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पंजाब में पराली जलाने के मामलों में बड़ा उछाल, एक दिन में 194 जगह लगी आग; कुल आंकड़ा 1,000 के पार
तरनतारन में सबसे ज्यादा 405 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज, किसानों पर 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना; सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ भी शुरू की कार्रवाई
पंजाब में धान की कटाई के बीच पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गुरुवार को राज्य में एक ही दिन में 194 खेतों में आग लगाने के मामले सामने आए। इसके साथ ही इस सीजन में कुल घटनाओं की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है। प्रशासन ने कार्रवाई तेज करते हुए किसानों और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राज्य में इस सीजन में एक दिन के भीतर पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज होने के अगले ही दिन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) ने कार्रवाई तेज कर दी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को पंजाब में पराली जलाने के 194 मामले सामने आए। इन घटनाओं के साथ ही इस सीजन में खेतों में आग लगाने का कुल आंकड़ा 1,000 के पार पहुंच गया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए संबंधित विभागों ने निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है।
अधिकारियों और किसानों के खिलाफ कार्रवाई तेज
पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। अब तक नोडल और पर्यवेक्षण अधिकारियों को कुल 426 कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
वहीं, पराली जलाने में शामिल पाए गए किसानों के खिलाफ 246 FIR दर्ज की गई हैं। इसके अलावा 297 किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी की गई है।
किसानों पर 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना
प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों पर आर्थिक कार्रवाई भी की है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, पराली जलाने के मामलों में अब तक 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
इसमें से लगभग 13 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी है।
पंजाब में 64 प्रतिशत धान की कटाई पूरी
राज्य में इस बार 32 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की बुवाई की गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 64 प्रतिशत क्षेत्र में धान की कटाई पूरी हो चुकी है।
वहीं, करीब 35 प्रतिशत क्षेत्र में अभी फसल की कटाई बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में पराली प्रबंधन प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।
तरनतारन में सबसे ज्यादा पराली जलाने के मामले
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो तरनतारन में पराली जलाने की सबसे अधिक 405 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके बाद अमृतसर और फिरोजपुर का स्थान है।
जिलों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
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तरनतारन: 405 मामले
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अमृतसर: 175 मामले
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फिरोजपुर: 105 मामले
इन तीन जिलों में पराली जलाने की घटनाओं का आंकड़ा अन्य जिलों के मुकाबले अधिक दर्ज किया गया है।
Key Highlights
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पंजाब में गुरुवार को पराली जलाने के 194 मामले दर्ज हुए।
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इस सीजन में कुल घटनाओं की संख्या 1,000 के पार पहुंची।
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अधिकारियों को 426 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
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किसानों के खिलाफ 246 FIR दर्ज हुईं।
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297 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई।
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किसानों पर 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
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लगभग 13 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है।
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तरनतारन 405 मामलों के साथ सबसे आगे रहा।
FAQ Section
1. पंजाब में एक दिन में पराली जलाने के कितने मामले सामने आए?
गुरुवार को पंजाब में पराली जलाने के 194 मामले दर्ज किए गए।
2. पंजाब में इस सीजन में पराली जलाने की कुल कितनी घटनाएं हुई हैं?
इस सीजन में पराली जलाने की घटनाओं का आंकड़ा 1,000 के पार पहुंच गया है।
3. पराली जलाने के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित जिला कौन सा है?
तरनतारन में सबसे अधिक 405 मामले दर्ज किए गए हैं।
4. पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
अब तक 246 FIR दर्ज की गई हैं और 297 किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है।
5. किसानों पर कितना जुर्माना लगाया गया है?
अब तक 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से करीब 13 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं।
Conclusion
पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाएं वायु प्रदूषण को लेकर नई चुनौती खड़ी कर रही हैं। धान की कटाई का लगभग 35 प्रतिशत क्षेत्र अभी बाकी होने के कारण आने वाले दिनों में प्रशासन की निगरानी और पराली प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। CAQM और PPCB की ओर से की जा रही कार्रवाई के बीच अब यह देखना अहम होगा कि खेतों में आग लगाने की घटनाओं पर कितना नियंत्रण हो पाता है।

