विकास दर के अनुमान यथार्थवादी, पूंजीगत व्यय को जमीन पर उतारना सरकार की सबसे बड़ी ताकत: निर्मला सीतारमण

प्रधानमंत्री स्वयं परियोजनाओं की अंतिम कड़ी की निगरानी करते हैं, PRAGATI बैठकों में होती है समीक्षा

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार द्वारा तय किए गए आर्थिक विकास के अनुमान पूरी तरह यथार्थवादी हैं और पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को प्रभावी ढंग से लागू करना मौजूदा सरकार की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की लास्ट माइल डिलीवरी तक की निगरानी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं।

आंचल मैगज़ीन’ को दिए गए एक साक्षात्कार में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आर्थिक विकास दर को लेकर उनके आकलन न तो अत्यधिक सतर्क हैं और न ही अव्यावहारिक। उन्होंने कहा, “हर बजट के बाद मुझ पर यह आरोप लगता है कि मैं बहुत कंज़र्वेटिव हूं, लेकिन मैं हमेशा कहती हूं कि मेरे अनुमान वास्तविकता पर आधारित होते हैं। हम न तो लक्ष्य से ज्यादा आगे जाते हैं और न ही जरूरत से कम रखते हैं। अब तक हम हर लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहे हैं।”

वित्त मंत्री ने निजी निवेश को लेकर कहा कि अब स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि निवेशक धीरे-धीरे संकोच की स्थिति से बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों में पूंजी केवल सुरक्षित और निष्क्रिय आय (पैसिव इनकम) के लिए लगाई जा रही थी, अब वही निवेश जोखिम लेकर उत्पादन बढ़ाने, क्षमता विस्तार और नए व्यवसाय शुरू करने की ओर बढ़ रहा है।

सीतारमण ने कहा कि निवेश का रुझान अब पारंपरिक उद्योगों जैसे सीमेंट और स्टील से आगे बढ़कर नए और उभरते क्षेत्रों की ओर दिखाई देने लगा है। हालांकि उन्होंने माना कि यह रुझान अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन इसके संकेत स्पष्ट हैं।

कार्यान्वयन को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि यह मौजूदा सरकार की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हर महीने होने वाली PRAGATI बैठकों के माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हैं। इन बैठकों में जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टरों को सीधे जोड़ा जाता है और उनसे पूछा जाता है कि परियोजनाओं में देरी क्यों हो रही है और केंद्र सरकार किस तरह मदद कर सकती है।

उन्होंने कहा, “लास्ट माइल तक पहुंचना और वहां परिणाम देना इस सरकार की पहचान बन चुका है। इसलिए परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कोई समस्या नहीं है।”

वित्त मंत्री के अनुसार, मजबूत निगरानी तंत्र और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के कारण ही सरकार पूंजीगत निवेश को वास्तविक विकास में बदलने में सफल रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिली है।Screenshot_908

Edited By: Atul Sharma

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