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Vapsi नाटक ने प्रवासन पर दिया अनोखा संदेश—वापसी में ही है असली पहचान
SCD Government College में मंचन, युवाओं को जड़ों से जुड़ने का दिया संदेश
एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज में ‘वापसी’ नाटक का मंचन किया गया, जिसमें विदेश जाने वाले युवाओं की कहानी के जरिए लौटकर अपनी पहचान और जिम्मेदारी को समझने का संदेश दिया गया।
एक ऐसे शहर में, जहां हर दिन अनगिनत प्रवासी अपने सपनों के साथ आते हैं और जहां अधिकांश युवाओं के मन में विदेश जाने का सपना बसा हुआ है, SCD Government College ने एक अलग कहानी पेश की—वापसी, आत्मबोध और अपनेपन की कहानी।
कॉलेज के ऑडिटोरियम में ‘Vapsi’ नाटक का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि कभी-कभी सबसे बड़ी यात्रा वह होती है, जो हमें अपने घर वापस ले जाती है।
यह नाटक Nirmal Jaura द्वारा लिखा गया और Nirmal Singh Dhaliwal द्वारा निर्देशित किया गया। स्थानीय कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से इसे जीवंत बना दिया।
नाटक में उन युवाओं की भावनात्मक और नैतिक यात्रा को दिखाया गया, जो अवैध तरीकों से विदेश जाते हैं। इसका मंचन Punjab Kala Parishad और राज्य के सांस्कृतिक मामलों के विभाग के तत्वावधान में किया गया।
यह नाटक केवल प्रवासन की आलोचना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें “वापसी” और “आत्म-साक्षात्कार” जैसे गहरे विषयों को भी दर्शाया गया। इसमें दिखाया गया कि विदेश में कठिनाइयों और निराशा का सामना करने के बाद युवा एक बदलाव से गुजरते हैं, जिससे उनमें जागरूकता आती है और वे अपने देश लौटने का निर्णय लेते हैं।
नाटक यह संदेश देता है कि वापसी हार नहीं, बल्कि अपनी पहचान को फिर से पाने का माध्यम है। अपनी मिट्टी, भाषा और समाज से जुड़कर पात्र अपनी गरिमा और अपनापन फिर से महसूस करते हैं।
यह भी दर्शाया गया कि असली सफलता विदेश में नहीं, बल्कि अपनी जड़ों को मजबूत करने और समाज के विकास में योगदान देने में है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि Rishi Pal Singh (रजिस्ट्रार, Punjab Agricultural University) ने युवाओं को अवैध तरीके से विदेश जाने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि यदि विदेश जाना जरूरी हो, तो केवल वैध तरीकों से, जैसे स्किल्ड लेबर या अन्य कानूनी माध्यमों के जरिए ही जाना चाहिए, ताकि जीवन और सम्मान को खतरे में न डालना पड़े।
