- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- गुरुग्राम के IAF गोला-बारूद डिपो के सुरक्षा क्षेत्र में 5,000 से अधिक अवैध निर्माण, MCG रिपोर्ट में
गुरुग्राम के IAF गोला-बारूद डिपो के सुरक्षा क्षेत्र में 5,000 से अधिक अवैध निर्माण, MCG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
900 मीटर प्रतिबंधित सुरक्षा दायरे में पांच वर्षों में तेजी से बढ़े अवैध निर्माण, रिपोर्ट में नियामकीय निगरानी पर गंभीर सवाल।
गुरुग्राम नगर निगम (MCG) की एक आंतरिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारतीय वायुसेना (IAF) के गोला-बारूद डिपो के 900 मीटर के उच्च सुरक्षा प्रतिबंधित क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान 5,000 से अधिक अवैध निर्माण खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट में निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
IAF सुरक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण का खुलासा
गुरुग्राम में भारतीय वायुसेना (IAF) के गोला-बारूद डिपो के आसपास स्थित 900 मीटर के उच्च सुरक्षा प्रतिबंधित क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान 5,000 से अधिक अवैध निर्माण होने का मामला सामने आया है।
यह खुलासा गुरुग्राम नगर निगम (MCG) की एक आंतरिक रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, इस संवेदनशील क्षेत्र में नियामकीय निगरानी और निर्माण नियंत्रण व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट में निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस स्थिति को रिपोर्ट में नियामकीय निगरानी की बड़ी विफलता के रूप में बताया गया है।
अवैध PG, क्लाउड किचन और व्यावसायिक गतिविधियां जारी
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध पीजी (PG), बिना अनुमति वाले क्लाउड किचन, अस्थायी कॉर्पोरेट कार्यालय और अनधिकृत स्विमिंग पूल जैसी व्यावसायिक गतिविधियां कथित तौर पर बिना रोकटोक संचालित हो रही हैं।
विशेष रूप से शीतला कॉलोनी, धरम कॉलोनी, राजीव नगर और कार्टरपुरी रोड जैसे इलाकों का उल्लेख किया गया है, जहां रिपोर्ट के अनुसार डेवलपर्स और भूमि माफिया खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
कई इमारतें 5 से 7 मंजिल तक पहुंचीं
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जहां लाइसेंस प्राप्त सेक्टरों में भवनों की ऊंचाई और अतिरिक्त मंजिलों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है, वहीं प्रतिबंधित रक्षा क्षेत्र में कई इमारतें पांच, छह और सात मंजिल तक बनाई गई हैं।
इसके अलावा, कई स्थानों पर अनधिकृत बेसमेंट खोदे गए हैं और खुले स्थानों को अवैध निजी पार्किंग में बदल दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन निर्माणों के पास न तो नगर निगम की स्वीकृति है और न ही संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं।
Key Highlights:
- IAF गोला-बारूद डिपो के 900 मीटर सुरक्षा क्षेत्र में 5,000 से अधिक अवैध निर्माण।
- खुलासा गुरुग्राम नगर निगम (MCG) की आंतरिक रिपोर्ट में।
- पांच वर्षों में तेजी से बढ़े अवैध निर्माण पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल।
- अवैध PG, क्लाउड किचन, कॉर्पोरेट कार्यालय और स्विमिंग पूल संचालित होने का दावा।
- शीतला कॉलोनी, धरम कॉलोनी, राजीव नगर और कार्टरपुरी रोड का उल्लेख।
- कई इमारतें बिना अनुमति 5 से 7 मंजिल तक निर्मित होने का दावा।
FAQ Section
Q1. मामला किस क्षेत्र से जुड़ा है?
उत्तर: यह मामला गुरुग्राम में भारतीय वायुसेना (IAF) के गोला-बारूद डिपो के 900 मीटर के प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र से जुड़ा है।
Q2. रिपोर्ट में कितने अवैध निर्माणों का उल्लेख किया गया है?
उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 5,000 से अधिक अवैध निर्माण हुए हैं।
Q3. किन प्रकार की अवैध गतिविधियों का जिक्र किया गया है?
उत्तर: अवैध PG, बिना अनुमति वाले क्लाउड किचन, कॉर्पोरेट कार्यालय, स्विमिंग पूल और बहुमंजिला इमारतों का उल्लेख किया गया है।
Q4. किन इलाकों का नाम रिपोर्ट में आया है?
उत्तर: शीतला कॉलोनी, धरम कॉलोनी, राजीव नगर और कार्टरपुरी रोड का उल्लेख किया गया है।
Q5. रिपोर्ट में मुख्य चिंता क्या जताई गई है?
उत्तर: रिपोर्ट में संवेदनशील रक्षा क्षेत्र में नियामकीय निगरानी कमजोर होने और बिना अनुमति निर्माण गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की गई है।
Conclusion:
गुरुग्राम नगर निगम की आंतरिक रिपोर्ट ने भारतीय वायुसेना के संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कथित अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला सुरक्षा और शहरी नियोजन, दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आगे संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
खबरें और भी हैं
Advertisement

