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मानसा में दो मौतों को लेकर तनाव बरकरार, झोटा और दलजीत के परिवार अंतिम संस्कार को तैयार नहीं; 3 SP तैनात
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या और किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर मानसा में संयुक्त प्रदर्शन जारी। पुलिस अधिकारियों के तबादले, दलजीत की मौत के मामले में तीन आरोपियों को दो दिन की रिमांड।
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या और 32 वर्षीय किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर तनाव बना हुआ है। दोनों मामलों में न्याय की मांग को लेकर डिप्टी कमिश्नर आवास के पास टिकौनी में संयुक्त धरना जारी है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन SP रैंक के अधिकारियों को अस्थायी रूप से तैनात किया है और दो DSP का तबादला किया है।
पंजाब के मानसा में दो अलग-अलग मौतों को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की कथित हत्या और 32 वर्षीय सीमांत किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है।
दोनों परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर डिप्टी कमिश्नर के आवास के नजदीक टिकौनी में संयुक्त धरना दिया जा रहा है। गुरुवार को स्थिति को देखते हुए पंजाब पुलिस ने मानसा में तीन SP रैंक के अधिकारियों को अस्थायी रूप से तैनात किया। इसके अलावा दो सब-डिविजनल DSP का तबादला किया गया और हाल ही में निलंबित DSP की जगह नए अधिकारी की नियुक्ति भी की गई।
झोटा और दलजीत के शव अस्पतालों में रखे
दोनों मामलों में परिवारों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा गया है, जबकि दलजीत सिंह का शव बठिंडा स्थित AIIMS में है।
झोटा की कथित तौर पर 13 अक्टूबर को हत्या हुई थी। हालांकि, अभी तक उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। दूसरी ओर, दलजीत सिंह की मौत के मामले में बुधवार को पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन परिवार की मांगों के चलते शव अभी भी AIIMS में रखा हुआ है।
दलजीत की मौत: परिवार ने लगाया अपहरण और जहर देने का आरोप
32 वर्षीय दलजीत सिंह की मौत को लेकर उनके पिता जरनैल सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
FIR के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सुबह करीब 7:30 बजे दलजीत अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए भम्मे कलां बस स्टैंड गए थे। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोसी गांव रामानंदी के तीन लोगों ने उनका अपहरण कर लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी सुबह करीब 11:30 बजे दलजीत का शव रामानंदी लिंक रोड पर एक पेड़ के पास छोड़ गए।
जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि मनदीप, गुरविंदर और एक अन्य मनदीप ने उनके बेटे के साथ मारपीट की और उसे जहरीला पदार्थ दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपियों और दलजीत के बीच पहले से विवाद था।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड दी
दलजीत सिंह के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और FIR में नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गुरुवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस जांच जारी है और मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
परिवारों की मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार से इनकार
दोनों परिवारों ने अपनी मांगें पूरी होने तक शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने मुख्यमंत्री और पंजाब के DGP के इस्तीफे समेत कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मांगें पूरी हुई हैं, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण मांगों पर कार्रवाई बाकी है।
वहीं, दलजीत सिंह की मां, बहन और पत्नी ने मंगलवार को शव को प्रदर्शन स्थल तक ले जाते समय हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने नशे की कथित ओवरडोज से हुई मौत के मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
हालांकि, दलजीत के पिता जरनैल सिंह ने पोस्टमार्टम कराने की सहमति दे दी थी।
पोस्टमार्टम के बाद शव को फ्रीजर में रखने पर उठे सवाल
इस मामले में कुछ मेडिकल विशेषज्ञों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लंबे समय तक फ्रीजर में सुरक्षित रखने को लेकर चिंता जताई है।
मानसा सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने परविंदर सिंह झोटा के शव को सुरक्षित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
दोनों शवों का अंतिम संस्कार नहीं होने के कारण अस्पताल प्रशासन के सामने भी चुनौती बनी हुई है।
झोटा के पिता का ऐलान, सरकार से बातचीत नहीं करेगी एक्शन कमेटी
परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने स्पष्ट किया है कि जब तक हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया जाता और उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द नहीं होती, तब तक एक्शन कमेटी राज्य सरकार के साथ बातचीत नहीं करेगी।
इससे मानसा में जारी विरोध प्रदर्शन के जल्द समाप्त होने की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मानसा में तीन SP रैंक के अधिकारियों की तैनाती
बढ़ते तनाव को देखते हुए पंजाब पुलिस ने मानसा में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए हैं।
जारी पोस्टिंग आदेशों के अनुसार:
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फरीदकोट के SP नरिंदर सिंह को अस्थायी रूप से मानसा में तैनात किया गया है।
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पोस्टिंग का इंतजार कर रहे राजबीर सिंह को मानसा भेजा गया है।
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हरजिंदर सिंह को भी अस्थायी रूप से मानसा में नियुक्त किया गया है।
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दो सब-डिविजनल DSP का तबादला किया गया है।
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हाल ही में निलंबित DSP की जगह नए अधिकारी की नियुक्ति की गई है।
इन बदलावों को जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति संभालने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
Key Highlights
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मानसा में दो मौतों को लेकर संयुक्त प्रदर्शन जारी।
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नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की कथित हत्या का मामला।
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32 वर्षीय किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
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झोटा का शव मानसा सिविल अस्पताल में रखा गया है।
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दलजीत का पोस्टमार्टम हो चुका है, लेकिन शव AIIMS बठिंडा में है।
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दोनों परिवारों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार किया।
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दलजीत की मौत के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार।
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अदालत ने तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।
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पुलिस ने तीन SP रैंक के अधिकारियों को मानसा में अस्थायी तैनाती दी।
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दो DSP के तबादले और एक नए DSP की नियुक्ति की गई।
FAQ Section
Q1. मानसा में किस मामले को लेकर प्रदर्शन हो रहा है?
मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की कथित हत्या और 32 वर्षीय किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर संयुक्त प्रदर्शन हो रहा है।
Q2. परविंदर सिंह झोटा का शव कहां रखा गया है?
उनका शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा गया है। अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ है।
Q3. दलजीत सिंह की मौत के मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने FIR में नामजद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अदालत ने उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
Q4. दलजीत सिंह के परिवार की क्या मांगें हैं?
परिवार ने हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई और दलजीत की मौत के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Q5. मानसा में कितने SP रैंक के अधिकारी तैनात किए गए हैं?
पंजाब पुलिस ने तीन SP रैंक के अधिकारियों को अस्थायी रूप से मानसा में तैनात किया है।
Q6. क्या दोनों परिवारों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी है?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों परिवार अपनी मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
Conclusion
मानसा में परविंदर सिंह झोटा की कथित हत्या और किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। दोनों परिवारों की मांगों, प्रदर्शनकारियों की हिरासत और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद जारी है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत कब शुरू होती है और दोनों परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।

