दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने गुरुवार को पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र जारी कर 12 फरवरी से पहले विशेषाधिकार समिति के समक्ष अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। सचिवालय ने यह पत्र आलोक शेखर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह–II शाखा), डीजीपी गौरव यादव और जालंधर की पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर को भेजा है।
यह कार्रवाई कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अतिशी से जुड़े एक वीडियो के आधार पर दर्ज एफआईआर के संबंध में की गई है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में पंजाब पुलिस की भूमिका, उनके जवाब और कुछ दस्तावेज साझा करने से इनकार को देखते हुए विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का प्रथम दृष्टया मामला पाया है।
आधिकारिक संचार के अनुसार, अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह पंजाब पुलिस अधिकारियों के आचरण की जांच करे और दिल्ली सरकार के कानून एवं न्याय मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा दायर शिकायत पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
यह शिकायत 2 फरवरी को दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अतिशी ने सिख गुरुओं से संबंधित कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। सचिवालय ने यह भी उल्लेख किया है कि इस मामले में पहले मांगी गई कुछ जानकारियां और दस्तावेज अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं, जबकि पंजाब के पुलिस महानिदेशक की ओर से 28 जनवरी को पत्र भेजकर इन्हें संबंधित कार्यालय तक अग्रेषित किया गया था।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने अब एक बार फिर निर्देश दिया है कि सभी लंबित दस्तावेज और शिकायतों पर लिखित टिप्पणियां 12 फरवरी तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाएं। मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
