चंडीगढ़ प्रशासन में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करते हुए यूटी प्रशासन ने बड़ा और कर्मचारी हितैषी फैसला लिया है। कार्मिक विभाग, चंडीगढ़ द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार, प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को वही भत्ते दिए जाएंगे, जो नियमित यूटी कर्मचारियों को देय हैं।
इस फैसले के तहत प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की मासिक आय में करीब 10,000 से 12,000 रुपये की वृद्धि होगी। इसके साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक के एरियर मिलने की संभावना है। इसमें महंगाई भत्ता, बढ़ा हुआ मकान किराया भत्ता (एचआरए), यात्रा भत्ता, बच्चों की शिक्षा भत्ता, सातवें वेतन आयोग के तहत संशोधित वेतन निर्धारण से संबंधित बकाया राशि शामिल है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो भत्ते समकक्ष पद पर कार्यरत नियमित कर्मचारियों को देय नहीं हैं, वे प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को नहीं मिलेंगे। हालांकि, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के प्रावधानों के अंतर्गत अनुमन्य सभी लाभ चंडीगढ़ में कार्यरत प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को प्रदान किए जाएंगे।
आदेश में पंजाब और हरियाणा की सेवा नियमावली का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें यह प्रावधान पहले से मौजूद है कि प्रतिनियुक्त कर्मचारी उधार लेने वाले विभाग में लागू भत्तों के हकदार होते हैं। इनमें एचआरए, परिवहन भत्ता, ज्वाइनिंग टाइम व ज्वाइनिंग टाइम पे, यात्रा भत्ता, स्थानांतरण टीए, बच्चों की शिक्षा भत्ता और एलटीसी शामिल हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों और कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू करें और पात्र कर्मचारियों को बिना किसी देरी के उनका बकाया भुगतान सुनिश्चित करें।
इस फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब एवं हरियाणा कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष रणबीर झोरार ने पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक, यूटी मुख्य सचिव, वित्त सचिव और कार्मिक सचिव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वर्ष 2022 से लंबित था और यह निर्णय न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच विश्वास और समन्वय को भी मजबूत करेगा।

