हरियाणा में 270 से ज्यादा सरकारी प्राइमरी स्कूलों का नाम बदला, पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई

157 स्कूल बने GCMEEEPS, 45 संस्कृत मॉडल स्कूलों को भी नई श्रेणी में शामिल किया गया; शिक्षकों की तैनाती स्क्रीनिंग प्रक्रिया के जरिए होगी।

On

हरियाणा सरकार ने सरकारी प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 270 से अधिक स्कूलों का पुनर्वर्गीकरण किया है। इन स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई अनिवार्य होगी। दूसरी कक्षा से हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन भी होंगे।

हरियाणा में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 270 से अधिक सरकारी प्राथमिक स्कूलों को नई श्रेणियों में शामिल किया गया है।

इनमें सरकारी मुख्यमंत्री उत्कृष्ट एवं प्रारंभिक अंग्रेजी प्राथमिक स्कूल (Government Chief Minister Excellence & Early English Primary Schools यानी GCMEEEPS) और सरकारी मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल (Government Model Sanskriti Primary Schools यानी GMSPS) शामिल हैं।

नई व्यवस्था के तहत संबंधित स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराई जाएगी। साथ ही, ये स्कूल सह-शिक्षा वाले होंगे, यानी इनमें लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ सकेंगे।

270 से ज्यादा स्कूलों का हुआ पुनर्वर्गीकरण

स्कूल शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 157 सरकारी प्राथमिक स्कूलों को GCMEEEPS के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया गया है। इनमें कुछ सरकारी कन्या प्राथमिक स्कूल भी शामिल हैं। ये स्कूल PM SHRI या CMEEE माध्यमिक स्कूलों से जुड़े हुए हैं।

इसके अलावा, CMEEE सीनियर सेकेंडरी स्कूलों से जुड़े 45 सरकारी मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों को भी GCMEEEPS श्रेणी में शामिल किया गया है।

वहीं, मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूलों से जुड़े 77 सरकारी प्राथमिक स्कूलों को सरकारी मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल (GMSPS) के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया गया है।

पहली कक्षा से अंग्रेजी, दूसरी से हिंदी और अंग्रेजी के अलग सेक्शन

नई व्यवस्था में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराई जाएगी। अधिसूचना के अनुसार, दूसरी कक्षा से हिंदी माध्यम और अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग-अलग सेक्शन होंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से अंग्रेजी भाषा में शिक्षा उपलब्ध कराना और साथ ही हिंदी माध्यम में पढ़ाई का विकल्प बनाए रखना है।

सरकार की इस पहल से संबंधित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भाषा के विकल्प के साथ बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।

GCMEEEPS स्कूलों में अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा

अधिसूचना के अनुसार, GCMEEEPS स्कूलों में निर्धारित नियमित फंड के अलावा विद्यार्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क या वित्तीय योगदान नहीं लिया जाएगा।

वहीं, GMSPS स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से विद्यालय विकास निधि (Vidyalaya Vikas Nidhi) प्राप्त की जाएगी। यह व्यवस्था पहले से सरकारी मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों पर लागू प्रावधानों के अनुरूप होगी।

इस तरह दोनों श्रेणियों के स्कूलों के लिए शुल्क और विकास निधि से जुड़े अलग-अलग प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।

शिक्षकों की तैनाती स्क्रीनिंग प्रक्रिया से होगी

नई श्रेणियों में शामिल स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह प्रक्रिया मॉडल संस्कृति स्कूलों, PM SHRI स्कूलों और CMEEE स्कूलों में लागू व्यवस्था के अनुरूप होगी।

इस कदम का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपयुक्त स्टाफ की तैनाती करना है।

हालांकि, स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।

शिक्षक संघ ने फैसले का स्वागत किया, स्टाफ की कमी पर जताई चिंता

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हरियाणा के प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया। उनके अनुसार, इससे विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि योजना के बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्राथमिक स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।

उन्होंने शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी तैनाती को चिंता का विषय बताया। उनके मुताबिक, यदि स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होगा, तो नई व्यवस्था के अपेक्षित परिणाम हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

