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प्रशासनिक निष्पक्षता के क्षरण पर प्रताप सिंह बाजवा की चिंता
‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के मंच पर शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी पर उठाए सवाल
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Partap Singh Bajwa ने मोगा के किली चाहलां में आयोजित ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के दौरान मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की राजनीतिक मंच पर मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए प्रशासनिक निष्पक्षता के क्षरण की आशंका जताई।
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि शासन व्यवस्था को राजनीतिक समर्थन का तमाशा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति नागरिकों और सिविल सेवकों के लिए चिंताजनक संदेश है।
बाजवा ने कहा, “जब सरकार और पार्टी के बीच की रेखाएं धुंधली होने लगती हैं, तो सार्वजनिक जीवन की शुचिता सबसे पहले प्रभावित होती है और इसका खामियाजा करदाताओं को भुगतना पड़ता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मान सरकार, केजरीवाल के निर्देशों पर चलते हुए, पंजाब के शासन को आम आदमी पार्टी के राजनीतिक विस्तार में बदल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी बसें छात्रों, मजदूरों, किसानों और रोजाना यात्रा करने वाले आम नागरिकों की सेवा के लिए होती हैं, न कि राजनीतिक भीड़ जुटाने के लिए।
बाजवा ने आरोप लगाया, “जब नागरिक परिवहन की समस्याओं और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, तब सैकड़ों बसों को राजनीतिक प्रदर्शन के लिए मोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। यह शासन नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों के पैसे से किया गया राजनीतिक नाट्य है।”
उन्होंने मांग की कि प्रशासनिक निष्पक्षता और संस्थागत गरिमा को बनाए रखने के लिए स्पष्ट सीमाएं तय की जानी चाहिए।
