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मानसा धरने में पहुंचे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह, CM भगवंत मान का इस्तीफा मांगा; नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
परविंदर सिंह झोटा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन में हुए शामिल, भम्मे कलां जाकर दलजीत सिंह के परिवार से भी की मुलाकात; नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा की मांग
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह शुक्रवार को मानसा में चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले दिवंगत परविंदर सिंह झोटा के लिए न्याय की मांग की और भम्मे कलां गांव जाकर दलजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा देने और राज्य में नशा तस्करी रोकने में सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।
पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष परगट सिंह शुक्रवार को मानसा में चल रहे धरने में शामिल हुए। यह धरना नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर दिया जा रहा है।
परगट सिंह ने इस दौरान पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार अपने युवाओं की जान की सुरक्षा नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य में नशा तस्करी पर लगाम लगाने में सरकार की जवाबदेही तय करने की बात कही।
परगट सिंह ने CM भगवंत मान से मांगा इस्तीफा
मानसा में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई करने के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले लोगों को कथित तौर पर संरक्षण मिल रहा है।
परगट सिंह ने कहा कि सरकार नशा खत्म करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन पंजाब के परिवार लगातार इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सरकार की विफलताओं की जिम्मेदारी लेने और अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की।
परविंदर सिंह झोटा के लिए न्याय की मांग
परगट सिंह ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि झोटा ने नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन आज उनके परिवार को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय की मांग के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने झोटा के परिवार को न्याय दिलाने और नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
भम्मे कलां पहुंचकर दलजीत सिंह के परिवार से मिले
मानसा में धरने में शामिल होने के बाद परगट सिंह भम्मे कलां गांव पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत दलजीत सिंह के घर जाकर उनकी मां और पत्नी से मुलाकात की तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
दलजीत सिंह की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि उनकी मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई।
हालांकि, पुलिस ने इस दावे पर अलग रुख अपनाते हुए मामले में हत्या की जांच शुरू की थी और तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
परगट सिंह ने परिवार से मुलाकात के दौरान कहा कि एक मां ने अपना बेटा, पत्नी ने अपना जीवनसाथी और बच्चों ने अपने पिता का सहारा खो दिया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इन परिवारों के दर्द और नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा।
कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का किया ऐलान
परगट सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब कांग्रेस नशे से प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस परविंदर सिंह झोटा और दलजीत सिंह के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
इसके साथ ही उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की।
Key Highlights
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पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह मानसा के धरने में शामिल हुए।
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परविंदर सिंह झोटा के लिए न्याय की मांग उठाई।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की।
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नशा तस्करी रोकने में सरकार की जवाबदेही तय करने को कहा।
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AAP सरकार पर नशा तस्करों को कथित संरक्षण देने का आरोप लगाया।
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भम्मे कलां गांव में दलजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की।
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नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा की मांग की।
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कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों के साथ संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
FAQ Section
1. परगट सिंह मानसा में किस आंदोलन में शामिल हुए?
परगट सिंह नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहे धरने में शामिल हुए।
2. परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से क्या मांग की?
उन्होंने नशा तस्करी रोकने में सरकार की कथित विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की।
3. परगट सिंह ने दलजीत सिंह के परिवार से कहां मुलाकात की?
उन्होंने मानसा जिले के भम्मे कलां गांव में दलजीत सिंह के घर जाकर उनकी मां और पत्नी से मुलाकात की।
4. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता थे। 13 अक्टूबर को मानसा में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
5. दलजीत सिंह की मौत का मामला क्या है?
दलजीत सिंह भम्मे कलां गांव के रहने वाले थे और संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। उनके परिवार ने नशे की ओवरडोज का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की थी।
6. परगट सिंह ने नशे के खिलाफ लड़ने वालों के लिए क्या मांग की?
उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
Conclusion
मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या और दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन में अब राजनीतिक नेताओं की भागीदारी भी बढ़ रही है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस का संघर्ष जारी रखने की बात कही है। अब इस मामले में सरकार और पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

