हरियाणा के यमुनानगर में पेट्रोल पंपों पर लग सकता है ताला, 225 डीलर करेंगे एक दिन की हड़ताल

पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कमीशन बढ़ाने और व्यावहारिक सफाई नियम लागू करने की मांग उठाई; 4 या 5 नवंबर को होगी सांकेतिक नो-सेल हड़ताल

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हरियाणा के यमुनानगर जिले में पेट्रोल और डीजल की बिक्री एक दिन के लिए प्रभावित हो सकती है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। जिले के करीब 225 पेट्रोल पंप संचालकों के इसमें शामिल होने की संभावना है।

यमुनानगर में पेट्रोल पंप संचालक करेंगे नो-सेल हड़ताल

हरियाणा के यमुनानगर जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति एक दिन के लिए प्रभावित हो सकती है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एक दिन की 'नो-सेल' यानी ईंधन बिक्री बंद रखने वाली सांकेतिक हड़ताल करने का फैसला किया है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सचिन गुर्जर के अनुसार, जिले के लगभग 225 पेट्रोल पंप संचालक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। हड़ताल 4 नवंबर या 5 नवंबर को की जाएगी। इसकी अंतिम तारीख जल्द तय की जाएगी।

कमीशन बढ़ाने की सबसे बड़ी मांग

सचिन गुर्जर ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालकों की प्रमुख मांग कमीशन में बढ़ोतरी करना है। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों में पेट्रोल पंप चलाने का खर्च काफी बढ़ गया है, लेकिन डीलरों के कमीशन में पिछले आठ वर्षों के दौरान केवल 30 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।

डीलरों के मुताबिक, बढ़ती परिचालन लागत के कारण पेट्रोल पंप चलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। इसलिए तेल कंपनियों और संबंधित अधिकारियों से कमीशन बढ़ाने की मांग की जा रही है।

सफाई नियमों को व्यावहारिक बनाने की मांग

एसोसिएशन ने पेट्रोल पंपों पर सफाई मानकों से जुड़े नियमों को लागू करने के तरीके पर भी आपत्ति जताई है।

गुर्जर के अनुसार, डीलरों पर शौचालयों की तस्वीरें हर दो घंटे में भेजने और सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की प्रक्रियाओं से पेट्रोल पंप संचालकों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।

एसोसिएशन की मांग है कि सफाई मानकों से जुड़े दंडात्मक प्रावधानों को वापस लिया जाए या उन्हें व्यावहारिक तरीके से लागू किया जाए।

बिना मांग के लुब्रिकेंट खरीदने का भी विरोध

पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल कंपनियों की ओर से बिना पर्याप्त मांग के लुब्रिकेंट खरीदने या स्टॉक रखने के कथित दबाव पर भी नाराजगी जताई है।

डीलरों का कहना है कि जरूरत से अधिक लुब्रिकेंट का स्टॉक रखने से उनकी कार्यशील पूंजी फंस जाती है और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ता है। एसोसिएशन चाहती है कि पेट्रोल पंप संचालकों को बाजार की वास्तविक मांग के अनुसार ही सामान खरीदने और रखने की छूट मिले।

लंबित मांगों को लेकर लिया हड़ताल का फैसला

सचिन गुर्जर ने कहा कि लंबे समय से डीलरों की समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण एसोसिएशन को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। यह विरोध तेल कंपनियों के अधिकारियों तक अपनी मांगें पहुंचाने और उन पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए किया जा रहा है।

अब हड़ताल की अंतिम तारीख तय होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि यमुनानगर जिले में पेट्रोल और डीजल की बिक्री किस दिन प्रभावित रहेगी।

मुख्य बातें

  • यमुनानगर में पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन एक दिन की नो-सेल हड़ताल करेगी।

  • जिले के करीब 225 पेट्रोल पंप संचालकों के शामिल होने की संभावना है।

  • हड़ताल 4 या 5 नवंबर को हो सकती है।

  • डीलरों की प्रमुख मांग कमीशन में बढ़ोतरी करना है।

  • सफाई मानकों को व्यावहारिक तरीके से लागू करने की मांग उठाई गई है।

  • बिना मांग के लुब्रिकेंट खरीदने और स्टॉक रखने के कथित दबाव का विरोध किया जा रहा है।

  • हड़ताल की अंतिम तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. यमुनानगर में पेट्रोल पंपों की हड़ताल कब होगी?
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, हड़ताल 4 या 5 नवंबर को हो सकती है। अंतिम तारीख जल्द तय की जाएगी।

2. कितने पेट्रोल पंप संचालक हड़ताल में शामिल होंगे?
जिले के करीब 225 पेट्रोल पंप संचालकों के हड़ताल में शामिल होने की संभावना है।

3. पेट्रोल पंप संचालकों की मुख्य मांग क्या है?
डीलरों की प्रमुख मांग कमीशन बढ़ाने की है। इसके अलावा सफाई नियमों को व्यावहारिक बनाने और बिना मांग के लुब्रिकेंट का स्टॉक रखने के दबाव को खत्म करने की मांग भी शामिल है।

4. क्या हड़ताल के दौरान पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा?
यह एक दिन की सांकेतिक नो-सेल हड़ताल प्रस्तावित है। इसके तहत शामिल पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री बंद रह सकती है।

निष्कर्ष

यमुनानगर में पेट्रोल पंप संचालकों की प्रस्तावित हड़ताल से एक दिन के लिए ईंधन बिक्री प्रभावित होने की आशंका है। कमीशन बढ़ाने, सफाई नियमों को व्यावहारिक बनाने और लुब्रिकेंट स्टॉक से जुड़े दबाव को खत्म करने जैसी मांगों को लेकर डीलर लामबंद हैं। वाहन चालकों को हड़ताल की अंतिम तारीख घोषित होने के बाद अपनी ईंधन संबंधी जरूरतों की योजना बनानी चाहिए।Screenshot_295

Edited By: Atul Sharma

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