पंजाब में किसानों और संगठनों का बड़ा ऐलान, 5 नवंबर को CM भगवंत मान के संगरूर आवास का करेंगे घेराव

परविंदर सिंह झोटा और दलजीत सिंह को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन तेज, CM और DGP के इस्तीफे समेत गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग; मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

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पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा और मानसा के किसान दलजीत सिंह की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा समेत कई किसान संगठनों, कर्मचारी यूनियनों, छात्र संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने आंदोलन को समर्थन दिया है। संगठनों ने 5 नवंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के संगरूर स्थित आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।

पंजाब में परविंदर सिंह झोटा और किसान दलजीत सिंह की मौत को लेकर चल रहा आंदोलन अब और व्यापक रूप लेता दिखाई दे रहा है। राज्य के तीन प्रमुख किसान संगठनों सहित कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं और धार्मिक संगठनों ने शुक्रवार को आंदोलनकारी एक्शन कमेटी को अपना समर्थन देने की औपचारिक घोषणा की।

संगठनों ने ऐलान किया है कि 5 नवंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के संगरूर स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखते हुए चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो पंजाब में बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास का होगा घेराव

आंदोलन को समर्थन देने वाले प्रमुख संगठनों में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) शामिल हैं।

इन संगठनों के अलावा कर्मचारी संगठनों, छात्र समूहों, युवाओं और धार्मिक संस्थाओं ने भी एक्शन कमेटी के साथ खड़े होने का ऐलान किया है।

शुक्रवार को करीब 100 संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक्शन कमेटी के साथ बैठक की। इस बैठक में सरवन सिंह पंधेर और बोग सिंह मानसा सहित कई प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक के बाद 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने का फैसला लिया गया।

मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारी संगठनों ने पंजाब सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।

इसके अलावा मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों को तुरंत रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग की गई है।

एक्शन कमेटी ने सरकार से अन्य मांगों को पूरा करने के संबंध में लिखित आश्वासन देने को भी कहा है।

संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

AAP विधायकों के घेराव का पुराना कार्यक्रम रद्द

एक्शन कमेटी ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के विधायकों के घरों का घेराव करने का अपना पहले से घोषित कार्यक्रम रद्द कर दिया है।

कमेटी के अनुसार, सत्ताधारी पार्टी के सभी विधायकों को पहले ही विरोध पत्र सौंपे जा चुके हैं। जिन विधायकों को पत्र नहीं दिए जा सके, उनके घरों के बाहर विरोध पत्र चिपकाए गए हैं।

अब आंदोलन का अगला बड़ा चरण 5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव होगा।

मानसा और AIIMS बठिंडा में रखे हैं दोनों के शव

इस पूरे विवाद के बीच परविंदर सिंह झोटा और दलजीत सिंह के शव अभी भी अस्पतालों में रखे हुए हैं।

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, 27 अक्टूबर को 32 वर्षीय सीमांत किसान दलजीत सिंह भम्मे कलां गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे।

झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा गया है, जबकि दलजीत सिंह का शव AIIMS बठिंडा में है।

झोटा के परिवार ने अभी तक पोस्टमार्टम के लिए सहमति नहीं दी है। दूसरी ओर, दलजीत सिंह का पोस्टमार्टम बुधवार को उनके पिता जरनैल सिंह की सहमति से किया गया था।

दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार में मतभेद

दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार में मतभेद सामने आए हैं। उनकी पत्नी परमजीत कौर ने कहा है कि जब तक प्रदर्शन के दौरान शव को मानसा लाते समय हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया जाता और उनके खिलाफ दर्ज मामले रद्द नहीं होते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने दलजीत की मौत के मामले में नशे की ओवरडोज से जुड़े पहलू पर कार्रवाई की मांग भी उठाई।

परमजीत कौर ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस या प्रशासन ने जबरन पोस्टमार्टम कराने की कोशिश की तो परिवार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।

पिता जरनैल सिंह ने की अंतिम संस्कार की अपील

दूसरी ओर, दलजीत सिंह के पिता जरनैल सिंह शुक्रवार को अपने घर लौट आए। उन्होंने परिवार के सदस्यों से अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनाने और धरना स्थल छोड़कर घर लौटने की अपील की।

जरनैल सिंह ने कहा कि परिवार उन्हें मानसा में प्रदर्शन स्थल पर बुला रहा है, लेकिन उनका वहां जाने का कोई उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने घर पर रहकर शोक व्यक्त करने आने वाले लोगों से मिलेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार एक दिन तो करना ही होगा और पुलिस ने जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके अनुसार, उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है।

जरनैल सिंह की बहन ने भी कहा कि यदि दलजीत की मां और पत्नी घर लौट आती हैं तो परिवार तुरंत अंतिम संस्कार कर देगा।

पुलिस चौकी में हुई बैठक, नई गिरफ्तारी की सूचना नहीं

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को एक पुलिस चौकी में जरनैल सिंह, गांव के निवासियों, पुलिस अधिकारियों और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच बैठक हुई।

इस बीच प्रदर्शनकारियों की कोई नई हिरासत या औपचारिक गिरफ्तारी की सूचना सामने नहीं आई।

लखवीर सिंह लक्खा सिधाना और मोहंजित सिंह शेरों चार दिन की पुलिस रिमांड पर

इस मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में गैंगस्टर से नेता बने लखवीर सिंह लक्खा सिधाना और मोहंजित सिंह शेरों को गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।

दोनों के खिलाफ पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) के कर्मचारी कुलदीप सिंह की शिकायत पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।

अदालत ने दोनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

Key Highlights

  • तीन प्रमुख किसान संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया।

  • 5 नवंबर को CM भगवंत मान के संगरूर आवास का घेराव होगा।

  • मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग उठाई गई।

  • मंगलवार को गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग।

  • प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस रद्द करने की मांग।

  • करीब 100 संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक्शन कमेटी के साथ बैठक की।

  • परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा सिविल अस्पताल में रखा है।

  • दलजीत सिंह का शव AIIMS बठिंडा में है।

  • दलजीत के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार में मतभेद।

  • लक्खा सिधाना और मोहंजित सिंह शेरों चार दिन की पुलिस रिमांड पर।

FAQ Section

1. पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव कब होगा?

किसान संगठनों और अन्य संस्थाओं ने 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।

2. किन किसान संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है?

संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने आंदोलन को समर्थन दिया है।

3. प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे, गिरफ्तार लोगों की रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने और अन्य मांगों पर लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है।

4. परविंदर सिंह झोटा की मौत कब हुई थी?

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

5. दलजीत सिंह की मौत कब हुई थी?

32 वर्षीय दलजीत सिंह 27 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे।

6. दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार क्यों नहीं हुआ?

उनकी पत्नी परमजीत कौर ने हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई, दर्ज मामलों को रद्द करने और मौत से जुड़े मामले में कार्रवाई होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही है।

7. लक्खा सिधाना और मोहंजित सिंह शेरों को कितने दिन की रिमांड मिली?

अदालत ने दोनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था।

Conclusion

परविंदर सिंह झोटा और दलजीत सिंह की मौत को लेकर पंजाब में आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है। किसान संगठनों, कर्मचारियों, युवाओं और धार्मिक संस्थाओं के समर्थन के बाद 5 नवंबर का मुख्यमंत्री आवास घेराव सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा। वहीं, दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार में जारी मतभेद और प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलनकारी संगठनों के अगले कदम पर रहेगी।Screenshot_287

Edited By: Atul Sharma

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