- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- पंजाब बंद का बड़ा असर! झोटा हत्याकांड के विरोध में बाजार-बैंक बंद, SHO सस्पेंड; पिता बोले- कल से दुक...
पंजाब बंद का बड़ा असर! झोटा हत्याकांड के विरोध में बाजार-बैंक बंद, SHO सस्पेंड; पिता बोले- कल से दुकानें खोलें
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में 11 घंटे बंद रहा पंजाब, मानसा में तंबाकू की दुकान में आग लगाने की घटना; चारों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पर कार्रवाई की मांग जारी
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार को बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कई शहरों में बाजार, बैंक और शिक्षण संस्थान बंद रहे। मानसा सिटी-2 की SHO बियांत कौर को निलंबित कर दिया गया, जबकि मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस ने की है। झोटा के पिता ने व्यापारियों से दुकानें खोलने की अपील की, लेकिन आंदोलन जारी रखने की बात कही।
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार को राज्यव्यापी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक चले बंद के दौरान कई शहरों में बाजार, कुछ बैंक और शिक्षण संस्थान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों में निहंग सिंह, किसान संगठन और अन्य समूह शामिल थे। उन्होंने लोगों से अपने कारोबार बंद रखने की अपील की।
अधिकांश जगहों पर स्थिति शांतिपूर्ण रही, लेकिन मानसा में एक तंबाकू की दुकान में आग लगाने और कुछ स्थानों पर राजनीतिक होर्डिंग फाड़ने की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह सड़कें भी जाम कीं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं चालू रहीं।
H2: पंजाब बंद का कई शहरों में असर, टोल प्लाजा पर वसूली नहीं
बंद के दौरान होशियारपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, लुधियाना, जालंधर, संगरूर, बरनाला, मोगा, पटियाला और मानसा समेत कई शहरों में बाजार बंद रहे। किसानों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए।
लुधियाना और पटियाला समेत कई स्थानों पर टोल प्लाजा ने बंद के समर्थन में वाहन चालकों से शुल्क नहीं लिया। पुलिस ने राज्यभर में नाकाबंदी की और विभिन्न सड़कों से प्रदर्शनकारियों को हटाया। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
विपक्षी दलों, धार्मिक समूहों, किसान संगठनों और व्यापारी संगठनों ने बंद का समर्थन किया था। मानसा में झोटा की हत्या के बाद लगातार तीसरे दिन भी बाजार बंद रहे।
H2: मानसा सिटी-2 की SHO बियांत कौर सस्पेंड
झोटा की हत्या के दो दिन बाद, गुरुवार को मानसा सिटी-2 थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर बियांत कौर को प्रशासनिक आधार पर निलंबित कर दिया गया। प्रदर्शनकारी इलाके में नशे की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उनके और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
मानसा के SSP वैभव चौधरी ने बताया कि SHO बियांत कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। एक्शन कमेटी के सदस्य ने कहा कि उनकी मांग केवल निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त करने की कार्रवाई भी होनी चाहिए।
H2: झोटा हत्याकांड में चारों आरोपी गिरफ्तार
मानसा के SSP वैभव चौधरी के अनुसार, मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार और उसके रिश्तेदार विपन को अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
SSP के अनुसार, अश्वनी कुमार की पत्नी नीलम को भी गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि उसे अश्वनी की मंशा के बारे में जानकारी थी, लेकिन उसने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। पुलिस ने यह भी कहा कि अश्वनी झोटा से जुड़ी एक पुरानी घटना को लेकर नाराज था और इस विषय पर अपनी पत्नी से चर्चा करता था।
मामले में लड्डी नाम के एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की भी पुष्टि की गई है। आरोपियों के खिलाफ मामले की जांच जारी है।
H2: मानसा में तंबाकू की दुकान में आग, झोटा के पिता ने की निंदा
बंद के दौरान मानसा में सिटी-1 पुलिस थाने के सामने स्थित एक तंबाकू की दुकान में आग लगा दी गई। आरोप था कि बंद के आह्वान के बावजूद दुकान खुली हुई थी।
झोटा के पिता भीम सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए इसमें शामिल लोगों को शरारती तत्व बताया। उन्होंने लोगों से हिंदू-सिख एकता बनाए रखने और आंदोलन को भटकने नहीं देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विरोध का उद्देश्य न्याय और अपनी मांगों को पूरा करवाना है, न कि किसी समुदाय के बीच तनाव पैदा करना।
H2: झोटा के पिता की व्यापारियों से अपील, कल से दुकानें खोलें
गुरुवार देर शाम भीम सिंह ने मानसा के व्यापारियों से अपील की कि वे अगले दिन से अपने कारोबार फिर शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि बंद के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़े।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) और स्थानीय व्यापार मंडल से अपील की कि वे अपनी ओर से एक-एक प्रतिनिधि एक्शन कमेटी में भेजें।
