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पंजाब में 500 करोड़ रुपये के पंचायत जमीन घोटाले की जांच तेज, ED ने मोहाली से जब्त किए अहम रिकॉर्ड
पठानकोट में 91.75 एकड़ शामलात जमीन पर अवैध खनन का आरोप, जुलाई में 16 ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 1.75 करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने का दावा
पंजाब के पठानकोट में कथित 500 करोड़ रुपये के पंचायत जमीन घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेज कर दी है। एजेंसी के अधिकारियों ने मोहाली स्थित ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के मुख्यालय पहुंचकर कथित अनियमितताओं से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं। मामला 91.75 एकड़ शामलात जमीन पर कथित अवैध खनन और जमीन के निजी व्यक्तियों को हस्तांतरित किए जाने के आरोपों से जुड़ा है।
पंजाब में पंचायत की जमीन से जुड़े कथित 500 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पठानकोट जिले में 91.75 एकड़ जमीन पर कथित अवैध खनन और जमीन के हस्तांतरण में अनियमितताओं की जांच के तहत मोहाली में कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में ED के अधिकारियों ने मोहाली स्थित ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के मुख्यालय का दौरा किया और मामले से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि पंचायत की जमीन पर कथित अवैध खनन कैसे हुआ और जमीन निजी व्यक्तियों को किस प्रक्रिया के तहत हस्तांतरित की गई।
H2: पठानकोट में 91.75 एकड़ जमीन पर अवैध खनन का आरोप
यह मामला पठानकोट जिले के भट्टियां गांव में पंचायत की साझा जमीन पर कथित अवैध खनन से जुड़ा है। यह जमीन गोल गांव की पंचायत के अंतर्गत आती है।
जांच एजेंसी को संदेह है कि इस जमीन से रेत और नदी के तल से निकलने वाली खनिज सामग्री का अवैध उत्खनन किया गया। मामले में जमीन के हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया और उससे संबंधित फैसलों की भी जांच की जा रही है।
H2: जुलाई में 16 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
ED ने इससे पहले जुलाई में पठानकोट में 16 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर बेहिसाब 1.75 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई थी।
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई थी। जांच का केंद्र कथित अवैध खनन और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित शामलात जमीन के हस्तांतरण में संभावित अनियमितताएं हैं।
H2: मंत्री के करीबी माने जाने वाले व्यक्ति के ठिकानों पर भी तलाशी
जुलाई में की गई तलाशी के दौरान जिन परिसरों की जांच हुई, उनमें विजय कुमार कटारूचक का आवास और कार्यालय भी शामिल बताए गए। उन्हें राज्य के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक के करीबी के रूप में माना जाता है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम जांच में सामने आना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
H2: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की FIR के आधार पर जांच
ED की यह जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज FIR पर आधारित है। एजेंसी कथित अवैध खनन, पंचायत की जमीन के हस्तांतरण और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह है कि खनिज संपदा से भरपूर जमीन निजी व्यक्तियों के नाम कैसे हस्तांतरित हुई और इस प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
H2: रिटायरमेंट से पहले जमीन हस्तांतरण के आदेश पर सवाल
ED का आरोप है कि विवादित जमीन को निजी व्यक्तियों के पक्ष में हस्तांतरित करने का आदेश तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कुलदीप सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति से कुछ समय पहले जारी किया था।
एजेंसी के दावे के मुताबिक, कुलदीप सिंह को सेवानिवृत्ति से केवल चार दिन पहले मंत्री की सिफारिश पर ADC (ग्रामीण विकास), पठानकोट के पद पर नियुक्त किया गया था। आरोप है कि उन्होंने सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले विवादित जमीन के हस्तांतरण से संबंधित आदेश जारी किया।
इन आरोपों की जांच जारी है। संबंधित आदेश की वैधता, जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया और अधिकारियों की संभावित भूमिका जांच के प्रमुख बिंदु हैं।
Key Highlights
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पठानकोट में कथित 500 करोड़ रुपये के पंचायत जमीन घोटाले की जांच तेज।
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91.75 एकड़ शामलात जमीन पर कथित अवैध खनन का मामला।
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ED ने मोहाली स्थित ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के मुख्यालय से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए।
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जुलाई में पठानकोट के 16 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी।
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एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान 1.75 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गई।
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की FIR के आधार पर ED की जांच जारी।
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जमीन हस्तांतरण के आदेश और तत्कालीन ADC की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
FAQ
Q1. पंजाब में कथित पंचायत जमीन घोटाला कितने रुपये का है?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कथित घोटाला लगभग 500 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। यह राशि जांच से जुड़े आरोपों का हिस्सा है, इसे अंतिम रूप से साबित हुई रकम नहीं माना जाना चाहिए।
Q2. मामला किस जिले से संबंधित है?
उत्तर: यह मामला पंजाब के पठानकोट जिले के भट्टियां गांव की 91.75 एकड़ शामलात जमीन से जुड़ा है।
Q3. ED ने मोहाली में क्या कार्रवाई की?
उत्तर: ED के अधिकारियों ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के मुख्यालय का दौरा किया और कथित अनियमितताओं से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए।
Q4. जुलाई की छापेमारी में कितनी नकदी जब्त हुई थी?
उत्तर: एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, पठानकोट में 16 ठिकानों पर तलाशी के दौरान 1.75 करोड़ रुपये की कथित बेहिसाब नकदी जब्त की गई थी।
Q5. जमीन हस्तांतरण के मामले में किस अधिकारी का नाम सामने आया है?
उत्तर: ED के आरोपों के अनुसार, तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त कुलदीप सिंह ने सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले विवादित जमीन के हस्तांतरण से संबंधित आदेश जारी किया था।
Conclusion
पठानकोट के कथित पंचायत जमीन घोटाले में ED की जांच अब मोहाली स्थित ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के रिकॉर्ड तक पहुंच गई है। 91.75 एकड़ शामलात जमीन पर कथित अवैध खनन, जमीन के निजी व्यक्तियों को हस्तांतरण और संबंधित अधिकारियों की भूमिका जांच के केंद्र में है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

