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अमृतसर के ऐतिहासिक राम बाग में अवैध कब्जों और निर्माण का आरोप, AIT और नगर निगम की भूमिका पर उठे सवाल
महाराजा रणजीत सिंह की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे कंपनी बाग में तीन निजी क्लब और करीब एक दर्जन निजी परिसर होने का दावा; ASI ने नगर निगम से निर्माण हटाने को कहा
अमृतसर के ऐतिहासिक राम बाग (कंपनी बाग) में कथित अतिक्रमण और बिना अनुमति निर्माण का मामला सामने आया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने नगर निगम को निर्माण हटाने के लिए कहा है। वहीं, अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और नगर निगम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
ऐतिहासिक राम बाग में अवैध निर्माण को लेकर विवाद
पंजाब के अमृतसर स्थित ऐतिहासिक राम बाग, जिसे कंपनी बाग के नाम से भी जाना जाता है, एक बार फिर विवादों में है। महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल में यह उनकी ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। यह उद्यान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आने वाला स्मारक है, जबकि इसकी देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है।
अब इस ऐतिहासिक परिसर में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति निर्माण और मरम्मत कार्य करवाने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (AIT) ने नगर निगम को जानकारी दिए बिना परिसर में काम करवाया।
ASI ने नगर निगम से निर्माण हटाने को कहा
मामले में ASI ने नगर निगम को पत्र लिखकर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा कथित तौर पर किए गए निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ASI ने ट्रस्ट के एक इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत भी दी है।
बताया जा रहा है कि ASI पहले भी राम बाग में कथित नियम उल्लंघनों को लेकर नोटिस और पत्र जारी कर चुका है। इसके बावजूद परिसर में अतिक्रमण और निजी गतिविधियों पर रोक नहीं लगने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तीन निजी क्लब और करीब एक दर्जन निजी परिसर होने का दावा
राम बाग में अतिक्रमण का मुद्दा नया नहीं है। यहां तीन निजी क्लब और लगभग एक दर्जन निजी परिसर होने की बात कही जा रही है। इन परिसरों में टेनिस, स्केटिंग, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, ओपन जिम और पारंपरिक अखाड़ों जैसी गतिविधियां संचालित होती हैं।
आरोप है कि इनमें से कुछ निजी परिसरों का विकास राजनीतिक संरक्षण में किया गया और विरासत संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पर इन परिसरों में बिना आवश्यक मंजूरी निर्माण और मरम्मत करवाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
बच्चों का पार्क और पार्किंग स्थल भी पहले विवादों में रहे
राम बाग के भीतर पहले बच्चों का पार्क और कई अन्य ढांचे भी बनाए गए थे। पूर्ववर्ती SAD-BJP सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मंत्री और नेता अनिल जोशी की पहल पर उद्यान के बड़े हिस्से में पार्किंग स्थल विकसित किए गए थे।
बताया जाता है कि इन पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल आसपास के निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठान करते हैं। स्थानीय विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पहले बच्चों के पार्क को लीज पर दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, ताजा अतिक्रमण के आरोपों पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नगर निगम आयुक्त ने NOC जारी होने से किया इनकार
नगर निगम आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि हाल में किए गए निर्माण कार्यों के लिए न तो इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और न ही किसी अन्य विभाग ने नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लिया है।
इस बयान के बाद निर्माण कार्यों की अनुमति और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब यह देखना होगा कि ASI और नगर निगम कथित अतिक्रमण तथा अनधिकृत निर्माण के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।
मुख्य बातें
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अमृतसर का ऐतिहासिक राम बाग कंपनी बाग के नाम से भी जाना जाता है।
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यह उद्यान महाराजा रणजीत सिंह की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहा है।
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राम बाग ASI के संरक्षण में आने वाला स्मारक है।
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ASI ने कथित निर्माण हटाने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा है।
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ट्रस्ट के एक इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
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परिसर में तीन निजी क्लब और करीब एक दर्जन निजी परिसरों के होने का दावा है।
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नगर निगम आयुक्त के अनुसार हालिया निर्माण के लिए किसी विभाग ने NOC नहीं लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. राम बाग कहां स्थित है?
राम बाग पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित एक ऐतिहासिक उद्यान है, जिसे कंपनी बाग भी कहा जाता है।
2. राम बाग का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल में यह उनकी ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में इस्तेमाल होता था।
3. राम बाग में किस तरह के अतिक्रमण के आरोप हैं?
यहां निजी क्लब, खेल गतिविधियों के परिसर और अन्य निर्माण ढांचे होने की बात सामने आई है। इन पर विरासत संरक्षण नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं।
4. ASI ने क्या कार्रवाई की है?
ASI ने नगर निगम से कथित अनधिकृत निर्माण हटाने को कहा है और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के एक इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत दी है।
5. नगर निगम आयुक्त ने क्या कहा है?
नगर निगम आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल के अनुसार हालिया निर्माण कार्यों के लिए किसी विभाग ने नगर निगम से NOC नहीं लिया।
निष्कर्ष
महाराजा रणजीत सिंह से जुड़े ऐतिहासिक राम बाग में कथित अतिक्रमण और बिना अनुमति निर्माण का मामला विरासत संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। ASI की शिकायत और नगर निगम आयुक्त के बयान के बाद अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। सबसे अहम सवाल यह है कि ऐतिहासिक उद्यान की मूल संरचना और सार्वजनिक उपयोग को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।

