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मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर आरडब्ल्यूए का एचएसवीपी एस्टेट ऑफिस पर धरना
सीवर ओवरफ्लो, कचरा उठान और सड़क निर्माण में देरी से नाराजगी
पानीपत के विभिन्न सेक्टरों में मूलभूत सुविधाएं न मिलने से नाराज रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) ने सोमवार को सेक्टर-18 स्थित Haryana Shahari Vikas Pradhikaran (एचएसवीपी) के एस्टेट ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।
सोमवार को सेक्टर-18 स्थित एचएसवीपी एस्टेट ऑफिस के बाहर विभिन्न सेक्टरों की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के सदस्यों ने धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता हरियाणा सेक्टर्स कॉन्फेडरेशन के संयोजक Baljeet Singh ने की।
कॉन्फेडरेशन के कार्यकारी सदस्य SK Tyagi ने बताया कि सेक्टर-6, 7, 8, 13/17, 24 और 40 की आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पानीपत के इन सेक्टरों में एचएसवीपी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायतें और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद विकास कार्य समय पर पूरे नहीं किए जा रहे, जिससे आरडब्ल्यूए को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दौरान पंचकूला स्थित एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक और रोहतक स्थित प्रशासक के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
बलजीत सिंह ने आरोप लगाया कि एचएसवीपी अधिकारियों का रवैया बेहद सुस्त है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-7 में 27.68 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की फाइल 5 दिसंबर को मुख्य प्रशासक द्वारा जांच के लिए सेक्टर-4 स्थित पीएचईडी के मुख्य अभियंता को भेजी गई थी, लेकिन अब तक यह फाइल वहीं लंबित है।
उन्होंने आगे कहा कि कई सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। कई सीवेज टैंकों पर ढक्कन तक नहीं हैं, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। “सरकार स्वच्छता और सफाई पर जोर देती है, लेकिन यहां कई दिनों से कचरा नहीं उठाया गया और हर तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।
विभिन्न सेक्टरों की आरडब्ल्यूए के अध्यक्षों ने बताया कि सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद कार्य समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
