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हरियाणा की ग्लोबल सिटी पर गुजरात के निवेशकों की नजर, गुरुग्राम में ₹1 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुजरात दौरे में ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट पर जोर; द्वारका एक्सप्रेसवे के पास 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित होगी आधुनिक टाउनशिप।
हरियाणा सरकार ने गुजरात के औद्योगिक समुदाय के सामने गुरुग्राम की महत्वाकांक्षी ग्लोबल सिटी परियोजना को प्रमुख निवेश अवसर के रूप में पेश किया है। 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित होने वाली इस टाउनशिप में करीब ₹1 लाख करोड़ के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य है। इसे उत्तर भारत के भविष्य के प्रमुख केंद्रीय कारोबारी जिले के रूप में विकसित करने की योजना है।
हरियाणा सरकार गुरुग्राम की महत्वाकांक्षी ग्लोबल सिटी परियोजना के जरिए राज्य में बड़े निवेश आकर्षित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान इस परियोजना को गुजरात के औद्योगिक समुदाय के सामने प्रमुख निवेश अवसर के रूप में पेश किया गया।
राज्य सरकार की योजना ग्लोबल सिटी को उत्तर भारत के एक प्रमुख केंद्रीय कारोबारी जिले (Central Business District यानी CBD) के रूप में विकसित करने की है। 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में प्रस्तावित यह टाउनशिप आधुनिक शहरी सुविधाओं, कारोबारी गतिविधियों और आवासीय विकास को एक ही स्थान पर जोड़ने की अवधारणा पर आधारित है।
₹1 लाख करोड़ निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य
ग्लोबल सिटी परियोजना हरियाणा की निवेश रणनीति का प्रमुख हिस्सा है। इसे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) विकसित कर रहा है।
परियोजना के जरिए करीब ₹1 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने की उम्मीद जताई गई है। राज्य सरकार इसे उद्योगों, कारोबार और आधुनिक शहरी विकास के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि गुजरात में निवेश की काफी संभावनाएं हैं और हरियाणा भी निवेशकों के लिए कई अवसर उपलब्ध कराता है।
उन्होंने ग्लोबल सिटी को भविष्य का शहर बताते हुए कहा कि गुजरात में निवेश आकर्षित करने के राज्य के प्रयासों में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
द्वारका एक्सप्रेसवे के पास विकसित होगी ग्लोबल सिटी
प्रस्तावित ग्लोबल सिटी गुरुग्राम के सेक्टर 36, 36बी, 37, 37ए और 37बी में द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित की जाएगी।
इसका उद्देश्य ऐसी आधुनिक टाउनशिप तैयार करना है, जहां आवासीय सुविधाओं, कार्यस्थलों, मनोरंजन और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल हो।
परियोजना को ‘सिटी विदिन ए सिटी’ यानी शहर के भीतर एक शहर की अवधारणा पर विकसित करने की योजना है। इसका मॉडल दिल्ली के कनॉट प्लेस और मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्रों से प्रेरित बताया गया है।
‘लिव-वर्क-प्ले’ मॉडल पर होगा विकास
ग्लोबल सिटी की योजना ‘लिव-वर्क-प्ले’ और ‘वॉक-टू-वर्क’ जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। इसका अर्थ है कि लोगों को रहने, काम करने और मनोरंजन की सुविधाएं एक ही शहरी क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाएं।
वॉक-टू-वर्क मॉडल के तहत कार्यस्थलों और आवासीय क्षेत्रों के बीच दूरी कम रखने पर जोर दिया जाता है। इससे दैनिक आवागमन का समय घटाने और अधिक सुविधाजनक शहरी जीवन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
इस परियोजना को भविष्य की कारोबारी जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना है, ताकि निवेशकों और कंपनियों को आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा सके।
ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
ग्लोबल सिटी परियोजना में पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचे को भी महत्व दिया गया है। प्रस्तावित योजना में ग्रीन-रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और 50,000 से अधिक पेड़ शामिल हैं।
परियोजना के लिए 3.0 का फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) प्रस्तावित है। FAR किसी भूखंड के कुल क्षेत्रफल की तुलना में उस पर निर्मित किए जा सकने वाले कुल फ्लोर क्षेत्र को दर्शाता है।
