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यूपी में सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में शिक्षक नियुक्तियों की होगी जांच
2000 से 2022 तक की भर्तियों की प्रक्रिया और नियमों के पालन की होगी समीक्षा
उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग के तहत आने वाले सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक नियुक्तियों की जांच के आदेश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी सहायता प्राप्त निजी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच अब की जाएगी।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव एल वेंकटेश्वर लू ने 2 अप्रैल को जारी आदेश में समाज कल्याण विभाग के निदेशक को निर्देश दिया है कि वर्ष 2000 से 11 मई 2022 तक इन स्कूलों में हुई शिक्षक नियुक्तियों की विस्तृत जांच की जाए।
अपने पत्र में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने उल्लेख किया कि 31 मार्च 1992, 31 मार्च 1994 और 27 जुलाई 2010 को जारी सरकारी आदेशों में इन स्कूलों में शिक्षकों के पद सृजित किए गए थे और नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी। हालांकि, पूर्व निरीक्षणों में यह पाया गया कि नियुक्तियां इन सरकारी आदेशों के अनुरूप नहीं की गईं।
विशेष रूप से, चयनित शिक्षकों को संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से स्वीकृति लेने, वेतन और बकाया भुगतान, प्रशिक्षण से छूट और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं।
सरकार ने निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी जाए। इस रिपोर्ट में वर्ष 2000 से 11 मई 2022 के बीच नियुक्त सभी शिक्षकों के बारे में निम्न जानकारी शामिल होगी:
- कुल नियुक्तियों की संख्या
- सरकारी आदेशों के अनुपालन की स्थिति
- चयनित शिक्षकों की BSA से स्वीकृति की स्थिति
- नियुक्ति की तिथि, वेतन और बकाया भुगतान
- नियुक्ति, प्रशिक्षण या छूट से संबंधित अदालत मामलों की स्थिति
- शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन
इसके अलावा, पूरे राज्य में समाज कल्याण विभाग से वित्तीय सहायता प्राप्त 290 निजी स्कूलों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
पीके त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण विभाग ने सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
