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मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने लाडोवाल टोल प्लाजा पर किया प्रदर्शन
जम्मू-कटरा हाईवे परियोजना से प्रभावित किसानों ने आधे घंटे तक टोल संचालन रोका, केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए नारे
बीकेयू-दकौंदा से जुड़े किसानों ने लंबित मुआवजे की मांग को लेकर पंजाब के सबसे महंगे टोल प्लाजा माने जाने वाले लाडोवाल टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। किसानों ने करीब आधे घंटे तक टोल संचालन बंद कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बीकेयू-दकौंदा से जुड़े किसानों ने रविवार को पंजाब के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में गिने जाने वाले लाडोवाल टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। किसानों ने जम्मू-कटरा हाईवे परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के लंबित मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करीब आधे घंटे तक टोल संचालन बंद रखा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप था कि उनकी जमीन का अधिग्रहण किए जाने और हाईवे के कई हिस्सों का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बावजूद अनेक प्रभावित किसानों को या तो आंशिक भुगतान मिला है या अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपने वाहन टोल लेनों के सामने खड़े कर दिए, जिससे करीब 30 मिनट तक यातायात और टोल वसूली प्रभावित रही।जैसे ही प्रशासन को प्रदर्शन की सूचना मिली, पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम कुलदीप सिंह ने भी टोल प्लाजा पहुंचकर किसान प्रतिनिधियों से बातचीत की और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने फिलहाल प्रदर्शन स्थगित कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो टोल प्लाजा को अनिश्चितकाल के लिए फिर से बंद किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान बीकेयू-दकौंदा के नेता जग रूप सिंह हसनपुर ने कहा कि किसान लगभग 45 दिन पहले भी लंबित मुआवजे के मुद्दे को लेकर प्रशासन से संपर्क कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कटरा सड़क परियोजना के तहत आने वाली जमीन के किसानों ने प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा करते हुए अपनी जमीन का कब्जा सौंप दिया था।
हालांकि उनका आरोप है कि कई किसानों को अब तक उनकी जमीन का पूरा भुगतान नहीं मिला है। कुछ किसानों को आधी राशि मिली, कुछ को उससे भी कम और कई किसानों को पिछले दो वर्षों में कोई भुगतान नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि जब किसान इस मुद्दे को लेकर सरकारी दफ्तरों में जाते हैं, तो अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से फंड जारी न होने की बात कहकर देरी का हवाला देते हैं।
किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि एनएचएआई ने जल्द लंबित भुगतान जारी नहीं किया, तो किसान अपना आंदोलन और तेज करेंगे तथा टोल प्लाजाओं का घेराव करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में किसानों को सरकार की ओर से नोटिस भी भेजे गए हैं, जिनमें उनके खातों में पहले से जमा मुआवजे की राशि वापस करने को कहा गया है।
जग रूप सिंह ने कहा कि किसान अपनी कृषि भूमि खो चुके हैं, लेकिन नई जमीन खरीदने और आजीविका चलाने के लिए आवश्यक पर्याप्त मुआवजा अब तक नहीं मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत के बावजूद मुआवजा जारी नहीं किया जा रहा है।


