- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- हरियाणा के करनाल में धान खरीद पर सवाल: यमुना में डूबी जमीन पर फसल का रजिस्ट्रेशन, जांच शुरू
हरियाणा के करनाल में धान खरीद पर सवाल: यमुना में डूबी जमीन पर फसल का रजिस्ट्रेशन, जांच शुरू
‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर संदिग्ध एंट्री मिलने से हड़कंप; यूपी से धान आने के आरोपों में पहले ही दो FIR दर्ज, करीब 13,000 किसान अब तक मंडियों में नहीं लाए फसल।
हरियाणा के करनाल जिले में धान खरीद प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितता का एक और मामला सामने आया है। अधिकारियों को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर ऐसी जमीन पर धान की फसल का रजिस्ट्रेशन मिला है, जो कथित तौर पर यमुना के पानी में डूबी हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले उत्तर प्रदेश से धान लाने के आरोपों में घरौंडा और इंद्री में दो FIR दर्ज हो चुकी हैं।
हरियाणा के करनाल जिले में धान खरीद प्रक्रिया को लेकर कथित अनियमितताओं की जांच के बीच एक नया मामला सामने आया है। जिला प्रशासन को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (MFMB) पोर्टल पर ऐसी जमीन पर धान की फसल दर्ज होने की जानकारी मिली है, जो यमुना नदी के पानी में डूबी हुई बताई जा रही है।
प्रशासन ने संदिग्ध रजिस्ट्रेशन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि जमीन के डूबे होने के बावजूद पोर्टल पर फसल की एंट्री कैसे हुई और उसका सत्यापन किस प्रक्रिया के तहत किया गया।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब जिले में धान खरीद के दौरान उत्तर प्रदेश से फसल लाकर स्थानीय मंडियों में बेचने के आरोपों की भी जांच चल रही है।
यमुना में डूबी जमीन पर धान की फसल दर्ज होने का मामला
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच में संदिग्ध रजिस्ट्रेशन, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और पोर्टल पर फसल दर्ज करने तथा उसके सत्यापन की प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।
करनाल के अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रैया ने कहा कि पानी में डूबी जमीन पर फसल दर्ज होने के मामले में संभावित चूक का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह जांच का विषय है कि रजिस्ट्रेशन में गलती हुई, सत्यापन प्रक्रिया में कोई कमी रही या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन किया गया।
यूपी से धान आने के आरोपों में दो FIR दर्ज
धान खरीद में कथित गड़बड़ियों को लेकर करनाल जिले में पहले ही दो FIR दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से एक घरौंडा और दूसरी इंद्री में दर्ज की गई है। दोनों मामलों में उत्तर प्रदेश से धान लाकर मंडियों में पहुंचाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर खरीद प्रक्रिया की निगरानी और कथित अनियमितताओं की पड़ताल जारी है। हालांकि, मामलों में आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।
13 हजार किसान अभी तक मंडियों में नहीं लाए धान
जानकारी के अनुसार, ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत करीब 13,000 किसान अभी तक अपनी फसल लेकर अनाज मंडियों में नहीं पहुंचे हैं।
ऐसे में प्रशासन के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि पंजीकृत फसल वास्तव में कहां और कितनी मात्रा में उपलब्ध है तथा खरीद प्रक्रिया में दर्ज आंकड़ों और जमीनी स्थिति के बीच कोई अंतर तो नहीं है।
धान खरीद से जुड़े मामलों की जांच उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा के निर्देशों पर शुरू की गई है।
यूपी के धान को MSP पर बेचने के आरोप
इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि रोकथाम के उपायों के बावजूद उत्तर प्रदेश से धान जिले की मंडियों में पहुंच रहा है। आरोप है कि कुछ व्यापारी उत्तर प्रदेश के किसानों से कम कीमत पर धान खरीदकर उसे स्थानीय मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच रहे हैं।
यदि जांच में ऐसे आरोप साबित होते हैं, तो इससे स्थानीय किसानों की खरीद प्रक्रिया और MSP पर अपनी उपज बेचने के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
