निर्मल कुटिया सीचेवाल परिसर में आयोजित संयुक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि एक बेटी की शिक्षा पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में गिरते मानकों और उभरती चुनौतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि समाज के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं डॉ. आसा सिंह घुमान, परमजीत सिंह मानसा और संत प्रगट नाथ ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को सही दिशा देने के लिए इन क्षेत्रों में ठोस प्रयास जरूरी हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब के शिक्षा मंत्री एस. हरजोत सिंह बैंस ने संत सीचेवाल को उनके जन्मदिन पर बधाई दी और शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का सौभाग्य है कि उसे संत सीचेवाल जैसी दूरदर्शी शख्सियत मिली है, जिनके कार्यों की प्रशंसा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भी कर चुके हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य कुलविंदर सिंह और सतपाल सिंह ने स्कूल की वार्षिक शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर संत सीचेवाल ने कहा कि इन संस्थानों में गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को नैतिक और सामाजिक मूल्य भी सिखाए जा रहे हैं।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस का उल्लेख करते हुए संत सीचेवाल ने आर्द्रभूमियों को मां धरती के आभूषण बताया और सभी से उनके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
