अमृतसर में विवादित जमीन की निशानदेही टली, अब 16 अक्टूबर को होगी कार्रवाई; 9 निजी दावेदारों को बुलाया

मॉल रोड पर ठंडी खुई के पास जमीन का मामला, नगर निगम ने 8 विभागों के अधिकारियों को भी रहने के निर्देश दिए; सरकारी जमीन साबित होने पर बिजली-पानी के कनेक्शन काटने की तैयारी

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पंजाब के अमृतसर में मॉल रोड पर ठंडी खुई के पास कंपनी बाग के सामने स्थित विवादित जमीन की निशानदेही बंद के कारण टाल दी गई। अब यह प्रक्रिया 16 अक्टूबर को होगी। नगर निगम ने जमीन पर मालिकाना हक जताने वाले नौ निजी व्यक्तियों और आठ विभागों के अधिकारियों को मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब के अमृतसर में एक प्रमुख विवादित जमीन की निशानदेही की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई है। मॉल रोड पर ठंडी खुई के पास और कंपनी बाग के सामने स्थित इस जमीन की निशानदेही गुरुवार को होनी थी, लेकिन मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में बंद के आह्वान के कारण यह प्रक्रिया नहीं हो सकी।

अब प्रशासन ने निशानदेही के लिए शुक्रवार, 16 अक्टूबर की तारीख तय की है। नगर निगम ने संबंधित पक्षों और विभिन्न विभागों को नए निर्देश जारी कर दिए हैं।

H2: नौ निजी दावेदारों और आठ विभागों को बुलाया गया

नगर निगम की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार, जमीन पर मालिकाना हक का दावा करने वाले नौ निजी व्यक्तियों को मौके पर उपस्थित रहना होगा। इसके अलावा आठ सरकारी विभागों के अधिकारियों को भी निशानदेही के दौरान मौजूद रहने के लिए कहा गया है।

अमृतसर-1 के कानूनगो संबंधित पक्षों की मौजूदगी में जमीन की निशानदेही करेंगे। प्रशासन को इस प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

H2: खसरा नंबर 1193 से 1199 तक की जमीन की होगी जांच

नगर निगम के नोटिस के अनुसार, निशानदेही अमृतसर अर्बन-11 क्षेत्र में मॉल रोड पर ठंडी खुई के पास स्थित खसरा नंबर 1193 से 1199 तक की जमीन की होगी।

संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि यदि उनके पास अदालत का कोई स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) या अन्य संबंधित दस्तावेज हैं, तो वे उन्हें मौके पर प्रस्तुत करें। ऐसा नहीं करने की स्थिति में प्रशासन संबंधित पक्षों की अनुपस्थिति में भी निशानदेही की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।

H2: पहले भी राजस्व रिकॉर्ड के कारण टली थी निशानदेही

इस जमीन की निशानदेही पहले भी स्थगित करनी पड़ी थी। उस समय राजस्व विभाग ने बताया था कि मौके पर मसावी उपलब्ध नहीं थी।

मसावी राजस्व रिकॉर्ड का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसका उपयोग जमीन की सीमाओं और वास्तविक स्थिति की पहचान करने के लिए किया जाता है। आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।

H2: 3 सितंबर को विवादित जमीन पर बनी दुकान सील की गई थी

नगर निगम ने 3 सितंबर को विवादित जमीन पर नवनिर्मित एक दुकान को सील कर दिया था। अब निशानदेही के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि संबंधित जमीन सरकारी है या उस पर निजी व्यक्तियों का वैध मालिकाना हक है।

अधिकारियों के अनुसार, यदि निशानदेही में जमीन सरकारी पाई जाती है, तो नगर निगम आगे की कार्रवाई कर सकता है। इसमें नियमानुसार बिजली, पानी और सीवरेज के कनेक्शन काटने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं।

H2: बिजली और पानी विभाग की टीमें भी रहेंगी उपलब्ध

निशानदेही की प्रक्रिया के दौरान नगर निगम के जल एवं सीवरेज विभाग और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) की टीमों को भी उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इन विभागों की मौजूदगी से जमीन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आगे की कार्रवाई निशानदेही के नतीजों और लागू नियमों के अनुसार ही की जाएगी।

Key Highlights

  • अमृतसर की विवादित जमीन की निशानदेही 15 अक्टूबर को नहीं हो सकी।

  • मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में बंद के कारण प्रक्रिया टली।

  • अब 16 अक्टूबर को निशानदेही करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

  • जमीन पर मालिकाना हक जताने वाले नौ निजी व्यक्तियों को बुलाया गया।

  • आठ सरकारी विभागों के अधिकारियों को भी मौजूद रहने के निर्देश।

  • खसरा नंबर 1193 से 1199 तक की जमीन की सीमाओं की जांच होगी।

  • 3 सितंबर को विवादित जमीन पर बनी दुकान को नगर निगम ने सील किया था।

  • जमीन सरकारी साबित होने पर बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन काटने सहित आगे की कार्रवाई संभव।

FAQ

Q1. अमृतसर में विवादित जमीन की निशानदेही कब होगी?

उत्तर: पहले यह प्रक्रिया 15 अक्टूबर को होनी थी, लेकिन बंद के कारण इसे स्थगित कर 16 अक्टूबर के लिए निर्धारित किया गया है।

Q2. विवादित जमीन कहां स्थित है?

उत्तर: यह जमीन अमृतसर की मॉल रोड पर ठंडी खुई के पास और कंपनी बाग के सामने स्थित है।

Q3. निशानदेही में कौन-कौन शामिल होगा?

उत्तर: जमीन पर दावा करने वाले नौ निजी व्यक्तियों, आठ विभागों के अधिकारियों और अमृतसर-1 के कानूनगो की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के लिए भी कहा गया है।

Q4. मसावी क्या होती है?

उत्तर: मसावी राजस्व विभाग का नक्शा या रिकॉर्ड होता है, जिसका उपयोग जमीन की सीमाओं और स्थान की पहचान करने में किया जाता है।

Q5. अगर जमीन सरकारी निकली तो क्या होगा?

उत्तर: नगर निगम नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है। इसमें बिजली, पानी और सीवरेज के कनेक्शन काटने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

Conclusion

अमृतसर की मॉल रोड पर स्थित विवादित जमीन का मामला अब 16 अक्टूबर की निशानदेही पर टिका है। नौ निजी दावेदारों और आठ विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन की सीमाओं तथा मालिकाना हक से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी। निशानदेही के नतीजों के आधार पर नगर निगम आगे की कार्रवाई तय करेगा।Screenshot_13

Edited By: Atul Sharma

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