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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में SKM का प्रदर्शन, BJP कार्यालय के बाहर किया विरोध
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों, छात्रों और महिला संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, व्यापार समझौते और जंतर-मंतर की घटना पर उठाए सवाल।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले विभिन्न किसान, छात्र और महिला संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया।
भाजपा कार्यालय के बाहर SKM का प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले किसान, छात्र और महिला संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति का पुतला भी फूंका।

व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से किसान "फसल और नस्ल बचाने" की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों की फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।
जंतर-मंतर की घटना का भी किया उल्लेख
इंदरजीत सिंह ने कहा कि भविष्य की पीढ़ी, जो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है, उसके साथ जंतर-मंतर पर कथित रूप से बल प्रयोग किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के निकट हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ-साथ महिला छात्रों, सांसदों और लोकसभा में विपक्ष के नेता के साथ भी पुलिस ने बल प्रयोग किया।
मानवाधिकार और लोकतंत्र पर चिंता जताई
इंदरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया।
उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार की कार्रवाई मानवाधिकारों, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
Key Highlights:
- संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन।
- प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध।
- प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति का पुतला फूंका।
- जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा।
- AIKS नेता इंदरजीत सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
- मानवाधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप।
FAQ Section
Q1. प्रदर्शन किस संगठन के बैनर तले किया गया?
उत्तर: यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले किसान, छात्र और महिला संगठनों द्वारा किया गया।
Q2. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा क्या था?
उत्तर: प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध।
Q3. प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
उत्तर: प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री तथा अमेरिका के राष्ट्रपति का पुतला फूंका।
Q4. इंदरजीत सिंह ने क्या आरोप लगाए?
उत्तर: उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापार समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है और छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
Q5. प्रदर्शनकारियों ने किस बात पर चिंता जताई?
उत्तर: उन्होंने मानवाधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ने वाले कथित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की।
Conclusion:
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की गई। प्रदर्शनकारियों ने किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार से पुनर्विचार और संवाद की मांग की।
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