राज्य में स्थानीय निकायों के कामकाज में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थानीय सरकार मंत्री संजीव अरोड़ा ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न नगर निगमों और नगर परिषदों द्वारा पारित कई प्रस्ताव वर्षों से स्वीकृति के इंतजार में पड़े थे, जिन्हें अब तेजी से निपटाया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि जब उन्होंने पिछले महीने मंत्रालय का कार्यभार संभाला, तो उन्हें पता चला कि करीब 1,100 प्रस्ताव लंबित थे, जिनमें से कुछ पिछले पांच वर्षों से मंजूरी का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकायों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों से संबंधित थे।
अरोड़ा ने बताया कि बीते पंद्रह दिनों में 900 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की देरी न हो, इसके लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसके तहत प्रस्तावों को डिजिटल माध्यम से भेजा जाएगा और 10 दिनों के भीतर उनका निपटारा अनिवार्य होगा।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि सुधारों के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों में वृद्धि की गई है, ताकि विकास कार्यों को बिना अनावश्यक देरी के स्वीकृति मिल सके। इसके अलावा, मानसून से पहले सभी शहरों और कस्बों में सीवर लाइनों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिससे जलभराव और बीमारियों की समस्या से बचा जा सके।
सरकार के इस फैसले से शहरी विकास कार्यों को गति मिलने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
