‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत पंजाब कांग्रेस की जोरदार रैली

भूपेश बघेल का दावा—तीन कृषि कानूनों की तरह नया मनरेगा ढांचा भी वापस लेंगे पीएम मोदी

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‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत पंजाब कांग्रेस ने गुरदासपुर–पठानकोट क्षेत्र में रैली कर केंद्र सरकार की नई मनरेगा संरचना का विरोध किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था से ग्रामीण गरीबों के रोजगार अधिकार कमजोर हुए हैं और कानून वापस लेने की मांग दोहराई।

 
 

पंजाब कांग्रेस ने आज यहां ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत एक प्रभावशाली रैली का आयोजन किया, जिसमें गुरदासपुर और पठानकोट के शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। रैली में केंद्र सरकार की नई मनरेगा संरचना के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया गया।

पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री एवं पंजाब मामलों के लिए एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नया मनरेगा प्रारूप भी उसी तरह वापस लेना पड़ेगा, जैसे उन्होंने तीन कृषि कानूनों को वापस लिया था।

बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शुरू से ही पुराने मनरेगा कानून के प्रति hostile रहे हैं। “यह कानून ग्रामीण गरीबों को साल में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करता था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे कमजोर कर दिया है। लुधियाना में 1.21 लाख परिवारों ने काम के लिए पंजीकरण कराया, लेकिन सिर्फ 12 परिवारों को ही 100 दिन का काम मिला,” उन्होंने कहा।

हालांकि रैली का मुख्य उद्देश्य नई मनरेगा योजना का विरोध था, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान भाजपा और केंद्र सरकार को कई अन्य मुद्दों पर भी घेरा।

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप “शर्तों पर काम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “अमेरिका और चीन, दोनों प्रधानमंत्री की कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं। अमेरिका भारत पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाने जा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी सामान पर शून्य टैरिफ पर सहमति दे दी। यहां तक कि पाकिस्तान भी अमेरिकी वस्तुओं पर 11 प्रतिशत शुल्क वसूलता है। इससे साफ है कि प्रधानमंत्री ने भारत के हितों से समझौता किया है।”

इस अवसर पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। “जब तक केंद्र सरकार नया कानून वापस नहीं लेती, हमारी लड़ाई जारी रहेगी,” उन्होंने कहा।

वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मनरेगा कोई दान योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है। “कांग्रेस ने ग्रामीण जनता को अधिकार दिए थे, जिन्हें भाजपा ने छीन लिया है। भाजपा कागजों पर बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई जवाबदेही नहीं है,” उन्होंने कहा।

 
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Edited By: Atul Sharma

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