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एसडी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित, सतत विकास पर मंथन
कॉमर्स, अर्थशास्त्र और प्रबंधन के समन्वय से विकास के नए मॉडल पर चर्चा
एसडी पीजी कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सतत विकास और ‘नेडोनॉमिक्स’ जैसे नए आर्थिक दृष्टिकोण पर विचार साझा किए।
एसडी पीजी कॉलेज में बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के प्रायोजन से ‘सतत विकास के लिए कॉमर्स, अर्थशास्त्र और प्रबंधन का समन्वय’ विषय पर एक दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) एमएम गोयल, पूर्व कुलपति और ‘नेडोनॉमिक्स’ (आवश्यकताओं का अर्थशास्त्र) विचारधारा के संस्थापक, ने शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों के साथ अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन में कुल 168 प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें पश्चिम बंगाल, चेन्नई, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान जैसे विभिन्न राज्यों से आए शोधकर्ता और प्रोफेसर शामिल थे, जिन्होंने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
‘नेडोनॉमिक्स’ विषय पर बोलते हुए प्रो. गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बढ़ते दौर में विकास के मौजूदा मॉडल पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक मॉडल, जो धन संचय और उपभोग पर आधारित हैं, उन्होंने असमानता, पर्यावरणीय क्षति और भौतिक प्रगति तथा मानव कल्याण के बीच बढ़ती खाई को जन्म दिया है।
उन्होंने कहा कि ‘नेडोनॉमिक्स’ सामाजिक विज्ञानों की ‘रानी’ है, जो रणनीति, उपलब्धि और मुक्ति का समन्वय करती है और इस प्रकार सतत विकास के लिए आवश्यक और पर्याप्त दोनों है।
उन्होंने आगे कहा कि सतत विकास केवल एक नीतिगत लक्ष्य नहीं, बल्कि एक सामूहिक नैतिक प्रतिबद्धता है, जिसके लिए सार्थक संवाद, निरंतर नवाचार और सिद्धांत व व्यवहार के बीच मजबूत सेतु बनाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार, डीन अकादमिक अफेयर्स एवं चेयरपर्सन, कंप्यूटर विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय उपस्थित रहे।
इसके अलावा डॉ. शेफाली नागपाल, निदेशक, यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर, भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
