‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर फर्जी एंट्री का आरोप, किसानों ने की जांच की मांग

सिरसा के पोहारका गांव में किसानों की जमीन पर गलत नाम से फसल पंजीकरण का मामला

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सिरसा के पोहारका गांव में किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फर्जी फसल पंजीकरण का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

सिरसा जिले के पोहारका गांव के किसानों ने बुधवार को सरकार के मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर गंभीर त्रुटियों और फर्जी एंट्री का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि कुछ व्यक्तियों, जिनमें कुलदीप सिंह और अमित ढिल्लों शामिल हैं, ने गलत तरीके से अपने नाम पर फसल दर्ज करवा ली है, जिससे वास्तविक किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ और मुआवजे से वंचित होना पड़ रहा है।

इस मामले में ऐलनाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रभावित भूमि में बंसी लाल की करीब 48 कनाल जमीन शामिल है, जो पोहारका गांव, ऐलनाबाद तहसील में स्थित है। इसी तरह की गड़बड़ियां अन्य किसानों—राजेंद्र कुमार (लगभग 9 एकड़) और गुरमीत सिंह (लगभग 1 एकड़)—के मामलों में भी सामने आई हैं।

लखविंदर सिंह औलख, अध्यक्ष, भारतीय किसान एकता (BKE), जो शिकायतकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन में मौजूद थे, ने कहा कि इन फर्जी पंजीकरणों के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। उन्होंने इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग की, ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।

औलख ने आरोप लगाया कि ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल किसानों की सहमति के बिना लागू किया गया था और इसमें गंभीर तकनीकी खामियां हैं। इन खामियों का फायदा उठाकर बेईमान लोग अपने नाम पर फसल दर्ज करवा रहे हैं, जिससे असली किसानों को सरकारी योजनाओं से वंचित होने का खतरा पैदा हो गया है।

शिकायत के अनुसार, वर्षों से स्थानीय किसानों द्वारा खेती की जा रही जमीन को इस वर्ष गलत तरीके से किसी और के नाम पर दर्ज कर दिया गया है।Screenshot_215

Edited By: Karan Singh

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