गोराया–फिल्लौर मार्ग पर स्थित नवस्थापित ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर कर्मचारियों की कमी के कारण आवेदकों को हो रही असुविधा का मुद्दा सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। केंद्र पर दो डेटा ऑपरेटरों की तैनाती के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिला है और अब आवेदकों के कार्य समय पर पूरे हो रहे हैं।
यह ड्राइविंग टेस्ट सेंटर फिल्लौर, शाहकोट और नकोदर तहसीलों के अलावा जालंधर क्षेत्र के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। हाल ही में स्टाफ की अनुपस्थिति के चलते कई आवेदकों को बिना काम कराए लौटना पड़ रहा था, जिसको लेकर लोगों में नाराजगी थी।
स्थिति का संज्ञान लेते हुए फिल्लौर के एसडीएम नवदीप सिंह ने केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड की जांच की, आवेदकों से बातचीत कर फीडबैक लिया और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को मौके पर ही दूर करने के निर्देश दिए गए।
मीडिया से बातचीत में एसडीएम नवदीप सिंह ने कहा कि ड्राइविंग टेस्ट के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आवेदक को टेस्ट शुरू होने से पहले वाहन से उतरकर सीसीटीवी कैमरे के सामने खड़ा होना अनिवार्य होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि काले या टिंटेड शीशों वाले वाहनों को केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही ऐसे वाहनों में ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र का मुख्य गेट बंद रखा जाएगा और केवल वैध अपॉइंटमेंट व आधिकारिक कार्य वाले आवेदकों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद आवेदकों ने राहत की सांस ली है और व्यवस्था में सुधार पर संतोष जताया है।

