खुडाना आईएमटी और माधोगढ़ किले के विकास की मांग तेज, सीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का दिया आश्वासन

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महेंद्रगढ़ जिले में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) खुडाना और ऐतिहासिक माधोगढ़ किले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग जोर पकड़ रही है। इन रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

महेंद्रगढ़ जिले में औद्योगिक और पर्यटन विकास को लेकर लंबे समय से अटकी दो अहम परियोजनाओं—आईएमटी खुडाना और माधोगढ़ किले के विकास—को लेकर मांग तेज हो गई है। इन परियोजनाओं को शीघ्र शुरू कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल में खुडाना के सरपंच प्रतिनिधि नरेश तंवर, पूर्व सरपंच ओमपाल सिंह और माधोगढ़ के सरपंच रामपाल सिंह शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्य मंत्री Ram Bilas Sharma ने किया। उन्होंने कहा कि आईएमटी खुडाना और माधोगढ़ किले का विकास महेंद्रगढ़ में उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में बदलाव लाने वाले मील के पत्थर साबित होंगे।

रामबिलास शर्मा ने कहा कि आईएमटी खुडाना से औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जबकि माधोगढ़ किले का विकास जिले को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर सकता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार इन दोनों परियोजनाओं के महत्व को समझती है। उन्होंने कहा कि आईएमटी खुडाना और माधोगढ़ किले के नवीनीकरण में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को शीघ्र दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता पर लेने और जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए इनके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का आदेश भी दिया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद महेंद्रगढ़ के एसडीएम ने आईएमटी खुडाना की स्थापना के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना की आधारशिला फरवरी 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Manohar Lal Khattar द्वारा रखी गई थी। लगभग 1,654 एकड़ में प्रस्तावित यह परियोजना, जिसमें एक पर्यटन परिसर भी शामिल है, अब तक शुरू नहीं हो सकी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह परियोजना Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विकसित की जानी थी, लेकिन तकनीकी और आधिकारिक अड़चनों के कारण इसमें लगातार देरी हो रही है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे महेंद्रगढ़ जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी।Screenshot_1251

Edited By: Karan Singh

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