Key Highlights

  • हरियाणा में 270 से अधिक सरकारी प्राथमिक स्कूलों का पुनर्वर्गीकरण किया गया।

  • 157 स्कूलों को GCMEEEPS श्रेणी में शामिल किया गया।

  • 45 सरकारी मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों को भी GCMEEEPS बनाया गया।

  • 77 स्कूलों को सरकारी मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल (GMSPS) के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया गया।

  • पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होगी।

  • दूसरी कक्षा से हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन होंगे।

  • GCMEEEPS स्कूलों में निर्धारित नियमित फंड के अलावा अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

  • GMSPS स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से विद्यालय विकास निधि लागू होगी।

  • शिक्षकों की तैनाती स्क्रीनिंग प्रक्रिया के जरिए होगी।

  • शिक्षक संघ ने फैसले का स्वागत करते हुए पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता पर जोर दिया।

FAQ Section

1. हरियाणा में कितने सरकारी प्राथमिक स्कूलों का पुनर्वर्गीकरण किया गया है?

राज्य सरकार ने 270 से अधिक सरकारी प्राथमिक स्कूलों का पुनर्वर्गीकरण किया है।

2. GCMEEEPS का क्या मतलब है?

GCMEEEPS का पूरा नाम Government Chief Minister Excellence & Early English Primary Schools है। हिंदी में इसे सरकारी मुख्यमंत्री उत्कृष्ट एवं प्रारंभिक अंग्रेजी प्राथमिक स्कूल कहा जा सकता है।

3. क्या इन स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होगी?

हां, संबंधित स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का प्रावधान किया गया है। दूसरी कक्षा से हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन होंगे।

4. क्या GCMEEEPS स्कूलों में अतिरिक्त फीस देनी होगी?

अधिसूचना के अनुसार, निर्धारित नियमित फंड के अलावा विद्यार्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क या वित्तीय योगदान नहीं लिया जाएगा।

5. GMSPS स्कूलों में विद्यालय विकास निधि कब से लागू होगी?

GMSPS स्कूलों में विद्यालय विकास निधि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्राप्त की जाएगी।

6. इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति कैसे होगी?

शिक्षकों की तैनाती स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से होगी। यह प्रक्रिया मॉडल संस्कृति, PM SHRI और CMEEE स्कूलों में अपनाई जाने वाली व्यवस्था के अनुरूप होगी।

Conclusion

हरियाणा सरकार का यह फैसला सरकारी प्राथमिक शिक्षा में अंग्रेजी माध्यम, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम और दूसरी कक्षा से हिंदी व अंग्रेजी के अलग सेक्शन की व्यवस्था विद्यार्थियों को भाषा के विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास है। हालांकि, योजना की सफलता के लिए स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करना भी जरूरी होगा।Screenshot_252

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

हरियाणा के करनाल में धान खरीद पर सवाल: यमुना में डूबी जमीन पर फसल का रजिस्ट्रेशन, जांच शुरू

Advertisement

नवीनतम

हरियाणा के करनाल में धान खरीद पर सवाल: यमुना में डूबी जमीन पर फसल का रजिस्ट्रेशन, जांच शुरू हरियाणा के करनाल में धान खरीद पर सवाल: यमुना में डूबी जमीन पर फसल का रजिस्ट्रेशन, जांच शुरू
हरियाणा के करनाल जिले में धान खरीद प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितता का एक और मामला सामने आया है। अधिकारियों...
पंजाब के CM भगवंत मान ने सरिंह गांव को विकास कार्यों के लिए दिए ₹51 लाख, महिलाओं की किस्त पर भी किया बड़ा ऐलान
हरियाणा की ग्लोबल सिटी पर गुजरात के निवेशकों की नजर, गुरुग्राम में ₹1 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के उद्घाटन समारोह में क्यों नहीं दिखे पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह? उठे सवाल
पंजाब पुलिस के 971 अधिकारियों ने पूरी की NDPS जांच की विशेष ट्रेनिंग, नशे से जुड़े मामलों की जांच होगी मजबूत
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software