GNDU अमृतसर में छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू, अब मुफ्त काउंसलिंग से मिलेगी भावनात्मक परेशानियों में मदद

वाइस चांसलर करमजीत सिंह ने किया केंद्र का उद्घाटन, कार्यदिवसों में दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेंगी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं

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गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU), अमृतसर ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए कैंपस में नया मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित किया है। वाइस चांसलर करमजीत सिंह ने गुरुवार को इसका उद्घाटन किया। केंद्र में छात्रों को पढ़ाई के दबाव, करियर की चिंता, पारिवारिक अपेक्षाओं और अन्य मानसिक चुनौतियों से निपटने के लिए काउंसलिंग और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पंजाब के अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी परिसर में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को भावनात्मक परेशानियों से निपटने में मदद देना और उनके लिए सहयोगपूर्ण शैक्षणिक माहौल तैयार करना है।

कॉलेज और यूनिवर्सिटी की जिंदगी बाहर से जितनी उत्साहपूर्ण दिखाई देती है, विद्यार्थियों के लिए इसके साथ कई चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं। पढ़ाई का दबाव, भविष्य के करियर को लेकर अनिश्चितता, परिवार की अपेक्षाएं और नए माहौल में खुद को ढालने की परेशानी उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए GNDU ने अपने छात्र सहायता तंत्र में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल किया है।

H2: वाइस चांसलर करमजीत सिंह ने किया केंद्र का उद्घाटन

GNDU के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र का उद्घाटन गुरुवार को यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर करमजीत सिंह ने किया। यह केंद्र डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय में स्थापित किया गया है और इसे मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

यूनिवर्सिटी के अनुसार, केंद्र में विद्यार्थियों को कार्यदिवसों में दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों को ऐसा सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण देना है, जहां वे अपनी भावनात्मक परेशानियों और व्यक्तिगत समस्याओं पर बिना झिझक चर्चा कर सकें।

H2: पढ़ाई और करियर का दबाव बन सकता है मानसिक परेशानी की वजह

आज के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में विद्यार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त करने, दूसरे छात्रों से आगे निकलने और नौकरी हासिल करने का दबाव महसूस हो सकता है। इसके साथ परिवार की उम्मीदें, आर्थिक चिंताएं, अकेलापन और भविष्य को लेकर अनिश्चितता भी मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं।

कई बार छात्र इन परेशानियों के बारे में किसी से बात नहीं कर पाते। उन्हें डर रहता है कि दूसरे लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे या उनकी समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा या नहीं।

GNDU का नया केंद्र ऐसी ही बाधाओं को कम करने और जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को पेशेवर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करेगा।

H2: UGC की गाइडलाइंस के अनुरूप स्थापित किया गया केंद्र

वाइस चांसलर करमजीत सिंह ने बताया कि यह केंद्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी समान नीति के अनुरूप स्थापित किया गया है।

उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को प्रसारित इस नीति का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्यार्थियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

केंद्र के माध्यम से छात्रों को काउंसलिंग और सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ सहपाठियों के दबाव से पैदा होने वाली समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी किया जाएगा।

H2: मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत को मिलेगा बढ़ावा

GNDU की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संकोच और गलत धारणाओं को दूर करना है। कई विद्यार्थी भावनात्मक परेशानियों को व्यक्तिगत कमजोरी समझते हैं या यह मानते हैं कि उन्हें अपनी समस्याओं का सामना अकेले करना चाहिए।

विश्वविद्यालय का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में आसानी से उपलब्ध सहायता व्यवस्था होने से विद्यार्थियों को समय पर मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य केंद्र छात्रों को अपनी चिंताओं को समझने, तनाव से निपटने और जरूरत के अनुसार सहायता प्राप्त करने का अवसर देगा। इससे विद्यार्थियों के भावनात्मक कल्याण के साथ उनकी पढ़ाई और समग्र विकास को भी समर्थन मिल सकता है।

H2: विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विश्वविद्यालय का जोर

शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक और डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास भी है। GNDU ने मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के जरिए इसी व्यापक दृष्टिकोण को अपने छात्र कल्याण कार्यक्रम का हिस्सा बनाने की कोशिश की है।

डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय और मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से शुरू की गई यह सुविधा विद्यार्थियों को एक संस्थागत सहायता प्रणाली उपलब्ध कराएगी।

अब इस पहल की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि छात्र सेवाओं के बारे में कितने जागरूक होते हैं और जरूरत पड़ने पर कितनी आसानी से सहायता प्राप्त कर पाते हैं।

Key Highlights

  • GNDU अमृतसर में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित किया गया।

  • वाइस चांसलर करमजीत सिंह ने गुरुवार को केंद्र का उद्घाटन किया।

  • केंद्र डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय में बनाया गया है।

  • मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

  • कार्यदिवसों में दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

  • पढ़ाई, करियर, पारिवारिक अपेक्षाओं और सहपाठियों के दबाव से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा।

  • छात्रों और शिक्षकों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य है।

  • यह पहल UGC के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बताई गई है।

FAQ

Q1. GNDU का नया मानसिक स्वास्थ्य केंद्र कहां स्थापित किया गया है?

उत्तर: यह केंद्र गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय में स्थापित किया गया है।

Q2. केंद्र में विद्यार्थियों को सेवाएं कब मिलेंगी?

उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं कार्यदिवसों में दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध होंगी।

Q3. केंद्र शुरू करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, पढ़ाई के दबाव, करियर की चिंता और अन्य भावनात्मक चुनौतियों से निपटने के लिए काउंसलिंग तथा सहायता उपलब्ध कराना है।

Q4. केंद्र किस विभाग के सहयोग से संचालित होगा?

उत्तर: केंद्र डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय में स्थापित किया गया है और मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से काम करेगा।

Q5. क्या यह पहल UGC की नीति से जुड़ी है?

उत्तर: हां, वाइस चांसलर के अनुसार, केंद्र UGC के दिशा-निर्देशों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी समान नीति के अनुरूप स्थापित किया गया है।

Conclusion

GNDU अमृतसर में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की शुरुआत विद्यार्थियों के भावनात्मक स्वास्थ्य को शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में एक कदम है। पढ़ाई, करियर और पारिवारिक अपेक्षाओं से जुड़े दबाव के बीच यह सुविधा छात्रों को सहायता लेने का अवसर देगी। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और खुलकर बातचीत को प्रोत्साहित करने से विश्वविद्यालय में अधिक संवेदनशील और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।Screenshot_17

Edited By: Atul Sharma

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