होशियारपुर की दिव्या मेनन बनीं राष्ट्रीय युवा संसद की विजेता

मुंबई में आयोजित ‘अभिरूप युवा संसद’ में संविधान और लोकतंत्र पर प्रभावशाली प्रस्तुति

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होशियारपुर की दिव्या मेनन ने मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की ‘अभिरूप युवा संसद’ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने अपने विचारों, तार्किक क्षमता और संवैधानिक समझ से सभी को प्रभावित किया।

होशियारपुर की दिव्या मेनन ने अपनी बौद्धिक क्षमता, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और संवैधानिक समझ का शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई के एनएमआईएमएस, विले पार्ले (पश्चिम) स्थित मुकेश पटेल ऑडिटोरियम में आयोजित ‘अभिरूप युवा संसद (राष्ट्रीय युवा संसद)’ के फाइनल राउंड में प्रथम स्थान हासिल किया।

यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन युवक बिरादरी (भारत) द्वारा किया गया था, जिसमें महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों से आए 28 फाइनलिस्ट शामिल हुए। प्रतिभागियों ने दो महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की:

  • “शक्ति संतुलन: केंद्र–राज्य संबंधों पर पुनर्विचार”

  • “कर्तव्य विधायक विधेयक, 2026”

दिव्या मेनन के लिए यह उपलब्धि एक गहन और प्रेरणादायक यात्रा का परिणाम रही। उन्होंने कहा,

“इस मंच ने मुझे अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ रखने का अवसर दिया। यह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की गहराई को समझने का माध्यम था।”

कार्यक्रम की शुरुआत भू-राजनीति पर एक कठिन लिखित परीक्षा से हुई, जिसके बाद युवा संसद सत्र आयोजित हुआ। इसमें प्रतिभागियों को सरकार और विपक्ष के पक्षों में विभाजित किया गया और उन्होंने तीखे तर्कों व गहरी समझ के साथ बहस की।

दिव्या ने कहा,

“चर्चाएं बेहद समृद्ध और प्रेरणादायक थीं। युवाओं को संघवाद और मौलिक कर्तव्यों जैसे मुद्दों पर इतनी स्पष्टता के साथ बहस करते देखना अद्भुत था।”

उन्होंने आगे बताया कि इंटरव्यू राउंड ने प्रतिभागियों को देश की वर्तमान चुनौतियों पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका पर विचार करने का अवसर दिया।

‘युवा भूषण पुरस्कार’ जीतने पर उन्होंने इसे विनम्र और प्रेरणादायक क्षण बताया।

“यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि हर उस युवा का है जो संवाद और लोकतांत्रिक भागीदारी की शक्ति में विश्वास रखता है।”

वर्तमान में चंडीगढ़ हाई कोर्ट में वकालत कर रहीं दिव्या ने कहा कि ऐसे मंचों का विस्तार और अधिक क्षेत्रों में होना चाहिए।

“पंजाब में युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। मैं चाहती हूं कि ऐसे आयोजन यहां भी हों, ताकि अधिक युवा लोकतंत्र से जुड़ सकें।”

इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के टिटवाला के सर्वेश नायक को दूसरा और मुंबई के दहिसर की मधु सिंह को तीसरा स्थान मिला।

इसके अलावा, राजनिकांत श्रॉफ, लीली भूषण, घनश्याम धोक्रत और किरण सावे जैसी हस्तियों को जनसेवा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे, जिनमें:

  • नरेंद्र जाधव (भारतीय संविधान पर)

  • कुमार केतकर (वैश्विक परिदृश्य पर)

  • राम चड्ढा (व्यक्तित्व विकास पर) शामिल थे।

इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों और जूरी सदस्यों की उपस्थिति ने इसकी गरिमा को और बढ़ाया।

दांडी स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने संवैधानिक मूल्यों, संघीय संतुलन और जिम्मेदार युवा नेतृत्व के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का समापन ‘पुण्यतीर्थ भारत’ नृत्य बैले की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें 40 कलाकारों ने भाग लिया।Screenshot_2094

Edited By: Karan Singh

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