पंजाब विजिलेंस ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, ₹736.96 करोड़ के कथित मनी ट्रेल का दावा

40,000 पन्नों की चार्जशीट और करीब 300 गवाहों के बयानों का हवाला; 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले मामला फिर बना राजनीतिक चर्चा का केंद्र।

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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में चार्जशीट दाखिल की है। आम आदमी पार्टी ने कथित तौर पर ₹736.96 करोड़ के वित्तीय लेन-देन का हवाला देते हुए मामले को लेकर भाजपा और अकाली दल पर निशाना साधा है।

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर विवाद तेज हो गया है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बुधवार को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में चार्जशीट दाखिल की। जांच एजेंसी से जुड़े मामले की जानकारी आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब इकाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साझा की।

AAP के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू के अनुसार, जांच में कथित तौर पर 736.96 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का पता चला है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में शेल कंपनियों, शराब कारोबार और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जुड़े लेन-देन की जांच की गई है। हालांकि, चार्जशीट की पूरी प्रति तत्काल उपलब्ध नहीं थी और विजिलेंस अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी।

बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ 40,000 पन्नों की चार्जशीट का दावा

बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विजिलेंस ब्यूरो ने लगभग 40,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। उनके मुताबिक, इसमें करीब 300 गवाहों के बयान शामिल हैं।

AAP नेता ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के बीच पंजाब में अकाली दल-भाजपा गठबंधन की सरकार के कार्यकाल के दौरान मजीठिया की संपत्ति में कथित रूप से काफी वृद्धि हुई थी। इसी अवधि में पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी व्यापक चिंताएं सामने आई थीं।

हालांकि, ये आरोप जांच और कानूनी कार्यवाही से संबंधित हैं। आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता; मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

इन कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की भी जांच

पन्नू के अनुसार, जांच के दौरान कई कंपनियों और व्यावसायिक संस्थाओं से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। इनमें शामिल हैं:

  • Saraya Industries Private Limited

  • Peregrine Saraya Organic Private Limited

  • SD Beverages Private Limited

  • A to Z Transport

  • AD Enterprises

  • United Wines

  • Akash Enterprises

  • UW Enterprises Private Limited

  • AD Enterprises Private Limited

  • Akash Spirits Private Limited

  • Nawanshahr Power Private Limited

AAP नेता ने दावा किया कि इन कंपनियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कथित मनी ट्रेल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन संस्थाओं के नाम जांच के संदर्भ में सामने आने का अर्थ अपने आप में यह नहीं है कि प्रत्येक कंपनी ने कोई गैरकानूनी गतिविधि की है।

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और अकाली दल पर साधा निशाना

चार्जशीट की खबर सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर राजनीतिक हमला बोला।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन करके राज्य में नशे की समस्या को दोबारा बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने मजीठिया से जुड़े कथित 736 करोड़ रुपये के मामले का जिक्र करते हुए सवाल उठाए और कहा कि पंजाब के लोग नशे के खिलाफ किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे जो इस समस्या को बढ़ावा देता हो।

केजरीवाल की ये टिप्पणियां राजनीतिक आरोप हैं। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और उनकी सत्यता का निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

जून 2025 में दर्ज हुई थी FIR

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ यह मामला पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली में 25 जून 2025 को दर्ज किया था।

मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(e) और 13(2) के साथ भारतीय दंड कानून की धारा 120-B के तहत आपराधिक साजिश से संबंधित प्रावधान का उल्लेख किया गया है।

बलतेज पन्नू ने बताया कि सह-आरोपी हरप्रीत सिंह गुलाटी की गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी रही। उनके मुताबिक, नवंबर 2025 और जनवरी 2026 में पूरक चार्जशीट भी दाखिल की गईं।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान मजीठिया के करीबी रिश्तेदार बताए गए गजपत सिंह ग्रेवाल का नाम सामने आया और उन्हें कथित आपराधिक साजिश से संबंधित धारा के तहत नामजद किया गया। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और न्यायिक निष्कर्ष अलग-अलग महत्व रखते हैं।

कनाडा में बताए जा रहे दो सहयोगियों के प्रत्यर्पण की मांग

AAP ने आरोप लगाया कि मजीठिया के दो सहयोगी सतप्रीत सिंह उर्फ सट्टा और परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी फिलहाल कनाडा में हैं।

बलतेज पन्नू के अनुसार, पंजाब सरकार केंद्र सरकार से उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आग्रह कर रही है, ताकि कथित अंतरराष्ट्रीय नशा नेटवर्क से जुड़े संभावित संबंधों की जांच की जा सके।

यह आरोप और प्रत्यर्पण संबंधी दावा भी AAP की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। संबंधित व्यक्तियों की स्थिति, आरोपों और किसी संभावित प्रत्यर्पण कार्रवाई की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी

पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट और उससे जुड़े राजनीतिक आरोप राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकते हैं।

आम आदमी पार्टी और बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच टकराव 2017 के विधानसभा चुनावों के समय से राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा है। इस विवाद में अदालतों में कानूनी लड़ाई, मानहानि से जुड़े मुकदमे और राजनीतिक अभियानों जैसी घटनाएं भी शामिल रही हैं।

आने वाले महीनों में इस मामले की कानूनी प्रगति, जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं पंजाब के चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।

Key Highlights

  • पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में चार्जशीट दाखिल की।

  • AAP के अनुसार, जांच में ₹736.96 करोड़ के कथित वित्तीय लेन-देन का पता चला है।

  • बलतेज पन्नू ने लगभग 40,000 पन्नों की चार्जशीट और करीब 300 गवाहों के बयानों का दावा किया।

  • मामले की FIR 25 जून 2025 को मोहाली में दर्ज की गई थी।

  • जांच में कई कंपनियों और व्यावसायिक संस्थाओं के लेन-देन की पड़ताल की गई।

  • AAP ने कथित नशा नेटवर्क से जुड़े दो व्यक्तियों के प्रत्यर्पण की मांग का भी उल्लेख किया।

  • 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।

FAQ Section

1. बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ किस मामले में चार्जशीट दाखिल हुई है?

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में चार्जशीट दाखिल की है।

2. ₹736.96 करोड़ का मामला क्या है?

AAP के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू के अनुसार, जांच में शेल कंपनियों, शराब कारोबार और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़ा कथित मनी ट्रेल सामने आया है। इस दावे की अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

3. मजीठिया के खिलाफ FIR कब दर्ज हुई थी?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून 2025 को मोहाली में FIR दर्ज की थी।

4. चार्जशीट में कितने पन्ने और गवाह बताए गए हैं?

AAP नेता बलतेज पन्नू ने लगभग 40,000 पन्नों की चार्जशीट और करीब 300 गवाहों के बयानों का दावा किया है।

5. क्या चार्जशीट दाखिल होने का मतलब दोष साबित होना है?

नहीं। चार्जशीट जांच एजेंसी द्वारा अदालत में पेश की गई सामग्री और आरोपों का हिस्सा होती है। दोष सिद्ध होने का फैसला न्यायालय करता है।

Conclusion

बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की चार्जशीट ने राज्य में भ्रष्टाचार, कथित वित्तीय अनियमितताओं और नशे के मुद्दे पर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। AAP ने इसे अपनी कार्रवाई का महत्वपूर्ण कदम बताया है, जबकि मामले से जुड़े आरोपों का अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस मामले की आगे की जांच और अदालत में होने वाली कार्यवाही पर राजनीतिक और सार्वजनिक नजर बनी रह सकती है।Screenshot_242

Edited By: Atul Sharma

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