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हरसिमरत कौर बादल का CM भगवंत मान पर गंभीर आरोप, नशे की ओवरडोज से मृत युवक का शव पुलिस द्वारा कब्जे में लेने का दावा
मानसा के भम्मे कलां गांव के दलजीत सिंह की मौत को लेकर उठाए सवाल, तलवंडी साबो की ‘मावां-धीयां ललकार’ रैली में महिलाओं से गांवों में नशा तस्करी के सबूत जुटाने की अपील
शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में नशे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस प्रशासन को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसा के भम्मे कलां गांव के दलजीत सिंह की संदिग्ध नशे की ओवरडोज से मौत के बाद पुलिस ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनका शव कब्जे में लिया। हालांकि, यह आरोप हरसिमरत कौर बादल ने रैली के दौरान लगाया है।
पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और मानसा पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मानसा जिले के भम्मे कलां गांव के रहने वाले दलजीत सिंह की कथित नशे की ओवरडोज से मौत के बाद पुलिस ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनका शव अपने कब्जे में ले लिया।
हरसिमरत कौर बादल शुक्रवार को बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में आयोजित 'मावां-धीयां ललकार' रैली को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
हरसिमरत ने मानसा SSP पर भी उठाए सवाल
रैली के दौरान हरसिमरत कौर बादल ने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि SSP ने पहले नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और अब दलजीत सिंह के शव को कब्जे में लेने की कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधा।
हालांकि, पुलिस ने दलजीत सिंह की मौत को नशे की ओवरडोज का मामला मानने से इनकार किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मौत की जांच हत्या के एंगल से शुरू की थी और इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। पोस्टमार्टम भी कराया गया है। <FileCite ref_id="turn711046search2" />
महिलाओं से गांवों में नशा तस्करी के सबूत जुटाने की अपील
हरसिमरत कौर बादल ने रैली में मौजूद महिलाओं से अपने गांवों और मोहल्लों में नशा तस्करी के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे अपने आसपास होने वाली नशे की बिक्री और तस्करी की गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करें। साथ ही ऐसे लोगों की पहचान करें जो नशे के कारोबार में शामिल हैं।
उन्होंने कथित तौर पर नशा तस्करों को संरक्षण देने वाले पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं की जानकारी भी जुटाने की अपील की।
परविंदर सिंह झोटा के मामले का भी उठाया मुद्दा
रैली में हरसिमरत ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि झोटा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर झोटा के परिवार से मुलाकात नहीं करने का आरोप भी लगाया। इस मुद्दे को लेकर पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
Key Highlights
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हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए।
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दलजीत सिंह मानसा जिले के भम्मे कलां गांव के रहने वाले थे।
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परिवार ने दलजीत की मौत को कथित नशे की ओवरडोज से जोड़ा।
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पुलिस ने मौत की जांच हत्या के एंगल से की।
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हरसिमरत ने मानसा SSP की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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तलवंडी साबो में 'मावां-धीयां ललकार' रैली आयोजित की गई।
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महिलाओं से गांवों में नशा तस्करी की गतिविधियों का रिकॉर्ड बनाने की अपील की गई।
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परविंदर सिंह झोटा के मामले में भी न्याय की मांग उठाई गई।
FAQ Section
1. हरसिमरत कौर बादल ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने दलजीत सिंह का शव कब्जे में लिया।
2. दलजीत सिंह कौन थे और कहां के रहने वाले थे?
दलजीत सिंह मानसा जिले के भम्मे कलां गांव के निवासी थे। उनकी मौत के बाद परिवार ने नशे की ओवरडोज का आरोप लगाया था।
3. पुलिस ने दलजीत सिंह की मौत को किस तरह देखा?
पुलिस ने नशे की ओवरडोज के दावे पर सवाल उठाते हुए हत्या के एंगल से जांच शुरू की थी।
4. हरसिमरत कौर बादल ने महिलाओं से क्या अपील की?
उन्होंने महिलाओं से गांवों और मोहल्लों में नशे की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करने और संदिग्ध लोगों की पहचान करने की अपील की।
5. 'मावां-धीयां ललकार' रैली कहां आयोजित हुई?
यह रैली बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में आयोजित की गई थी।
Conclusion
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। दलजीत सिंह की मौत और उनके शव को लेकर हुए घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस इस मामले की जांच हत्या के एंगल से कर रही है। अब इस पूरे मामले में जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

