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लाडोवाल टोल प्लाजा तीन घंटे रहा टोल-फ्री, SKM ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और केंद्र की नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत किसानों ने टोल प्लाजा पर किया विरोध, MSP की कानूनी गारंटी और लंबित मांगों को लागू करने की उठाई मांग।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले किसानों ने बुधवार को लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा को तीन घंटे तक टोल-फ्री रखा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए MSP की कानूनी गारंटी समेत कई मांगें दोहराईं।
SKM के आह्वान पर लाडोवाल टोल प्लाजा हुआ टोल-फ्री
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले किसान संगठनों ने बुधवार को केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा को तीन घंटे के लिए टोल-फ्री कर दिया।
यह प्रदर्शन SKM के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा था, जिसके तहत किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
जंतर-मंतर और दिल्ली विश्वविद्यालय की घटनाओं की निंदा

उन्होंने हिरासत में लिए गए सभी लोगों की बिना शर्त रिहाई की मांग की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (India-US Free Trade Agreement) का विरोध किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता किसानों और देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को वापस लेने और किसान संगठनों के साथ पूर्व दौर की वार्ताओं में स्वीकार की गई लंबित मांगों को लागू करने की अपील की।
MSP की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई
किसान संगठनों ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की मांग भी दोहराई।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की स्थिरता के लिए यह कदम आवश्यक है।
Key Highlights:
- लाडोवाल टोल प्लाजा तीन घंटे तक टोल-फ्री रखा गया।
- प्रदर्शन SKM के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा था।
- जंतर-मंतर और दिल्ली विश्वविद्यालय में कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा।
- हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग।
- भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध।
- सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई।
FAQ Section
Q1. लाडोवाल टोल प्लाजा पर प्रदर्शन क्यों किया गया?
उत्तर: संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में यह प्रदर्शन किया।
Q2. टोल प्लाजा कितनी देर तक टोल-फ्री रहा?
उत्तर: लाडोवाल टोल प्लाजा तीन घंटे तक टोल-फ्री रखा गया।
Q3. किसान नेताओं ने किन मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किया?
उत्तर: उन्होंने जंतर-मंतर और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए गिरफ्तार लोगों की रिहाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
Q4. किसानों की प्रमुख आर्थिक मांग क्या है?
उत्तर: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी।
Q5. भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर किसानों की चिंता क्या है?
उत्तर: किसानों का कहना है कि यह समझौता कृषि क्षेत्र और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
Conclusion:
लाडोवाल टोल प्लाजा पर आयोजित यह प्रदर्शन किसानों की लंबित मांगों, MSP की कानूनी गारंटी और प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर उनकी चिंताओं को सामने लाता है। संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार से किसानों से जुड़े मुद्दों पर संवाद और पूर्व में स्वीकार की गई मांगों को लागू करने की अपील की।
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