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छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
कुरुक्षेत्र में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर जताया विरोध।
कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की अपील की।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुरुक्षेत्र के उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई को लेकर हस्तक्षेप की मांग की गई।
परीक्षा पेपर लीक पर सरकार को घेरा

उन्होंने कहा कि कई छात्रों की जान जा चुकी है और उनके परिवारों के सपने टूट गए हैं। उनके अनुसार, देशभर के छात्र और युवा सुरक्षित भविष्य, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और सम्मानजनक अवसरों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सरकार दमनात्मक रवैया अपना रही है।
कांग्रेस नेताओं की हिरासत पर भी जताई नाराजगी
संजय दत्त ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार युवाओं के अधिकारों और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया गया, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि देश के युवा केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार परीक्षा अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से लाखों प्रतिभाशाली युवाओं का विश्वास टूट गया है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में कथित विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।
संसद में चर्चा और FIR वापस लेने की मांग
कांग्रेस ने परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा कराने की मांग भी उठाई।
पार्टी ने नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने और उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई समाप्त करने की भी मांग की।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से युवाओं की मांगों के समर्थन में अपना संघर्ष जारी रखेगी।
इस दौरान थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद विधायक रामकरण काला, जिला अध्यक्ष मेवा सिंह सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
Key Highlights:
- कांग्रेस ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
- परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक पर सवाल।
- छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग।
- परीक्षा और भर्ती प्रणाली पर संसद में चर्चा कराने की मांग।
FAQ Section
Q1. कांग्रेस ने क्या मांग की है?
उत्तर: कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर कार्रवाई रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की है।
Q2. ज्ञापन किसे सौंपा गया?
उत्तर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन कुरुक्षेत्र के उपायुक्त के माध्यम से सौंपा गया।
Q3. कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे पर क्या कहा?
उत्तर: पार्टी का कहना है कि छात्र पारदर्शी परीक्षा और निष्पक्ष भर्ती प्रणाली की मांग कर रहे हैं तथा उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
Q4. कांग्रेस ने और कौन-सी मांगें रखीं?
उत्तर: संसद में परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और दमनात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की गई है।
Q5. कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद रहे?
उत्तर: संजय दत्त, राव नरेंद्र सिंह, अशोक अरोड़ा, रामकरण काला, मेवा सिंह सहित कई कांग्रेस नेता कार्यक्रम में शामिल हुए।
Conclusion:
छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह युवाओं के मुद्दों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे भी उठाती रहेगी।
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