विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय पाल सिंह बंगा ने पाकिस्तान दौरे के दौरान पंजाब प्रांत के खुशाब जिले में स्थित अपनी मां के पैतृक गांव का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपने परिवार के अतीत से जुड़े इस स्थान पर लौटना उनके लिए गहराई से भावुक कर देने वाला अनुभव रहा।
बंगा ने कहा कि गांव के स्थानीय निवासियों द्वारा दिखाया गया स्नेह और अपनापन उन्हें बेहद छू गया। उन्होंने अपनी पाकिस्तानी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह दौरा उनके जीवन के सबसे भावनात्मक पलों में से एक है।
दौरे के दौरान अजय पाल सिंह बंगा ने एक पुराने गुरुद्वारे में मत्था भी टेका, जिसे उनके ननिहाल पक्ष के दादा द्वारा बनवाया गया था। इस क्षण का एक वीडियो सिंध के मुख्यमंत्री आवास की ओर से इंस्टाग्राम पर साझा किया गया है।
वीडियो में बंगा यह कहते नजर आ रहे हैं कि भारत-पाकिस्तान का विभाजन दोनों देशों के परिवारों के लिए बेहद कठिन समय था—चाहे वे पाकिस्तान से भारत आए हों या भारत से पाकिस्तान गए हों। उन्होंने कहा कि उस दौर की पीड़ा आज भी कई परिवारों की स्मृतियों में जीवित है।
अजय पाल सिंह बंगा का यह दौरा न केवल एक आधिकारिक यात्रा रहा, बल्कि इसमें इतिहास, भावनाएं और मानवीय संबंधों की गहरी झलक भी देखने को मिली।