इसके अलावा, परियोजना को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 30 मिनट के भीतर की दूरी पर जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बेहतर कनेक्टिविटी इसे कारोबारी गतिविधियों और निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बना सकती है।
गुजरात के निवेशकों को हरियाणा में अवसरों का न्योता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुजरात दौरे का उद्देश्य निवेश के नए अवसर तलाशना और दोनों राज्यों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत करना है।
गुजरात का औद्योगिक समुदाय और हरियाणा की कारोबारी संभावनाएं इस संपर्क अभियान के केंद्र में हैं। ग्लोबल सिटी को निवेशकों के सामने पेश करके हरियाणा सरकार आधुनिक शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और व्यावसायिक विस्तार के लिए पूंजी आकर्षित करना चाहती है।
हालांकि, परियोजना के वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन, बुनियादी ढांचे के विकास और कारोबार की स्थापना के बाद ही किया जा सकेगा।
Key Highlights
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हरियाणा ने गुजरात के औद्योगिक समुदाय के सामने गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी परियोजना पेश की।
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परियोजना 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित करने की योजना है।
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करीब ₹1 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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ग्लोबल सिटी द्वारका एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर 36, 36बी, 37, 37ए और 37बी में विकसित होगी।
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परियोजना ‘सिटी विदिन ए सिटी’ और ‘लिव-वर्क-प्ले’ मॉडल पर आधारित है।
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इसमें 3.0 FAR, ग्रीन-रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और 50,000 से अधिक पेड़ों की योजना है।
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इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 30 मिनट के भीतर पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गुजरात दौरा निवेश और अंतरराज्यीय आर्थिक संबंध मजबूत करने पर केंद्रित रहा।
FAQ Section
1. गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी परियोजना क्या है?
ग्लोबल सिटी गुरुग्राम में प्रस्तावित एक आधुनिक टाउनशिप है, जिसे आवासीय, व्यावसायिक और मनोरंजन सुविधाओं को एक साथ जोड़ने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।
2. ग्लोबल सिटी परियोजना में कितना निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है?
इस परियोजना के जरिए करीब ₹1 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य बताया गया है।
3. ग्लोबल सिटी कहां विकसित होगी?
यह परियोजना गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर 36, 36बी, 37, 37ए और 37बी में विकसित की जाएगी।
4. ग्लोबल सिटी परियोजना की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
इसमें ‘लिव-वर्क-प्ले’ मॉडल, ‘वॉक-टू-वर्क’ सुविधाएं, 3.0 FAR, ग्रीन-रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और 50,000 से अधिक पेड़ों की योजना शामिल है।
5. ग्लोबल सिटी को हवाई अड्डे से जोड़ने की क्या योजना है?
परियोजना को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 30 मिनट के भीतर की दूरी पर जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
6. हरियाणा सरकार गुजरात में ग्लोबल सिटी का प्रचार क्यों कर रही है?
सरकार गुजरात के औद्योगिक समुदाय से निवेश आकर्षित करना और हरियाणा में कारोबार तथा शहरी विकास के अवसरों को बढ़ावा देना चाहती है।
Conclusion
गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी परियोजना हरियाणा की बड़ी निवेश और शहरी विकास योजनाओं में शामिल है। करीब ₹1 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य, आधुनिक कारोबारी सुविधाएं, पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचा और हवाई अड्डे से कनेक्टिविटी इसे संभावित निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश का हिस्सा हैं। अब परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निवेश प्रस्ताव कितनी तेजी से वास्तविक निवेश और विकास कार्यों में बदलते हैं।

