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वेयरहाउसिंग अधिकारी की मौत मामले में पूर्व मंत्री ललजीत भुल्लर गिरफ्तार
वीडियो में लगाए उत्पीड़न के आरोप, परिवार ने दी थी 24 घंटे की चेतावनी
पंजाब वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पूर्व परिवहन मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया गया। मृतक के परिवार ने मंत्री पर दबाव और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर को सोमवार को वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के एक अधिकारी की मौत के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अमृतसर में जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार तड़के कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने भुल्लर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर भुल्लर ने उसी दिन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
गिरफ्तारी से पहले भुल्लर ने फेसबुक पर पोस्ट कर दावा किया कि वह स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्होंने लिखा:
“मैंने अपने हर कदम की शुरुआत भगवान को साथ लेकर की है। मेरे लिए मेरे लोग ही भगवान हैं, उनके चेहरों में मैंने हमेशा भगवान की झलक देखी है। मेरे जीवन का हर फैसला उनके भले और सच्चाई के रास्ते पर चलने के लिए रहा है। लेकिन आज जो अफवाहें फैल रही हैं कि मैं भाग गया हूं... यह सच नहीं है। मैं कभी सच्चाई से नहीं भागूंगा।
मुझे देश के कानून पर पूरा विश्वास है और न्याय प्रणाली पर अटूट भरोसा है। मैं कहीं नहीं भागा हूं, मैं अपने पंजाब में ही हूं। सच्चाई और न्याय पर विश्वास रखते हुए मैं खुद मंडी गोबिंदगढ़ में आत्मसमर्पण कर रहा हूं।”
भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद गगनदीप रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने कहा कि परिवार आगे की कार्रवाई पर चर्चा कर निर्णय लेगा। इससे पहले परिवार ने पंजाब सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि जब तक भुल्लर को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देंगे।
डीसीपी (जांच) रविंदरपाल सिंह संधू अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ रंधावा के घर पहुंचे और परिवार को पोस्टमार्टम की अनुमति देने के लिए समझाने की कोशिश की।
डीसीपी ने बताया कि भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ से अमृतसर लाया जा रहा है और मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (समान उद्देश्य) के तहत मामला दर्ज किया था।
शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें रंधावा, जो पट्टी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे, कथित तौर पर कहते सुने गए कि उन्होंने जहर खा लिया है और परिवहन मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।
“खा लई ‘सेल्फोस’ तुहाडे यार ने, मंत्री ललजीत भुल्लर दे डर तो। हुण नहीं मैं बचदा,”
(“तुम्हारे दोस्त ने मंत्री ललजीत भुल्लर के डर से सेल्फोस खा लिया है। अब मैं नहीं बचूंगा।”)
पुलिस में दर्ज शिकायत में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने आरोप लगाया कि उनके पति पर लगातार भुल्लर के पिता को वेयरहाउस का टेंडर देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें तथा उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही थी।
कौर ने अपनी शिकायत, जो एफआईआर का हिस्सा है, में कहा कि उनके पति ने बताया था कि किसी भी हालत में टेंडर भुल्लर के पिता के नाम मंजूर करने के लिए उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा था।
शिकायत के अनुसार, भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके पीए दिलबाग सिंह ने धमकी दी थी कि यदि टेंडर सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर मंजूर नहीं किया गया, तो रंधावा और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
एफआईआर के अनुसार, 13 मार्च को रंधावा को पट्टी स्थित भुल्लर के घर बुलाया गया, जहां उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। कौर ने आरोप लगाया कि उनके पति को बंदूक की नोक पर यह कबूल करने के लिए मजबूर किया गया कि उन्होंने किसी अन्य पार्टी को टेंडर देने के लिए 10 लाख रुपये लिए थे।
