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1978 सिख-निरंकारी विवाद पर सीएम भगवंत मान का बड़ा हमला, बोले- आरोपियों को सुरक्षित निकलवाने में अकाली नेतृत्व की थी भूमिका
फगवाड़ा की लोक मिलनी में मुख्यमंत्री ने अकाली दल पर साधा निशाना, SAD-BJP गठबंधन को बताया दोनों दलों के लिए नुकसानदायक।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फगवाड़ा में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1978 के सिख-निरंकारी विवाद का जिक्र करते हुए अकाली नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए और भाजपा के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी बड़ा दावा किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल पर बोला हमला
पंजाब की राजनीति में पंथक मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच जारी बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को फगवाड़ा में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने अकाली दल के पुराने राजनीतिक फैसलों, नशे के मुद्दे और संभावित भाजपा गठबंधन को लेकर कई आरोप लगाए।
1978 सिख-निरंकारी विवाद का किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण में वर्ष 1978 के सिख-निरंकारी विवाद का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस समय आरोपियों को सुरक्षित बाहर निकालने में तत्कालीन अकाली नेतृत्व की भूमिका रही थी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर निहत्थे सिखों की हत्या के आरोप थे, उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की कार में सुरक्षित ले जाया गया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे नेतृत्व पर समुदाय को गर्व क्यों होना चाहिए।नोट: यह मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा सार्वजनिक मंच से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक सामने नहीं आई है।
नशे के मुद्दे पर भी लगाए आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अकाली दल के शासनकाल में लालबत्ती लगी सरकारी गाड़ियों के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई होती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस को ऐसे वाहनों की जांच नहीं करने के निर्देश दिए गए थे।
SAD-BJP गठबंधन पर दी चेतावनी
भगवंत मान ने दावा किया कि शिरोमणि अकाली दल सत्ता में वापसी के लिए भारतीय जनता पार्टी के साथ फिर से गठबंधन की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा गठबंधन होता है तो इसका परिणाम दोनों दलों के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदायक होगा। इसे समझाने के लिए उन्होंने कछुए और चूहे की एक लोककथा का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों की दोस्ती अंततः दोनों के विनाश का कारण बनी थी।
पंथक विवाद के बीच दिखा समर्थन
लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री को केसरिया चोला भेंट किया। कार्यक्रम में करीब 10 से 12 निहंग सिख भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अकाली नेतृत्व पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग अकाल तख्त के सामने गलत बयान दे चुके हैं, वे किसी के प्रति वफादार नहीं हो सकते।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है और राजनीतिक रूप से अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है।
विकास कार्यों का भी किया उल्लेख
राजनीतिक मुद्दों के अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बिजली की तारों को भूमिगत करने सहित विभिन्न बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्टों का उल्लेख किया और कहा कि सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।
Key Highlights:
- फगवाड़ा की लोक मिलनी में सीएम भगवंत मान ने अकाली दल पर तीखा हमला बोला।
- 1978 सिख-निरंकारी विवाद को लेकर अकाली नेतृत्व पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।
- संभावित SAD-BJP गठबंधन को दोनों दलों के लिए नुकसानदायक बताया।
- अकाली शासनकाल में नशे और सरकारी वाहनों के दुरुपयोग के आरोप दोहराए।
- कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी पर भी निशाना साधा।
- विकास कार्यों और बिजली की तारों को भूमिगत करने की योजनाओं का जिक्र किया।
FAQ Section
Q1. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह बयान कब और कहाँ दिया?
उन्होंने 19 जून 2026 को फगवाड़ा में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया।
Q2. मुख्यमंत्री ने अकाली दल पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने 1978 के सिख-निरंकारी विवाद, नशे के कारोबार और संभावित भाजपा गठबंधन को लेकर अकाली दल पर राजनीतिक आरोप लगाए।
Q3. क्या भाजपा का भी इस बयान में उल्लेख किया गया?
हाँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अकाली दल और भाजपा का गठबंधन होता है तो दोनों दलों को राजनीतिक नुकसान होगा।
Q4. क्या मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों पर भी बात की?
हाँ। उन्होंने बिजली की तारों को भूमिगत करने समेत विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया।
Conclusion
फगवाड़ा में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का संबोधन पूरी तरह राजनीतिक मुद्दों और विकास कार्यों पर केंद्रित रहा। उन्होंने अकाली दल और कांग्रेस दोनों पर तीखे हमले किए, जबकि अपनी सरकार की विकास योजनाओं को भी जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री के इन बयानों से पंजाब की राजनीति में नई बहस तेज होने की संभावना है।

