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फगवाड़ा में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन, अनुसूचित जाति संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई
डॉ. बी.आर. आंबेडकर पार्क से निकाला गया विरोध मार्च, प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सौंपा विरोध संदेश।
फगवाड़ा में विभिन्न अनुसूचित जाति और कर्मचारी संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
फगवाड़ा में विभिन्न संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन
फगवाड़ा में बुधवार को विभिन्न अनुसूचित जाति (SC) और कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन हरगोबिंद नगर स्थित डॉ. बी.आर. आंबेडकर पार्क में आयोजित किया गया, जिसकी अगुवाई आंबेडकर सेना मूलनिवासी के प्रदेश अध्यक्ष हरभजन सुमन और गुरु रविदास टाइगर फोर्स पंजाब के चेयरमैन यश बरना ने की।
विरोध मार्च में शामिल हुए 130 से 150 कार्यकर्ता

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के पुतले फूंके
विरोध मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके।
यह प्रदर्शन दोपहर करीब 12:30 बजे शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर जताई नाराजगी
मीडिया से बातचीत में यश बरना ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग किया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के छात्र NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। उनके अनुसार, छात्रों पर की गई कथित कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
सरकार के रवैये की आलोचना
हरभजन सुमन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर केंद्र सरकार ने अपना "तानाशाही रवैया" उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज का सम्मान होना चाहिए और शांतिपूर्ण विरोध पर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
Key Highlights:
- फगवाड़ा में SC और कर्मचारी संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन।
- जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध।
- 130 से 150 कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च में भाग लिया।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके गए।
- प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
FAQ Section
Q1. फगवाड़ा में प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर हुआ?
उत्तर: जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया गया।
Q2. प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: हरभजन सुमन और यश बरना ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
Q3. प्रदर्शन में कितने लोग शामिल हुए?
उत्तर: करीब 130 से 150 कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च में भाग लिया।
Q4. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या थी?
उत्तर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग।
Q5. प्रदर्शन का समापन कैसे हुआ?
उत्तर: प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।
Conclusion:
फगवाड़ा में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से विभिन्न सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और कथित पुलिस कार्रवाई पर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए केंद्र सरकार से मामले पर पुनर्विचार करने की अपील की।
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