भारतीय किसान यूनियन ने निष्पक्ष जांच की मांग की
भारतीय किसान यूनियन (सर छोटू राम) के प्रवक्ता बहादुर सिंह मेहला ने धान खरीद प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी धान खरीद के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई थीं। उनका दावा है कि इस बार भी कुछ व्यापारी कथित तौर पर अधिकारियों की मदद से दूसरे राज्य से धान लाकर MSP पर बेचकर लाभ कमा रहे हैं, जबकि स्थानीय किसान अपनी फसल की खरीद का इंतजार कर रहे हैं।
मेहला ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के पंजीकरण नंबर वाले कई वाहन गेट पास के बिना धान लेकर मंडियों में प्रवेश कर रहे हैं।
इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच के निष्कर्षों पर टिकी आगे की कार्रवाई
करनाल में संदिग्ध फसल रजिस्ट्रेशन और दूसरे राज्य से धान आने के आरोपों ने खरीद प्रक्रिया की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन जमीन के रिकॉर्ड, पोर्टल पर दर्ज जानकारी और फसल के सत्यापन की प्रक्रिया की जांच कर रहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या किसी अधिकारी, व्यापारी या अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
Key Highlights
-
करनाल में यमुना के पानी में डूबी जमीन पर धान की फसल का रजिस्ट्रेशन मिलने का मामला सामने आया।
-
‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल की संदिग्ध एंट्री की जांच शुरू हुई।
-
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रैया ने जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही।
-
यूपी से धान आने के आरोपों में घरौंडा और इंद्री में दो FIR दर्ज हैं।
-
MFMB पोर्टल पर पंजीकृत करीब 13,000 किसान अभी तक मंडियों में फसल लेकर नहीं पहुंचे।
-
भारतीय किसान यूनियन (सर छोटू राम) ने खरीद प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की।
-
यूपी से धान खरीदकर MSP पर बेचने और बिना गेट पास मंडियों में प्रवेश के आरोप भी लगाए गए हैं; इनकी पुष्टि जांच के बाद होगी।
FAQ Section
1. करनाल में धान खरीद को लेकर कौन-सा नया मामला सामने आया है?
‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर ऐसी जमीन पर धान की फसल का रजिस्ट्रेशन मिलने का मामला सामने आया है, जो यमुना के पानी में डूबी हुई बताई जा रही है।
2. मामले की जांच कौन कर रहा है?
जिला प्रशासन ने उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा के निर्देशों पर जांच शुरू की है। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रैया के अनुसार, जांच के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
3. यूपी से धान आने के मामले में कितनी FIR दर्ज हुई हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, घरौंडा और इंद्री में एक-एक FIR दर्ज की गई है।
4. कितने किसान अभी तक मंडियों में फसल लेकर नहीं पहुंचे हैं?
‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत करीब 13,000 किसान अभी तक अपनी फसल लेकर मंडियों में नहीं पहुंचे हैं।
5. उत्तर प्रदेश से धान लाकर MSP पर बेचने के क्या आरोप हैं?
सूत्रों और किसान संगठन के प्रतिनिधि ने आरोप लगाया है कि कुछ व्यापारी उत्तर प्रदेश से कम कीमत पर धान खरीदकर स्थानीय मंडियों में MSP पर बेच रहे हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
6. भारतीय किसान यूनियन ने क्या मांग की है?
भारतीय किसान यूनियन (सर छोटू राम) ने धान खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
Conclusion
करनाल में धान खरीद प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध फसल रजिस्ट्रेशन मिलने से सरकारी पोर्टल पर दर्ज जानकारी और उसके सत्यापन की प्रक्रिया की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। उत्तर प्रदेश से धान आने के आरोपों और पहले से दर्ज FIR के बीच प्रशासन के सामने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने की चुनौती है। जांच के निष्कर्ष यह तय करने में अहम होंगे कि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है या नहीं और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

