हरियाणा में बिना चुनाव BJP-कांग्रेस आमने-सामने, SIR को लेकर सड़कों पर तेज हुई सियासत

रोहतक में दो सप्ताह के भीतर दो बार भिड़े दोनों दलों के कार्यकर्ता; BJP की पदयात्राओं के ऐलान के बीच कांग्रेस ने भी प्रदर्शन, ज्ञापन और पुतला दहन के जरिए तेज की राजनीतिक गतिविधियां।

On

हरियाणा में फिलहाल कोई नजदीकी चुनाव नहीं होने के बावजूद सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने BJP पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं, जबकि BJP ने इन आरोपों का जवाब देने के लिए जिलों में पदयात्राएं निकालने की घोषणा की है। रोहतक में दोनों दलों के कार्यकर्ता हाल के दिनों में दो बार आमने-सामने आ चुके हैं।

हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान अब सड़कों पर भी दिखाई दे रही है। प्रदर्शन, धरने, पुतला दहन और नारेबाजी के जरिए दोनों दल एक-दूसरे के आरोपों का जवाब दे रहे हैं। खास बात यह है कि राज्य में फिलहाल कोई नजदीकी चुनाव निर्धारित नहीं है, फिर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

इस टकराव का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) है। कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर BJP पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगा रही है। वहीं, BJP ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए जिलों में पदयात्राएं आयोजित करने का फैसला किया है।

SIR बना BJP और कांग्रेस के बीच टकराव का प्रमुख मुद्दा

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूची को लेकर गड़बड़ियां हो सकती हैं और उसने इस मुद्दे पर BJP को घेरा है।

दूसरी ओर, BJP कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक बता रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे पर जनता के बीच गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है।

BJP के मीडिया प्रभारी प्रवीण अत्रे ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य SIR को लेकर कांग्रेस की ओर से पेश किए जा रहे कथित गलत विमर्श का जवाब देना है।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। अत्रे के मुताबिक, कांग्रेस जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। ये BJP की ओर से लगाए गए आरोप हैं; इस मामले में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

1 नवंबर को रोहतक में पदयात्रा की तैयारी

BJP ने कांग्रेस के आरोपों के जवाब में जमीनी स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने का फैसला किया है। पार्टी ने विभिन्न जिलों में पदयात्राएं निकालने की घोषणा की है।

रिपोर्ट के अनुसार, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 1 नवंबर को रोहतक में पदयात्रा का नेतृत्व करने की उम्मीद है।

सत्तारूढ़ पार्टी के इस कदम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हरियाणा में BJP वर्ष 2014 से सत्ता में रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक, विपक्ष की तरह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना सत्तारूढ़ दल की सामान्य राजनीतिक रणनीति से अलग दिखाई देता है।

रोहतक में दो सप्ताह के भीतर दो बार आमने-सामने आए कार्यकर्ता

हरियाणा की राजनीति में रोहतक एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। पिछले दो सप्ताह के भीतर यहां BJP और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच दो बार आमना-सामना हुआ। दोनों मौकों पर पुलिस की बैरिकेडिंग ने सीधे टकराव को रोकने में भूमिका निभाई।

10 अक्टूबर: कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

पहला टकराव 10 अक्टूबर को हुआ, जब BJP महिला मोर्चा ने अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

BJP की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में जुलूस निकाले जाने की तैयारी के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BJP द्वारा लगाए गए टेंट के भीतर प्रतीकात्मक धरना भी दिया।

पुलिस ने BJP का जुलूस पहुंचने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया। इसके बावजूद दोनों दलों के कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के अलग-अलग ओर से नारेबाजी करते रहे।

24 अक्टूबर: विधायक के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश

दूसरी घटना 24 अक्टूबर को हुई। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के नेतृत्व में BJP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की।

इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। इस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने BJP नेताओं को काले झंडे दिखाए, जबकि BJP कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए।

पुलिस की मौजूदगी के बीच दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव देखने को मिला।

कांग्रेस भी प्रदर्शनों के जरिए बना रही दबाव

कांग्रेस पहले जनमत तैयार करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अधिक निर्भर रहती थी, लेकिन अब पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनों के जरिए लामबंद करने पर भी जोर दे रही है।

पार्टी ज्ञापन सौंपने, विरोध प्रदर्शन करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले जलाने जैसे तरीकों के जरिए SIR के मुद्दे को उठा रही है।

