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भाखड़ा बांध के 63 साल: तकनीकी पद खाली, भर्ती में देरी और मशीनरी की उम्र बढ़ने से बढ़ीं चुनौतियां
उत्तर भारत की कृषि और बिजली व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले भाखड़ा बांध से जुड़े BBMB में कर्मचारियों की कमी, वरिष्ठ पदों पर रिक्तियां और पुरानी मशीनरी चिंता का विषय बनी हुई है।
भाखड़ा बांध ने गुरुवार को राष्ट्र को समर्पित किए जाने के 63 वर्ष पूरे कर लिए। लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी, भर्ती प्रक्रिया में देरी और नेतृत्व से जुड़े रिक्त पद प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ा रहे हैं।
भाखड़ा बांध के 63 साल पूरे, सामने आईं प्रशासनिक चुनौतियां
भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और उत्तर भारत की कृषि समृद्धि का प्रतीक माने जाने वाले भाखड़ा बांध ने गुरुवार को राष्ट्र को समर्पित किए जाने के 63 वर्ष पूरे कर लिए। यह परियोजना क्षेत्र की सिंचाई और बिजली व्यवस्था में अहम भूमिका निभाती है।
हालांकि, इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बीच भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के सामने कर्मचारियों की कमी, भर्ती में देरी, वरिष्ठ अधिकारियों के पद खाली रहने और पुरानी मशीनरी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। खास तौर पर 990 मेगावाट क्षमता वाले देहर पावर हाउस की परिचालन स्थिति को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।
BBMB में 1,486 तकनीकी पद खाली
पंजाब के BBMB कैडर में कर्मचारियों की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। स्वीकृत 3,297 पदों के मुकाबले 1,486 तकनीकी पद खाली बताए गए हैं। इनमें 568 फोरमैन के पद भी शामिल हैं, जो आवश्यक मरम्मत और मशीनों के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी निभाते हैं।
तकनीकी कर्मचारियों की कमी का असर मरम्मत, नियमित रखरखाव और परिचालन व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने की संभावना भी चिंता बढ़ा रही है।
भर्ती प्रक्रिया में देरी, नियमों की मंजूरी का इंतजार
पंजाब कैबिनेट ने जनवरी 2026 में लगभग 2,500 पदों को भरने के उद्देश्य से अलग कैडर बनाने को मंजूरी दी थी। हालांकि, भर्ती नियमों को अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
पंजाब लंबे समय से BBMB में अपने निर्धारित कर्मचारियों की संख्या पूरी करने में कठिनाइयों का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सिंचाई और बिजली विभागों के कर्मचारियों की BBMB में शामिल होने को लेकर अनिच्छा भी इसकी एक वजह रही है।
इसके विपरीत, हरियाणा ने करीब पांच साल पहले ही BBMB के लिए अपना अलग कैडर स्थापित कर लिया था।
वरिष्ठ पद खाली रहने से प्रशासन पर असर
BBMB में नेतृत्व से जुड़ी रिक्तियां भी प्रशासनिक कामकाज के लिए चुनौती बनी हुई हैं। सदस्य (सिंचाई) का पद सितंबर 2020 से और सदस्य (बिजली) का पद सितंबर 2022 से खाली बताया गया है।
इन महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय से नियुक्तियां नहीं होने के कारण संस्थागत प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
देहर पावर हाउस की मशीनरी पर भी चिंता
कर्मचारियों की कमी के साथ-साथ बिजली उत्पादन से जुड़ी परिचालन चुनौतियां भी सामने आई हैं। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की मार्च में हुई जांच रिपोर्ट में देहर पावर हाउस में भारी मात्रा में गाद जमा होने का मुद्दा उठाया गया था।
990 मेगावाट क्षमता वाला यह पावर हाउस क्षेत्र की बिजली व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में मशीनरी की उम्र, रखरखाव और परिचालन संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान करना जरूरी माना जा रहा है।
Key Highlights
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भाखड़ा बांध ने राष्ट्र को समर्पित किए जाने के 63 वर्ष पूरे किए।
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पंजाब के BBMB कैडर में 3,297 स्वीकृत पदों में से 1,486 तकनीकी पद खाली हैं।
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रिक्त पदों में 568 फोरमैन के पद शामिल हैं।
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पंजाब कैबिनेट ने जनवरी 2026 में लगभग 2,500 पदों के लिए अलग कैडर को मंजूरी दी थी।
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भर्ती नियमों की मंजूरी लंबित होने से नियुक्तियों में देरी हो रही है।
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सदस्य (सिंचाई) और सदस्य (बिजली) के पद क्रमशः सितंबर 2020 और सितंबर 2022 से खाली बताए गए हैं।
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CEA की मार्च की जांच रिपोर्ट में देहर पावर हाउस में भारी गाद जमा होने का मुद्दा सामने आया।
FAQ Section
1. भाखड़ा बांध ने कितने वर्ष पूरे किए हैं?
भाखड़ा बांध ने गुरुवार को राष्ट्र को समर्पित किए जाने के 63 वर्ष पूरे किए।
2. BBMB में कितने तकनीकी पद खाली हैं?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजाब के BBMB कैडर में 3,297 स्वीकृत पदों के मुकाबले 1,486 तकनीकी पद खाली हैं।
3. पंजाब में BBMB की भर्ती प्रक्रिया क्यों अटकी हुई है?
जनवरी 2026 में अलग कैडर बनाने की मंजूरी मिलने के बावजूद भर्ती नियमों की मंजूरी लंबित होने के कारण नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
4. देहर पावर हाउस की क्षमता कितनी है?
देहर पावर हाउस की स्थापित क्षमता 990 मेगावाट है।
5. BBMB में कौन-से वरिष्ठ पद खाली हैं?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सदस्य (सिंचाई) और सदस्य (बिजली) के पद लंबे समय से खाली हैं।
Conclusion
भाखड़ा बांध के 63 वर्ष पूरे होना देश की इंजीनियरिंग उपलब्धियों और उत्तर भारत की कृषि एवं ऊर्जा व्यवस्था में इसके योगदान को दर्शाता है। हालांकि, BBMB में तकनीकी कर्मचारियों की कमी, भर्ती प्रक्रिया में देरी, वरिष्ठ पदों की रिक्तियां और मशीनरी से जुड़ी चुनौतियां संस्थान के सामने गंभीर मुद्दे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध भर्ती, नेतृत्व पदों पर नियुक्तियां और नियमित रखरखाव पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

