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खरड़ नगर परिषद चुनाव टले, पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में दिया आश्वासन
नई शामिल की गई कॉलोनियों के वार्ड निर्धारण अधूरे होने पर उठा विवाद, वोटिंग अधिकार प्रभावित होने का मामला
पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि खरड़ नगर परिषद के आगामी चुनाव फिलहाल स्थगित किए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नई शामिल की गई कॉलोनियों का वार्डों में परिसीमन नहीं होने से वहां के निवासी मतदान और चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
पंजाब सरकार ने शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आश्वासन दिया कि खरड़ नगर परिषद के आगामी चुनाव स्थगित कर दिए जाएंगे। यह आश्वासन उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें कहा गया था कि नई शामिल की गई कॉलोनियों का परिसीमन अधूरा होने के कारण कई निवासी अपने मतदान और चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
यह मामला न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी और न्यायमूर्ति दीपक मंचंदा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हर्ष चोपड़ा ने दलील दी कि 2021 के परिसीमन अभ्यास के बाद खरड़ नगर परिषद की सीमा में शामिल किए गए कई क्षेत्रों को अब तक वार्डों में विभाजित नहीं किया गया है। वहीं, 1 जनवरी से लागू केंद्रीय अधिसूचना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पर रोक लग गई थी।
खंडपीठ के समक्ष पेश होते हुए अधिवक्ता चोपड़ा ने कहा कि एक “व्यावहारिक समस्या” पैदा हो गई है क्योंकि नगर परिषद खरड़ का हिस्सा बन चुके क्षेत्रों को किसी वार्ड में शामिल नहीं किया गया। ऐसे में यदि पुराने परिसीमन के आधार पर चुनाव कराए जाते हैं, तो इन क्षेत्रों के निवासी न तो मतदान कर पाएंगे और न ही चुनाव लड़ सकेंगे।याचिका में कहा गया कि ऐसी स्थिति प्रभावित निवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी। इसलिए जब तक नगर परिषद खरड़ के पूरे क्षेत्र का कानून के अनुसार सही तरीके से परिसीमन नहीं हो जाता, तब तक चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से यह निर्देश जारी करने की मांग की कि पूर्ण और वैधानिक परिसीमन होने तक नगर परिषद खरड़ के चुनाव स्थगित रखे जाएं।


