। उन्होंने कहा कि अरविंदर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के बावजूद 13 अक्टूबर से जारी प्रदर्शन में शामिल हैं।
अरविंदर ने पुलिस पर मारपीट के लगाए आरोप
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अरविंदर कौर आजाद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की, जबकि वे निहत्थे थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पहले उन्हें स्थानीय थाने में रखा और बाद में अलग-अलग स्थानों पर ले जाती रही। उनके अनुसार, उन्हें बठिंडा के नंदगढ़ पुलिस स्टेशन भी ले जाया गया।
अरविंदर ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें देर रात तक एक जगह से दूसरी जगह घुमाने के बाद पटियाला जिले के उनके पैतृक गांव अजनौदा खुर्द में छोड़ दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस से सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग की थी। उनके मुताबिक, दलजीत सिंह के पिता, चचेरे भाई और अन्य रिश्तेदार भी हिरासत में लिए गए थे।
पुलिसकर्मी की शिकायत पर 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस ने बुधवार को 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) के जवान कुलदीप सिंह की शिकायत के आधार पर की गई।
कुलदीप सिंह फिरोजपुर में तैनात हैं और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के लिए 13 अक्टूबर से मानसा में नियुक्त थे।
शिकायत के अनुसार, 27 अक्टूबर को रामदित्तेवाला चौक पर ड्यूटी के दौरान उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग भम्मे कलां गांव से एक युवक का शव लेकर जा रहे हैं।
करीब शाम 5:30 बजे जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर 30 से 40 लोगों के समूह ने धारदार हथियारों से पुलिस पर हमला कर दिया।
पुलिसकर्मी ने लोहे की रॉड से हमला करने का लगाया आरोप
कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों में से एक व्यक्ति ने उनके सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि झड़प के दौरान अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए और उनकी वर्दियां फाड़ दी गईं। शिकायत में सरकारी वाहनों को टक्कर मारने की कोशिश करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप भी लगाए गए हैं।
पुलिसकर्मी ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
Key Highlights
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लखा सिधाना और मोहंजीत सिंह शेरों को चार दिन की पुलिस रिमांड।
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किसान दलजीत सिंह की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन।
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दोनों को करीब 48 घंटे बाद मानसा अदालत में पेश किया गया।
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अदालत ने रोजाना मेडिकल जांच के निर्देश दिए।
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वकीलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रोजाना मुलाकात की अनुमति।
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PSU नेता अरविंदर कौर आजाद बुधवार शाम रिहा हुईं।
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अरविंदर ने पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान परेशान करने के आरोप लगाए।
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पुलिसकर्मी की शिकायत पर 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज।
FAQ Section
Q1. लखा सिधाना और मोहंजीत सिंह शेरों को कितने दिन की पुलिस रिमांड मिली है?
मानसा अदालत ने दोनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
Q2. दोनों को किस मामले में हिरासत में लिया गया था?
32 वर्षीय किसान दलजीत सिंह की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर शव के साथ किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था।
Q3. अदालत ने दोनों के स्वास्थ्य को लेकर क्या आदेश दिया?
अदालत ने दोनों की रोजाना मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
Q4. क्या वकीलों को आरोपियों से मिलने की अनुमति मिली है?
हां, अदालत ने दोनों के वकीलों को रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुलाकात करने की अनुमति दी है।
Q5. अरविंदर कौर आजाद कौन हैं?
वह पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की मानसा जिला अध्यक्ष हैं। उन्हें प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था और बुधवार शाम रिहा कर दिया गया।
Q6. पुलिस ने कितने लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है?
पुलिस ने एक जवान की शिकायत पर 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
Conclusion
मानसा में किसान दलजीत सिंह की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के चलते और गंभीर हो गया है। लखा सिधाना और मोहंजीत सिंह शेरों को चार दिन की पुलिस रिमांड मिलने के साथ ही अदालत ने उनकी मेडिकल जांच के निर्देश भी दिए हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिसकर्मी की शिकायत पर भी मामला दर्ज किया गया है। अब इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

