हाईकोर्ट ने निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की नियमित जमानत याचिका खारिज की

भ्रष्टाचार मामले में राहत से इनकार, जांच पूरी होने का तर्क नहीं आया काम

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Punjab and Haryana High Court ने निलंबित पंजाब पुलिस डीआईजी Harcharan Singh Bhullar की भ्रष्टाचार मामले में दायर नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने आरोपी की दलीलों को स्वीकार करने से इनकार किया।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह मामला भ्रष्टाचार के एक प्रकरण से जुड़ा हुआ है। याचिका पर सुनवाई Justice Sumeet Goel की पीठ ने की।

याचिकाकर्ता भुल्लर ने अदालत को बताया था कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और अंतिम जांच रिपोर्ट (चार्जशीट) 3 दिसंबर को दाखिल की जा चुकी है, ऐसे में आगे हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी दलील दी कि अभियोजन पक्ष मुख्य रूप से सरकारी गवाहों और शिकायतकर्ता को ही पेश करेगा।

भुल्लर ने कहा कि वह पहले ही सेवा से निलंबित हैं, इसलिए उनके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोई आशंका नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता को हाईकोर्ट के आदेशों के तहत सुरक्षा प्रदान की जा चुकी है।

याचिका में यह तर्क भी दिया गया कि कथित ट्रैप सह-आरोपी से जुड़ा हुआ था और न तो रिश्वत की प्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति हुई और न ही भुल्लर से कोई बरामदगी हुई। इसके अलावा, आरोपी को 24 घंटे से अधिक समय बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने को उन्होंने प्रक्रिया की निष्पक्षता के खिलाफ “गंभीर कानूनी त्रुटि” बताया।

हालांकि, सभी दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने भुल्लर को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि मामले की प्रकृति और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत का कोई आधार नहीं बनता।Screenshot_1261

Edited By: Karan Singh

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