भीम सिंह ने मानसा के गांवों के लोगों से भी बड़ी संख्या में जुटकर मांगों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने बंद को सफल बनाने में सहयोग देने वालों का धन्यवाद किया।
H2: SGPC से झोटा को ‘शहीद’ का दर्जा देने की मांग
एक्शन कमेटी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से परविंदर सिंह झोटा को ‘शहीद’ का दर्जा देने की मांग की है।
कमेटी ने यह भी मांग रखी कि जिस दुकान पर झोटा की हत्या हुई थी, वहां उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
मानसा में दो प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहे। इनमें उपायुक्त आवास के पास बरनाला-सिरसा रोड स्थित तिकोनी चौक और सिविल अस्पताल परिसर शामिल हैं, जहां झोटा का शव शवगृह में रखा गया था।
भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद गुरुवार को कुछ प्रदर्शनकारी कथित तौर पर जबरन अस्पताल में दाखिल हो गए। इससे पहले वे अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।
H2: पोस्टमार्टम को लेकर बातचीत बेनतीजा, प्रदर्शन जारी
झोटा की हत्या के मामले में मांगों को लेकर प्रशासन और एक्शन कमेटी के बीच गतिरोध बना हुआ है। बुधवार रात और गुरुवार को DIG, SSP, DC और ADC की मौजूदगी में बातचीत के दो दौर हुए, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
एक्शन कमेटी के सदस्यों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक वे पोस्टमार्टम को लेकर बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं। इस कारण मामले में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना हुआ है।
इसी बीच, लुधियाना जिले में राजनीतिक होर्डिंग हटाते समय करंट लगने से एक युवक की मौत होने के मामले पर भी एक्शन कमेटी ने शोक जताया।
Key Highlights
-
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब में सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहा।
-
कई शहरों में बाजार, कुछ बैंक और शिक्षण संस्थान बंद रहे।
-
मानसा सिटी-2 की SHO इंस्पेक्टर बियांत कौर को प्रशासनिक आधार पर निलंबित किया गया।
-
पुलिस के अनुसार, झोटा हत्याकांड में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
-
मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार और विपन को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
-
अश्वनी की पत्नी नीलम और एक अन्य आरोपी लड्डी की गिरफ्तारी की भी पुष्टि हुई।
-
मानसा में बंद के दौरान एक तंबाकू की दुकान में आग लगाने की घटना सामने आई।
-
झोटा के पिता भीम सिंह ने घटना की निंदा की और व्यापारियों से दुकानें खोलने की अपील की।
-
एक्शन कमेटी ने झोटा को ‘शहीद’ का दर्जा देने और पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
-
पोस्टमार्टम को लेकर प्रशासन और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत बेनतीजा रही।
FAQ
Q1. पंजाब बंद क्यों बुलाया गया था?
उत्तर: नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिस की जवाबदेही की मांग कर रहे थे।
Q2. पंजाब बंद कितने समय तक चला?
उत्तर: बंद सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक, कुल 11 घंटे चला।
Q3. झोटा हत्याकांड में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
उत्तर: मानसा के SSP के अनुसार, मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
Q4. SHO बियांत कौर को क्यों निलंबित किया गया?
उत्तर: उन्हें प्रशासनिक आधार पर निलंबित किया गया। प्रदर्शनकारी इलाके में नशे की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
Q5. क्या बंद के दौरान सभी जगह स्थिति शांतिपूर्ण रही?
उत्तर: अधिकांश जगहों पर स्थिति शांतिपूर्ण रही, लेकिन मानसा में एक तंबाकू की दुकान में आग लगाने और कुछ स्थानों पर राजनीतिक होर्डिंग फाड़ने की घटनाएं सामने आईं। कई जगह यातायात भी प्रभावित हुआ।
Q6. झोटा के पिता ने क्या अपील की?
उत्तर: भीम सिंह ने व्यापारियों से अगले दिन से दुकानें खोलने की अपील की, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न हो। हालांकि, उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
Q7. एक्शन कमेटी की प्रमुख मांगें क्या हैं?
उत्तर: कमेटी ने झोटा को ‘शहीद’ का दर्जा देने, उनकी हत्या वाली दुकान पर प्रतिमा स्थापित करने और संबंधित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Conclusion
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। मानसा में SHO के निलंबन और चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद प्रदर्शनकारी पुलिस के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की मांग पर कायम हैं। झोटा के पिता ने व्यापारियों से दुकानें खोलने की अपील की है, लेकिन आंदोलन जारी रखने का ऐलान भी किया है। पोस्टमार्टम और अन्य मांगों पर प्रशासन तथा एक्शन कमेटी के बीच सहमति नहीं बन पाई है, इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