इससे हरियाणा में BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक नया रूप सामने आया है, जिसमें दोनों दल सार्वजनिक प्रदर्शनों के जरिए अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

चुनाव से पहले ही तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां

राज्य में तत्काल कोई चुनाव न होने के बावजूद दोनों दलों की गतिविधियां यह दिखाती हैं कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।

BJP जहां कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए पदयात्राओं और प्रदर्शनों पर जोर दे रही है, वहीं कांग्रेस SIR को लेकर सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी पर सवाल उठा रही है।

आगे की राजनीतिक गतिविधियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों दल इस मुद्दे को किस तरह उठाते हैं और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर क्या तथ्य सामने आते हैं।

Key Highlights

  • हरियाणा में BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रदर्शन तेज हुए।

  • मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) टकराव का प्रमुख मुद्दा है।

  • कांग्रेस ने BJP पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं।

  • BJP ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए जिलों में पदयात्राएं निकालने की घोषणा की।

  • BJP अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 1 नवंबर को रोहतक में पदयात्रा का नेतृत्व करने की उम्मीद है।

  • रोहतक में 10 और 24 अक्टूबर को दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आए।

  • कांग्रेस प्रदर्शनों, ज्ञापन और पुतला दहन के जरिए SIR का मुद्दा उठा रही है।

  • BJP और कांग्रेस के दावों तथा आरोपों के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

FAQ Section

1. हरियाणा में BJP और कांग्रेस के बीच टकराव का मुख्य मुद्दा क्या है?

दोनों दलों के बीच टकराव का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है। कांग्रेस ने BJP पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं, जबकि BJP इन आरोपों को खारिज कर रही है।

2. BJP की रोहतक पदयात्रा कब प्रस्तावित है?

रिपोर्ट के अनुसार, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 1 नवंबर को रोहतक में पदयात्रा का नेतृत्व करने की उम्मीद है।

3. रोहतक में BJP और कांग्रेस के कार्यकर्ता कब आमने-सामने आए?

दोनों दलों के कार्यकर्ता 10 अक्टूबर और 24 अक्टूबर को आमने-सामने आए। दोनों घटनाओं के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी।

4. BJP ने SIR पर कांग्रेस के आरोपों का क्या जवाब दिया?

BJP के मीडिया प्रभारी प्रवीण अत्रे ने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताया। उन्होंने चुनाव आयोग के अदालत में दाखिल हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

5. कांग्रेस SIR के मुद्दे पर क्या कर रही है?

कांग्रेस प्रदर्शन, ज्ञापन और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले जलाने जैसे तरीकों से SIR के मुद्दे को उठा रही है।

Conclusion

हरियाणा में BJP और कांग्रेस के बीच SIR को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रोहतक में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हुए आमने-सामने के घटनाक्रम और प्रस्तावित पदयात्राएं इस बहस को सार्वजनिक मंच पर ले आई हैं। जहां BJP कांग्रेस के आरोपों का विरोध कर रही है, वहीं कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावों और चुनाव आयोग से जुड़े तथ्यों को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण होगा।


Screenshot_255

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

पंजाब में अकाली दल (वारिस पंजाब दे) का बड़ा फैसला, सभी जिला प्रधान तत्काल प्रभाव से हटाए

Advertisement

नवीनतम

पंजाब में अकाली दल (वारिस पंजाब दे) का बड़ा फैसला, सभी जिला प्रधान तत्काल प्रभाव से हटाए पंजाब में अकाली दल (वारिस पंजाब दे) का बड़ा फैसला, सभी जिला प्रधान तत्काल प्रभाव से हटाए
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने अपने मौजूदा संगठनात्मक ढांचे को भंग करते हुए सभी जिला प्रधानों को तत्काल प्रभाव...
हरियाणा के PGIMS रोहतक में प्री-कंसेप्शन काउंसलिंग क्लिनिक शुरू, गर्भधारण से पहले होगी स्वास्थ्य जांच
हरियाणा में बिना चुनाव BJP-कांग्रेस आमने-सामने, SIR को लेकर सड़कों पर तेज हुई सियासत
पंजाब यूनिवर्सिटी में ABVP के कार्यक्रम का विरोध, RSS को मुख्य अतिथि बुलाने पर हंगामा; 12 लोग हिरासत में
हरियाणा के करनाल में धान खरीद पर सवाल: यमुना में डूबी जमीन पर फसल का रजिस्ट्रेशन, जांच शुरू
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software